रतलाम
17/Jun/2025,
पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद रतलाम द्वारा सुसज्जीत प्राचीन धरोहर गुलाब चक्कर में आम नागरिकों के मनोरंजन व आकर्षण के लिए प्रतिदिन संध्या में गीत-संगीत के कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। इसी क्रम में सोमवार को आस्था म्यूजिकल नाइट्स के कलाकारों द्वारा रंगारंग गीतों की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में अनमोल सुरोलिया, इदरीश जावेदी, प्रकाश बागडी, शुभम बागडी, सीमा सुरोलिया, सुनीता नागदे ने सुमधुर गीतो की प्रस्तुतियां दी जिनमें बरखा रानी जरा जमके बरसों, एक लड़की भीगी भागी सी, जब-जब बाहर आई, हम थे जिनके सहारे, दर्द-ए-दिल दर्द ए जिगर, मेरा दिल पुकारे आजा के साथ ही युगल गीतों आदि नगमों से श्रोताओं को आनंदित किया।
कार्यक्रम में एसडीओ पीडब्ल्यूडी श्री पी.के राय, एसडीओ श्री रघुनाथ सूर्यवंशी, शहरी विकास प्राधिकरण के श्री अरूण पाठक ने जिला प्रशासन की ओर से सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।
रतलाम
17/Jun/2025,
कलेक्टर श्री राजेश बाथम के मार्गदर्शन में आमजन की आधार संबंधित समस्याओं के समाधान और अवश्यकताओं को देखते हुए जिले में 9 नए आधार केन्द्र खोले गए है। तहसील सैलाना में 4 आधार केन्द्र शासकीय आधार केन्द्र कार्यालय कृषि उपज मंडी सैलाना, शासकीय आधार केन्द्र कार्यालय तहसीलदार तहसील सैलाना, शासकीय आधार केन्द्र कार्यालय तहसीलदार तहसील सैलान एवं शासकीय आधार केन्द्र कार्यालय एमपीईबी ऑफिस सैलाना में खोले गए। तहसील बाजना में 3 आधार केन्द्र शासकीय आधार केन्द्र बीआरसी ऑफिस बाजना, शासकीय आधार केन्द्र कार्यालय जनपद बाजना एवं शासकीय आधार केन्द्र कार्यालय तहसीलदार तहसील बाजना में खोले गए। तहसील जावरा में 1 आधार केन्द्र शासकीय आधार केन्द्र कार्यालय जनपद जावरा में खोला गया। तहसील रावटी में 1 आधार केन्द्र शासकीय आधार कार्यालय तहसीलदार तहसील रावटी में खोले गए।
रतलाम
17/Jun/2025,
सहायक संचालक मत्स्य उद्योग द्वारा बताया गया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि की दृष्टि से संरक्षण हेतु म.प्र नदीय मत्स्योघोग अधिनियम 1972 की धारा 3 (2) के अंतर्गत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप मे घोषित किया गया है। जिसके तहत निर्दिष्ट क्षेत्रो मे मत्स्याखेट/मत्स्य विक्रय /मत्स्य परिवहन प्रतिबंधित है। इन नियमो के उलंघन पर म.प्र ंराज्य के मत्स्य क्षेत्र अधिनियम 1981 की धारा-5 के तहत उल्लंधनकर्ता को एक वर्ष का कारावास या पांच हजार रूपये जुर्माना अथवा दोनो से दंडित किये जाने का प्रावधान है।
इस अधिसूचना के माध्यम से जनसाधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त नदीय नियम के तहत बंद ऋतु (क्लोज सीजन) अवधि 16 जून से 15 अगस्त 2025 तक छोटे तालाबो मे या अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबध किसी नदी से नही है और जिन्हे निर्दिष्ट की परिभाषा के अंतर्गत नही लाया गया है को छोडकर समस्त नदियो व जलाशयो मे मत्स्याखेट/मत्स्य विक्रय/मत्स्य परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
उक्त अवधि मे मत्स्याखेट/मत्स्य विक्रय/ मत्स्य परिवहन न तो स्वंम करे और नही इस कार्य मे किसी अन्य को सहयोग करे ।
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