सगुन आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर
हमारे यहाँ दाहोद (गुजरात) से डॉ आते है। (7024737851) हंस आयुर्वेदिक के द्वारा फुल बॉडी चेक अप गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार दोप. 2 बजे से सायं 6 बजे तक, अत्यन्त आधुनिक टेक्नोलॉजी मशीन द्वारा सभी रोगों की जाँच करके आयुर्वेदिक दवाई से ईलाज किया जाता है। बॉडी चेक अप- 38 विभिन्न प्रकार की बॉडी रिपोर्ट जांच । ब्लड, मल, मूत्र, की आवश्यकता नहीं । दर्द बिना जांच । सभी रोगों के लिये 100% आयुर्वेदिक दवाईयाँ मिलती है। रोग, अनिद्रा, गैस, ऐसीडिटी, पथरी, मोटापा, चिंतारोग, श्वास के रोग, दाद, खाज, खुजली, मानसिक रोग, सिर दर्द, गठिया रोग, कैंसर, जोड़ों का दर्द, पुरानी सर्दी-खांसी, बुखार, हस, मस्सा, एलर्जी, लकवा, त्वचा रोग, कब्ज, शुगर, स्त्री-पुरूषों के गुप्त रोग, आँखों के समस्या, सोरायसिस, बीपी, शरीर पर सूजन आदि। रजिस्ट्रेशन फीस 500/-रू.- स्त्रियों को होने वाली मासिक तथा सफेद पानी की समस्या, कमर दर्द, शरीरी एवं मानसिक कमजोरी इत्यादि रोग आदि।

रतलाम
पिपलोदा भारत सरकार द्वारा किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए एचपीवी (ह्यूमनपैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपलोदा में किया गया। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारम्भ देश के प्रधानमंत्री द्वारा किया गया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी वर्चुअल माध्यम से इसका शुभारंभ किया।

इसी क्रम में दोपहर 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपलोदा में भी कार्यक्रम आयोजित कर एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के दौरान कुल आठ बच्चियाँ स्वास्थ्य केंद्र पहुँचीं, जिनमें से चार बच्चियाँ टीकाकरण के लिए पात्र पाई गईं। जिनकों एएनएम द्वारा टीका लगाया गया है शेष बच्चियों में दो की आयु 15 वर्ष से अधिक तथा दो बच्चियों की आयु 14 वर्ष से कम होने के कारण उन्हें टीका नहीं लगाया गया। यह टीका उन किशोरियों को लगाया जाता है जिनकी आयु 14 वर्ष पूरी हो चुकी हो और 15 वर्ष से कम हो।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी वैक्सीन (ह्यूमन पैपीलौमा वयरस वैक्सीन ) किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक पाई जाती है। इसी खतरे को कम करने के लिए सरकार द्वारा इस आयु वर्ग की बच्चियों को यह टीका लगाने का अभियान चलाया जा रहा है।

सरकार द्वारा यह वैक्सीन अब निःशुल्क (फ्री ऑफ कॉस्ट) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई जा रही है। टीकाकरण के लिए बच्ची को केवल आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ स्वास्थ्य केंद्र आना होगा। टीका लगने के बाद तत्काल ऑनलाइन यूवीन पोर्टल के माध्यम से प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) भी प्रदान किया जाएगा। इस दौरान बीएमओ पिपलोदा डॉ. पवन पाटीदार ने बताया की इस अवसर पर पिपलोदा की प्रिया राठौर, आयुषी परिहार, दीपिका प्रजापत, खुशी चौहान को टिके लगाए गए, सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पिपलोदा में यह टीकाकरण प्रतिदिन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक बच्चियाँ इसका लाभ ले सकें।

कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष पति पार्षद श्याम बिहारी पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ संध्या बलसारे सीएमएचओ व लोकेश वैष्णव सीपीएससी सलाहकार,मालती बीजवाल डॉ आदित्य रंजन सैनी,डॉ अजय शर्मा,बीपीएम अनिल डूद्वेल, बीसीएम कवलाल पाटीदार,बीईई राम सिंह खराड़ी,एनएमए आजाद पाटीदार,मलेरिया सुपरवाइजर अशोक पोरवाल,आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं स्वास्थ्य विभाग का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।साथ ही कायाकल्प फाइनल असेसमेंट के लिए आए डॉ. निलेश गर्ग भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र की सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएँ, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव हो सके।
रतलाम
मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य-संरक्षक न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दूरदर्शी नेतृत्व तथा प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल मार्गदर्शन में “Mediation for Nation Campaign 2-0 के अंतर्गत जिला न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीशगण हेतु राज्य स्तरीय रेफरल संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह अभियान सर्वाेच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (Mediation and Conciliation Project Committee) द्वारा प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की समय पर पहचान, प्रभावी रेफरल एवं शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम चरण 14 फरवरी को जबलपुर एवं भोपाल संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु तथा द्वितीय चरण 28 फरवरी को इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु आयोजित किया गया, जिससे राज्य की संपूर्ण जिला न्यायपालिका को सम्मिलित किया गया। प्रशिक्षण सत्र ऑनलाइन माध्यम से श्रीमती गिरिबाला सिंह, पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, भोपाल एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक, मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति द्वारा संचालित किए गए। प्रशिक्षण सत्रों में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रभावी रेफरल ही सफल मध्यस्थता प्रणाली की आधारशिला है। समय पर एवं सुविचारित रेफरल से न केवल सौहार्दपूर्ण समझौते की संभावना बढ़ती है, बल्कि न्यायालयों का बहुमूल्य समय भी बचता है, पक्षकारों के मध्य वैमनस्य में कमी आती है तथा न्याय वितरण प्रणाली के प्रति जन-विश्वास सुदृढ़ होता है। न्यायिक अधिकारियों को प्रारंभिक अवस्था में ही मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की पहचान करने के लिए संवेदनशील बनाया गया, ताकि विवाद अनावश्यक रूप से लंबित एवं विवादास्पद न बनें। सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सुमन श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के 622 न्यायिक अधिकारियों को 40 घंटे के सघन मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त 285 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर सामुदायिक मध्यस्थता संचालित करने हेतु प्रशिक्षित किया गया है, जिससे छोटे-छोटे विवाद समुदाय स्तर पर ही सुलझाए जा सकें और न्यायालयों तक न पहुँचें। उन्होंने आगे बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 45 एडीआर केंद्र तथा तहसील स्तर पर कार्यरत 102 तहसील मध्यस्थता केंद्र सक्रिय रूप से मध्यस्थता को प्रोत्साहित कर रहे हैं, तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों और न्यायालयों में लंबित वादों दोनों को ही प्रारंभिक स्तर पर चिन्हित कर मध्यस्थता हेतु संदर्भित किया जा रहा है, जिससे विवादों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। इन केंद्रों में अधिवक्ताओं, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं समाजसेवियों सहित कुल 3020 मध्यस्थ तथा 520 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवक सौहार्दपूर्ण विवाद निराकरण के उद्देश्य से कार्यरत हैं। सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है, जिससे राज्य में मध्यस्थता आंदोलन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। साथ ही हाल ही में आयोजित एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विधि विद्यार्थियों को मध्यस्थता एवं सामुदायिक मध्यस्थता की अवधारणा से परिचित कराया गया, ताकि भावी विधि व्यवसायियों में सहमति आधारित विवाद निस्तारण की महत्ता के प्रति समझ विकसित हो सके। राज्य में लंबित प्रकरणों की अधिकता को दृष्टिगत रखते हुए रेफरल तंत्र को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। प्रभावी रेफरल से मध्यस्थता केवल एक वैकल्पिक व्यवस्था न रहकर बल्कि विवाद निस्तारण का एक प्राथमिक एवं सार्थक माध्यम बन सकती है। यह मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता के संस्थागत सुदृढ़ीकरण एवं राज्य में सौहार्दपूर्ण समझौते की संस्कृति के प्रसार हेतु निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।
उज्जैन
श्री मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक के.के. पाठक ने बताया कि आगामी 03 मार्च को होने वाले चंद्र ग्रहण के कारण ग्रहण के वेद लगने (स्पर्श) से लेकर ग्रहण समाप्ति तक अर्थात प्रातः 6:47 बजे से संध्या 6:47 बजे तक मंदिर में भात पूजन सहित समस्त प्रकार की पूजा-अर्चना पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही इस दिन मंदिर के गर्भगृह में किसी भी प्रकार का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसके अलावा उसी दिन होली (धुलेंडी तथा रंग पंचमी) के अवसर पर भी माननीय उच्च न्यायालय की गाइडलाइंस के अनुपालन में मंदिर के गर्भगृह एवं संपूर्ण परिसर में केमिकल युक्त गुलाल/रंग से होली खेलना भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
उज्जैन
जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट की उपस्थिति में किशोरी बालिकाओं में सर्वाईकल कैंसर से रोकथाम के लिए निशुल्क एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत जिले में सिविल अस्पताल माधवनगर से हुई। अभियान अंतर्गत सिविल अस्पताल माधवनगर में सुश्री सुहानी कुमावत को जिले में पहला एचपीवी वैक्सीन लगाया गया।अभियान में एचपीवी (HPV) का निशुल्क टीकाकरण किशोरियों को लेफ्ट अपर आर्म में इंट्रा मस्कुलर वैक्सीन लगाकर किया जा रहा है। निशुल्क एचपीवी टीकाकरण खाली पेट नहीं किया जाएगा।एचपीवी निशुल्क टीकाकरण अभियान का उद्देश्य टार्गेटेड जनसंख्या का शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण निशुल्क टीकाकरण प्रदान कर सर्वाईकल कैंसर से बचाव करना है। अभियान का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जिला जनजातीय कार्य विभाग और संबंधित विभागों द्वारा समन्वय बनाकर किया जा रहा है।एचपीवी (HPV) निःशुल्क़ टीकाकरण अभियान 03 माह तक चलेगा। अभियान अंतर्गत 14 वर्ष से 15 वर्ष तक की बालिकाओं को एचपीवी का निशुल्क टीका लगाया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार इस अभियान में 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी बालिकाओं को 90 दिन की विशेष छूट दी गई है।

