रतलाम,
दोबत्ती चौराहे पर रंग और उड़ते गुलाल के साथ जोर शोर से मनेगी रंग पंचमी, दो बत्ती रंगारंग मंच के तत्वावधान में प्रतिवर्ष मनाई जाने वाली रंगा रंग रंग पंचमी इस वर्ष भी जोर शोर से मनाई जाएगी। रंगपंचमी का आयोजन 8 मार्च रविवार को होगा। रंगपंचमी के भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर दो बत्ती रंगारंग मंच की बैठक गुरुवार को संपन्न हुई जिसमे आयोजन की व्यवस्थाओ पर चर्चा की गई। बता दे की दोबत्ती रंगारंग मंच द्वारा विगत कई वर्षो से रंगपंचमी का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में शहर के लोग बड़ी संख्या में शामिल होकर रंगो का आनंद लेते है। आयोजन में अब महिलाये भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती है। कई लोग अपने पुरे परिवार के साथ इस आयोजन में शामिल होकर रंगपंचमी धूमधाम से मानते है। इस बार रंग पंचमी का आयोजन और भी भव्य तरीके से मनाया जाएगा। इसमें चौराहे पर रंगो की बारिश होगी वही भरी मात्रा में विभिन्न रंगो का गुलाल भी उड़ाया जाएगा और होली के गीत हर आने जाने वाले को रंगो से सराबोर करेंगे। बैठक में दो बत्ती रंगारंग मंच के रवि जोहरी ,कमलेश मोदी, संजय जैन जेवीसी, विनोद मिश्रा मामा, जोएब आरिफ,संजय अग्रवाल सौरभ सोनी,कुंदन वर्मा,गौरव सोनी आदि उपस्थित थे। आयोजनकर्ताओ ने शहर के नागरिको से आग्रह किया है कि 08 मार्च रविवार को होने वाले इस मस्तीभरे आयोजन में परिवार सहित शामिल होकर आयोजन को सफल बनाये।

उज्जैन
रबी सीजन में गेहूं फसल की कटाई के बाद नरवाई ना जलाने के लिए उचित नरवाई प्रबंधन के लिए कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के निर्देशन में विकासखंड उज्जैन में एसडीएम सुश्री कृतिका भीमावत की अध्यक्षता में उज्जैन विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी हार्वेस्टर संचालकों/ ऑपरेटर की बैठक जनपद पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक के दौरान उपस्थित हार्वेस्टर संचालकों को नरवाई प्रबंधन के लिए शासन की कार्य योजना से सभी को विस्तार से अवगत कराया गया एवं उन्हें बिना स्ट्रा रीपर के गेहूं ना काटने की चेतावनी दी गई। हार्वेस्टर संचालकों को बताया गया कि हार्वेस्टर मशीन के साथ स्ट्रा रीपर अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए। साथ ही सचेत किया गया कि बगैर स्ट्रा रीपर के गेहूं कटाई करने पर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सहित कडी दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। हार्वेस्टर संचालकों ने भी इस पर सहमति जताई एवं कहा कि कृषकों को नरवाई ना जलाने के लिए जागरूक करने में सहयोग करेंगे। हार्वेस्टर संचालकों ने कहा कि उनके द्वारा अपने स्तर से भी किसानों को बताया जाएगा कि नरवाई ना जलाएं इससे पर्यावरण के साथ-साथ जमीन का भी नुकसान हो रहा है। बैठक में सहायक कृषि यंत्री पीसी सिसोदिया,वैभव प्रजापति, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुबोध कुमार पाठक द्वारा विस्तार से हार्वेस्टर संचालकों को नरवाई जलाने से हानि और उससे बचने की जानकारी दी । बैठक में निर्देशित किया कि सभी कृषि विस्तार कार्यकर्ता भी अपने-अपने क्षेत्र में भी नरवाई ना जलाए जाने के लिए किसानों को भ्रमण के दौरान नरवाई प्रबंधन की जानकारी दें।

उज्जैन
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा अवगत कराया गया है कि वर्तमान में गेहूं की फसल कटाई अधिकांशतः कम्बाईन हार्वेस्टर द्वारा की जाती है। सामान्यतः कृषक फसल कटाई उपरांत बचे हुए गेहूं के डंठलों (नरवाई) से भूसा न बनाकर उसे जला देते हैं। जबकि कृषक विभिन्न उन्नत तकनीकों जैसे स्ट्रॉ रीपर से बचे हुए फसल अवशेष का भूसा बनाना, स्ट्रॉ रीपर उपरांत शेष डंठलों/खापी को रोटावेटर/मल्वर/कल्टीवेटर/देशी पाटा के माध्यम से भूमि में मिला देना एवं बेस्ट डिकंपोजर/पूसा डिकपोजर यूरिया छिड़काव करके नरवाई को जल्दी खाद में परिवर्तित करना आदि जैसी तकनीकों का उपयोग करके फसल अवशेष का प्रबंधन कर सकते है। भूसे का उपयोग पशु आहार के साथ ही अन्य उद्योगों में किया जा सकता है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान दृष्टिगत जनहित में नरवाई जलाने पर रोक लगाई है। खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जन, धन, संपत्ति, प्राकृतिक वनस्पति एवं जीव जंतु आदि नष्ट हो जाते है, जिससे व्यापक नुकसान होता है। खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु इससे नष्ट होते हैं जिससे खेत की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है एवं उत्पादन प्रभावित हो रहा है। खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं। जिन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करना है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अतः उपरोक्त परिस्थितियों में जन सामान्य के हित, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, पर्यावरण की हानि रोकने एवं लोक व्यवस्था बनाये रखने के लिए कलेक्टर श्री सिंह द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत उज्जैन जिले की सीमा में गेहूं एवं अन्य फसलों के अवशेष (नरवाई) में आग लगाये जाने पर प्रतिबंध लगाया है। फसलों की कटाई में प्रयुक्त होने वाले प्रत्येक कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ भूसा तैयार करने के लिए भूसा मशीन अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए। जिसकी की सतत् निगरानी जिला परिवहन अधिकारी, कृषि एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी। बिना स्ट्रा रीपर/स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कम्बाईन हार्वेस्टर चलाये जाने पर मशीन संचालक पर राशि 25,000/- रुपये का अर्थदण्ड या हार्वेस्टर जप्ती की कार्यवाही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा की जाएगी। जिले के एवं अन्य राज्यों से आने वाले समस्त हार्वेस्टर संचालकों को यह अनिवार्य होगा की वह अपनी स्वयं की जानकारी व मशीन की जानकारी (हार्वेस्टर/वाहन नं., स्वामी का नाम, संपर्क नं.), कार्यक्षेत्र आदि की सूचना सम्बंधित थाना में दर्ज करायेंगे। इसके लिए थाना प्रभारी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। पर्यावरण विभाग के आदेश अनुसार नरवाई में आग लगाने की घटनाओं को प्रतिबंधित कर दण्ड अधिरोपित करने का प्रावधान किया गया है। नोटिफिकेशन से पर्यावरण सुरक्षा के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के क्रम में Air Prevention & Control of Pollution Act 1981 के अंतर्गत प्रदेश में फसलों विशेषतः गेहूं की फसल कटाई उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाये जाने के लिए प्रतिबंधित किया गया है, जिसे तत्काल प्रभाव से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में लागू किये जाने के निर्देश हैं। निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर व्यक्ति/निकाय को आदेश के प्रावधान अनुसार पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड राशि देय होगी। कृषक जिनके पास 02 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें 2,500/- रू. प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा। कृषक जिनके पास 02 एकड़ से अधिक एवं 05 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें 5,000/- रू. प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा। कृषक जिनके पास 05 एकड़ से अधिक जमीन है उन्हें 15,000/- रू. प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा।
उज्जैन
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के निर्देशानुसार ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट निगरानी एवं हैण्डपंप संधारण संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण प्रकोष्ठ कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष कमांक 0734-259980 कंट्रोल रूम के उपखण्ड अनुसार प्रभारी उपखण्ड उज्जैन सहायक यंत्री राजेन्द्र कुमार बघेल मो. 8223890828 विकासखंड उज्जैन उपयंत्री नेहा सोलंकी मो. -7224847020, विकासखंड घट्टिया उपयंत्री शीतल रावत मो. 8085462889, उपखण्ड तराना सहायक यंत्री राजेश होल्कर मो. 8305644073, विकासखंड तराना उपयंत्री अरशाद अहमद नागौरी मो. 7879678497, विकासखंड महिदपुर उपयंत्री अशरफ हुसैन मो. 8349964121, उपखण्ड खाचरौद सहायक यंत्री मनोहर परमार मो. 8424829510, विकासखंड खाचरौद उपयंत्री धर्मेन्द्र हारोड मो 8109348277. उपखण्ड बड़नगर सहायक यंत्री गरिमा भटनागर मों. 