रतलाम
अभियोक्त्री का अपहरण एवं बलात्कार करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारवास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया।
थाना बाजना जिला रतलाम के अपराध क्रमांक 218/2023 विशेष प्रकरण क्रमांक 46/2024 में न्यायालय राकेश कुमार शर्मा) लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012) द्वारा निर्णय दिनंाक 24.12.2025 को आरोपी राजु पिता वहरिंग निनामा आयु 31 वर्ष निवासी – जाम्बुवानिया पुलिस थाना बाजना, जिला रतलाम (म.प्र.) को भा.द.सं की धारा 366 में 03 वर्ष का सश्रम कारवास एवं 500/-रूपये अर्थदण्ड एंव भा.द.सं. की धारा 376 (2) (एन) 10 वर्ष का सश्रम कारवास एवं 1,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी केा को जेल भेजा गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।
प्रभारी उपनिदेशक/सहायक निदेशक अभियोजन अधिकारी आशा शाक्यवार ने बताया कि दिनंाक 10.06.2023 को अभियोक्त्री के पिता ने थाना बाजना मेें रिपोर्ट की कि दिनांक 10.06.2023 को मैं मेरे खेत में गया व घर मे मेरी पत्नी व मेरी पुत्री घर पर ही थे। जब मैं खेत से वापस घर आया तो देखा कि मेरी पुत्री (लडकी) नहीं दिखी तो मैं मेरी पत्नी से पूछा कि लड़की कहा है तो बोला कि वो अभी यही पर थी। फिर मैंने व मेरी पत्नी ने लड़की तलाश आसपास व परिवार रिश्तेदारी मे की तलाश करते पता नहीं चला। मेरी नाबालिग लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर ले गया है। उक्त घटना की रिपोर्ट थाना बाजना मे की कि कार्यवाही की जावे। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना बाजना जिला रतलाम के द्वारा अपराध क्रमांक 218/2023 धारा 363 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अभियोक्त्री को दस्तयाब कर अभियोक्त्री के धारा 164 द.प्र.सं. के कथन व अभियोक्त्री के माता-पिता के धारा 161 द.प्र.सं. के कथन लेखबद्ध किये गये जिस पर से प्रकरण में धारा 366क, 376(2) (एन), भादवि एवं धारा 5एल/6 पॉक्सो एक्ट का अपराध पाया। अभियोक्त्री का मेडिकल परीक्षण कराकर जप्तशुदा प्रदर्शाे को जांच एफएसएल भेजा गया। अभियौक्त्री एवं साक्षियों के कथनों से आरोपी के विरूद्ध अपराध सिद्ध पाये जाने पर दिनांक 20.04.2024 को गिरफ्तार किया गया। सूचना परिजन को दी गई। संपूर्ण अनुसंधान उपरांत अभियुक्त कि विरूद्ध धारा 363,366क,376(2)(एन), भादवि एवं धारा 5एल/6, पॉक्सो एक्ट का अभियोग पत्र तैयार कर माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर अभियौक्त्री को 18 वर्ष से कम उम्र (बालक) की श्रेणी में पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत नहीं माना है। किन्तु अभियोजन की घटना ओर साक्ष्य के आधार पर आरोपी राजु द्वारा अभियौक्त्री के साथ किये गये अपहरण, बलात्कार कि घटना को बखूबी सिद्ध पाया है। विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 24.12.2025 को अभियोजन की ओर स प्रस्तुत मौखिक साक्ष्य, दस्तावेजी साक्ष्य एवं वैज्ञानिक (एफ.एस.एल/डीएनए) रिपोर्ट को प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।
रतलाम
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुगम बनाने के लिए एसडीएम रतलाम शहर सुश्री आर्ची हरित ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 23 फरवरी 2026 से आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। जारी आदेशानुसार जिला न्यायालय, कलेक्टोरेट, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी कार्यालयों के आसपास भीड़ जमा करने या धरना देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि विस्तार यंत्रों का उपयोग निषिद्ध होगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक या सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रैली, जुलूस या धरना प्रदर्शन करने से 24 घंटे पूर्व वैधानिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। धरना, आंदोलन इत्यादि हेतु टेंट पंडाल आदि का निर्माण सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए बगैर नहीं किया जाएगा। यातायात में बाधा: सार्वजनिक सड़क, मार्ग, रोड, हाईवे पर भीड़ एकत्रित कर यातायात बाधित करना प्रतिबंधित है। बिना अनुमति के डीजे और लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शहर की सीमा में किसी भी प्रकार के आग्नेय शस्त्र (पिस्तौल, बंदूक) या घातक हथियार (बल्लम, खंजर, तलवार) लेकर चलना प्रतिबंधित है। यह नियम सुरक्षा बलों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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