जिले के 13 स्वास्थ्य केंद्रो केंद्रों में चलेगा 03 माह तक निशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान
जिले में निशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल चरक भवन, सिविल अस्पताल माधवनगर, जीवाजीगंज, महिदपुर, नागदा, खाचरौद, बडनगर के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया, नरवर, झार्डा, तराना और इंगोरिया में 3 माह तक किया जाएगा।
निशुल्क टीकाकरण अभियान में यूवीन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आयु प्रमाण पत्र के मान्य दस्तावेज

एचपीवी (HPV) निःशुल्क़ टीकाकरण अभियान अंतर्गत यूवीन(U-WIN) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, अपार आईडी, स्टूडेंट फोटो आईडी, पासपोर्ट, मदर एंड चाईंड प्रोटेक्शन कार्ड, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, मेट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट, परमानेंट ऐजुकेशन नंबर (पेन आईडी), राशन कार्ड, बैंक पास बुक, अनाथ आश्रय का जन्म डिक्लेरेशन प्रमाण पत्र और एज डिक्लेरेशन फार्म (माता पिता से अंडर टेकिंग लेकर) में से कोई भी एक दस्तावेज मान्य होगा। यूवीन पोर्टल पर हितग्राहियों के रजिस्ट्रेशन के लिए एक वैध मोबाईल नंबर की आवश्यकता होगी जिस पर ओटीपी प्राप्त होगा। अभियान अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु की वह बालिकाएं जिनका टीकाकरण पहले हो चुका है उनका पुन: टीकाकरण नहीं किया जाएगा।
रतलाम
नगर निगम द्वारा अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने की अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए 3 मार्च अंतिम तिथि नियत की गई है। नगर निगम द्वारा 3 मार्च तक अवैध नल कनेक्शन को वैध किया जा रहा है, अवैध नल कनेक्शनधारी अपने नल कनेक्शन को वैध कराने हेतु आवश्यक दस्तावेज के साथ निगम के जलकर काउन्टर पर उपस्थित होवें तथा निर्धारित राशि जमा कराकर अवैध नल कनेक्शन को वैध करवायें। अंतिम तिथि पश्चात् वसूली दल द्वारा घर-घर जाकर जलकर की डायरी चेक की जावेगी डायरी न होने की स्थिति में नल कनेक्शन को अवैध माना जाकर निर्धारित राशि व 10,000/- का जुर्माना वसूल किया जाकर नल कनेक्शन को वैध किया जायेगा अवैध नल कनेक्शन को वैध नहीं कराने पर नल कनेक्शन को विच्छेद किया जाकर संबंधित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। इसके अलावा जलकर बकाया होने पर बकाया राशि जमा नहीं कराने पर नल कनेक्शन विच्छेद की कार्यवाही की जायेगी।
रतलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस(एच पी वी ) एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ अजमेर राजस्थान से किया गया। रतलाम जिले में कलेक्टर मिशा सिंह , रोगी कल्याण समिति सदस्य गोविंद काकानी, हेमंत राहोरी, सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ ए पी सिंह, प्रभारी बाल चिकित्सालय एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आर सी डामोर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मनीष सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील ,डीपीएम अर्चना राठौर एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ गौरव बोरीवाल, डी सी एम कमलेश मुवेल की उपस्थिति में बाल चिकित्सालय रतलाम में 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं का (एच पी वी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस )वैक्सीनेशन प्रारंभ किया गया।

जिले में वैक्सीन का पहला डोज वंदना राठौर पिता मुकेश राठौर निवासी रतलाम को लगाया गया। इसके बाद आराध्या पिता अर्जुन बसेर निवासी रत्नेश्वर रोड तथा अन्य बालिकाओं का वैक्सीनेशन किया गया । कलेक्टर मिशा सिंह ने बताया कि रतलाम जिले में प्रथम चरण में 90 दिवस की अवधि में 18917 बच्चों को टीकाकरण किया जाएगा। ऐसी बालिकाएं जिन्होंने अपना 14वां जन्म दिवस मना लिया है और 15 जन्मदिवस नहीं मनाया है वैक्सीनेशन के लिए पात्र रहेगी।

वैक्सीन पुरी तरह निशुल्क होकर स्वैच्छिक है। इस वैक्सीन से महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु रोग प्रतिरोधक क्षमता मिलेगी। जिले के 9 शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर ही वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके लिए परिवारजनों को परामर्श देकर बच्चों को मोबिलाइज किया जाएगा।

सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे ने बताया कि रतलाम जिले के मेडिकल कॉलेज, बाल चिकित्सालय, सिविल अस्पताल जावरा, आलोट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली, सैलाना, बाजना, ताल पिपलोदा केंद्रों पर सुबह 11:00 से 4:00 तक वैक्सीनेशन किया जाएगा। वैक्सीनेशन के बाद बालिकाओं को आधा घंटा निगरानी में बैठाया जाएगा। जन्म संबंधी कोई भी प्रमाण जैसे आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, अपार आईडी, अथवा उम्र के संबंध में स्वयं के घोषणा पत्र के माध्यम से यू विन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा कर अथवा सीधे केंद्र पर आकर वैक्सीनेशन की सुविधा सहज उपलब्ध है। कलेक्टर ने बाल चिकित्सालय में वैक्सीनेशन कराने वाली बालिकाओं से चर्चा की, मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई का निरीक्षण किया,

ग्राम धराड़ के भर्ती बच्चे की कुशलक्षेम पूछी उसके अभिभावकों से चर्चा की, चिकित्सकों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और अभी उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है। कलेक्टर ने नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण किया वहां भर्ती बच्चों को मिल रही सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रसव कराने वाली सभी माताओं के जन्म प्रमाण पत्र उनके डिस्चार्ज होने से पहले ही प्रदान कर दिए जाएं, एम सी एच अस्पताल की लिफ्ट के बारे में नस्ती के माध्यम से पूरी जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि पोस्ट ऑफिस में समन्वय स्थापित कर 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था एम सी एच में ही प्रारंभ की जाए। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई के थैलेसीमिया वार्ड का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान गोविंद काकानी ने बताया कि बच्चों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन एवं परामर्श सेवाएं केंद्र पर प्रदान की जा रही है । कलेक्टर ने बच्चों के अभिभावकों से चर्चा की तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि वीडियो कॉलिंग के माध्यम से भी बच्चों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखी जाए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी मीडिया अधिकारी सरला वर्मा, सैयद अली वीसीसीएस निलेश चौहान, विपिन शर्मा, श्री कमल सूर्यवंशी, और अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। सिविल अस्पताल आलोट में एच पी वी वैक्सीनेशन अभियान का शुभांरभ मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि कालुसिंह सिंह परिहार, विधायक प्रतिनिधि अनिल चोपड़ा, मंडल अध्यक्ष दिलीप सिंह डोडिया, मंडल महामंत्री कैलाश सांखला, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.देवेंद्र मौर्य, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्दुल कादिर सहित समस्त स्टाफ एवं अन्य नागरिकगण की उपस्थिति में किया गया ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाजना में एचपीवी वैक्सीनेशन का शुभारंभ कार्यक्रम जनपद अध्यक्ष कैलाश मुनिया, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र वसुनिया, बीएमओ बाजना डॉ जितेंद्र जायसवाल की उपस्थिति में किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली में कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, नगर परिषद उपाध्यक्ष, बीएमओ डॉ राजेश मंडलोई, बी ई ई इशरत जहां सैय्यद की उपस्थिति में किया गया। सिविल अस्पताल जावरा में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ सीबीएमओ डॉ शंकरलाल खराड़ी, डॉ अतुल मंडवारिया, डॉ अलका पाटीदार, डॉ भारती यादव, डॉ पूजा सोलंकी, बी ई ई बसंतीलाल मईडा, बीपीएम रघुनंदन पाटीदार, शैलेन्द्र दवे की उपस्थिति में किया गया।

रतलाम
मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) के अनुसार मध्यप्रदेश राज्य में संचालित 10 मदिरा दुकानों/एकल समूहों का निष्पादन ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से किया जाना है। इस हेतु पात्र आवेदकों/कांट्रेक्टर के ई-आबकारी पोर्टल पर कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन मॉडयूल के अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन पश्चात ही इच्छुक पात्र आवेदक आबकारी ठेकों के निष्पादन में सहभागिता कर सकेंगे। आबकारी ठेका निष्पादन में भाग लेने के इच्छुक आवेदक/ठेकेदार ई आबकारी पोर्टल पर कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल के अंतर्गत अपना पंजीयन कराकर निष्पादन प्रक्रिया में भाग ले सकते है। इस संबंध में आवश्यक जानकारी कार्यालय सहायक आबकारी आयुक्त, रतलाम से कार्यालयीन समय (अवकाश के दिवस सहित) प्राप्त की जा सकती है।
रतलाम
कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशन में आगामी त्यौहार को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा द्वारा मिलावट के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। आज आलोट में कार्रवाई करते हुए रेलवे ऑफिस के सामने स्थित जय माता दी किराना से नवकार बेसन,पीपली बाजार स्थित गुडलक एजेंसीज से पतंजलि घी और सुंदर हल्दी पाउडर, राज मार्केटिंग से एबिस रिफाइंड सोयाबीन तेल, राजेंद्र चौक स्थित कपिल नमकीन से मिठाई और सेव के नमूने लिए। लिए गए सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए जहां से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। सभी खाद्य संस्थानो को गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों के संग्रहण एवं विक्रय करने के निर्देश दिए गए हैं ।

उज्जैन
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में जिले में लगातार निरीक्षण एवं नमूना कार्यवाही की जा रही है। 27 फरवरी को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा उज्जैन में जैन नमकीन स्वीट्स एंड डेयरी इंदौर रोड से नमकीन पपड़ी का नमूना, होटल साईं दरबार फ्रीगंज से लड्डू एंड आलू की सब्जी का नमूना, बाफना नमकीन सतीगेट से मठरी, मावा गुंजिया एवं मावा कतली का नमूना, भगतजी मिष्ठान भंडार से मावा बर्फी एवं मलाई बर्फी का नमूना, गोपाल डेयरी से मावा का नमूना लिया गया। उपरोक्त सभी नमूनें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए। साथ ही होटल साईं दरबार में व्यवस्था सुधार करने के लिए निर्देश जारी कर दो दिवस के लिए लाइसेंस निलंबित किया गया।

रतलाम
रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस थाना पिपलोदा पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है । जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं । पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति बिना नम्बर की टीवीएस राईडर मोटरसाइकिल से एमडी ड्रग्स लेकर आ रहा है । सूचना पर पुलिस टीम द्वारा सुजापुर फंटा पंचेवा पर घेराबंदी की गई । एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल सवार आरोपी मोईन पिता लतीफ मोहम्मद उम्र 20 साल निवासी स्टेशन रोड दलोदा जिला मंदसौर के कब्जे से 70 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया है । प्रकरण में विवेचना के दोरान घटना के अन्य आरोपी आशीफ पिता सलीम मंसुरी उम्र 21 साल निवासी ग्राम कचनारा थाना दलौदा तथा अयान पिता मोईन मंसुरी उम्र 20 साल निवासी करीम कॉलोनी स्टेशन रोड दलोदा जिला मंदसौर को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ के संबन्ध में पुछताछ की जा रही है ।
जप्त मशरूका– 70 ग्राम एमडी ड्रग्स — अनुमानित कीमत ₹ 7 लाख, एक बिना नम्बर की टीवीएस राईडर मोटर सायकल — अनुमानित कीमत ₹ 50,000
कुल जप्त मशरूका मूल्य — ₹ 7,50,000 (सात लाख पचास हजार रुपये)
गिरफ्तार आरोपी –
1. मोईन पिता लतीफ मोहम्मद जाति मुसलमान उम्र 20 साल निवासी स्टेशन रोड दलोदा जिला मंदसौर
2. आशीफ पिता सलीम मंसुरी जाति मुसलमान उम्र 21 साल निवासी ग्राम कचनारा थाना दलौदा
3. अयान पिता मोईन मंसुरी जाति मुसलमान उम्र 20 साल निवासी करीम कॉलोनी स्टेशन रोड दलोदा जिला मंदसौर
सराहनीय भूमिका– निरीक्षक रमेश कोली (थाना प्रभारी पिपलोदा), उप निरीक्षक राजू मखोड ,उप निरीक्षक इन्द्रपाल सिह राठौर, सउनि. कैलाश बोराना , प्रधान आरक्षक 783 अनिल डोडियार,आरक्षक 472 राहुल लोहार, आरक्षक 1027 सोनपाल सिह, आरक्षक 677 प्रेम मस्कोले, आरक्षक 614 कमल सिह, आरक्षक 380 अभय चौहान, आरक्षक 980 सतीष परमार, आरक्षक 695 जितेन्द्र माली , सैनिक 1055 अशोक कुमावत की सराहनीय भूमिका रही ।
सगुन आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर
हमारे यहाँ दाहोद (गुजरात) से डॉ आते है। (7024737851) हंस आयुर्वेदिक के द्वारा फुल बॉडी चेक अप गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार दोप. 2 बजे से सायं 6 बजे तक, अत्यन्त आधुनिक टेक्नोलॉजी मशीन द्वारा सभी रोगों की जाँच करके आयुर्वेदिक दवाई से ईलाज किया जाता है। बॉडी चेक अप- 38 विभिन्न प्रकार की बॉडी रिपोर्ट जांच । ब्लड, मल, मूत्र, की आवश्यकता नहीं । दर्द बिना जांच । सभी रोगों के लिये 100% आयुर्वेदिक दवाईयाँ मिलती है। रोग, अनिद्रा, गैस, ऐसीडिटी, पथरी, मोटापा, चिंतारोग, श्वास के रोग, दाद, खाज, खुजली, मानसिक रोग, सिर दर्द, गठिया रोग, कैंसर, जोड़ों का दर्द, पुरानी सर्दी-खांसी, बुखार, हस, मस्सा, एलर्जी, लकवा, त्वचा रोग, कब्ज, शुगर, स्त्री-पुरूषों के गुप्त रोग, आँखों के समस्या, सोरायसिस, बीपी, शरीर पर सूजन आदि। रजिस्ट्रेशन फीस 500/-रू.- स्त्रियों को होने वाली मासिक तथा सफेद पानी की समस्या, कमर दर्द, शरीरी एवं मानसिक कमजोरी इत्यादि रोग आदि।

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