8770172895, विकासखंड बड़नगर उपयंत्री निकिता चौंगने मो. 73545530682 कंट्रोल रूम में कार्यालयीन दिवस में प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक छगनलाल की ड्यूटी रहेगी। दोपहर 12:00 से रात्रि 8:00 बजे तक संतोष नागवंशी की ड्यूटी रहेगी। दोपहर 2:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक सत्यनारायण नागूजी की ड्यूटी रहेगी। कंट्रोल रूम ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी निर्धारित समय में प्राप्त प्रत्येक टेलीफोन कॉल को अटैंड करेंगे। पेयजल समस्या अथवा हैण्डपंप खराबी संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर उसे रजिस्टर में दर्ज कर तत्काल सहायक यंत्री/प्रभारी उपयंत्री को अवगत कराया जाएगा। शिकायतों के समय सीमा में निराकरण की कार्यवाही की रिपोर्ट प्राप्त कर रजिस्टर में अंकित की जाएगी। इसके अतिरिक्त पेयजल संबंधी शिकायत ग्रामीणजन, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड उज्जैन के मो.नं. 9826485570 पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते है। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा आम जन से अपील की गई है कि ग्रीष्मकाल में पेयजल संबंध किसी भी समस्या की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम अथवा संबंधित अधिकारियों को देंवें। जिससें समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकें।
रतलाम,
आवासीय आयुक्त मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी सूचना अनुसार वर्तमान अप्रत्याशित परिस्थितियों को दृष्टिगत मध्यप्रदेश शासन द्वारा खाड़ी देशों में रह रहे मध्यप्रदेश के निवासियों की सहायता हेतु मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश के समस्त निवासी जो खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि हेतु पहुँचे हों एवं वर्तमान परिस्थितियों में किसी प्रकार की सहायता की अपेक्षा करते हों , तो वे इस कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकते हैं। कंट्रोल रूम की सहायता से मध्यप्रदेश शासन द्वारा संबंधितों को भारत सरकार एवं संबंधित अन्य एजेंसियों से संपर्क करते हुए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।24×7 आधार पर कंट्रोल रूम के दूरभाष नम्बर – 011-26772005 है । व्हाट्सएप नम्बर 9818963273 एवं ई-मेल आईडी- mphelpdeskgulf@gmail.com पर भी संपर्क कर सकते हैं।
रतलाम,
होली का त्यौहार अपनों के साथ खुशियाँ बांटने का पर्व है, और इसी भावना को चरितार्थ करते हुए कलेक्टर मिशा सिंह ने होली के अवसर पर वृद्धाश्रम पहुंच कर वृद्धजनों के साथ त्यौहार की खुशियाँ बाटी। वृद्धाश्रम में ‘होली मिलन समारोह’ का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती सिंह ने व्यक्तिगत रूप से आश्रम के प्रत्येक वृद्धजन से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। कलेक्टर ने वृद्धजनों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए मिठाइयां एवं कपड़े वितरित किए। वृद्धजनों ने भी इस स्नेहपूर्ण व्यवहार पर प्रसन्नता व्यक्त की और कलेक्टर को अपना आशीर्वाद दिया।


रतलाम,
रतलाम जिला अस्पताल में इलाज के लिए परिजन लाए एक व्यक्ति को इलाज नहीं मिलने पर उसकी मौत हो गई, परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका, परिजन आक्रोश, सूचना। उक्त आशय का व्हाट्सएप पर मैसेज प्राप्त हुआ था। इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को मिलते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसरे ने प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला चिकित्सालय रतलाम पहुंचकर ली गई। मोके पर उपस्थित चिकित्सकों से जानकारी ली तथा दस्तावेज देखने पर पाया गया कि दोपहर 2 बजे डॉ सौरभ बाफना जिला चिकित्सालय रतलाम में ड्यूटी पर थे , लगभग 2:03 पर महेश पिता नाथूलाल उम्र 30 वर्ष ग्राम बावड़ी खेड़ा को प्वाइजन खाने संबंधी शिकायत के चलते जिला चिकित्सालय रतलाम में डॉ सौरभ बाफना द्वारा ट्राइज में उपचार प्रदान किया जा रहा था तथा सीपीआर की गतिविधि कर जान बचाने का प्रयास किया जा रहा था। उसी समय लगभग 2:05 पर मुकेश पिता सुनगला भाबर को को गंभीर लिवर , एल्कोहलिक लिवर संबंधी गंभीर समस्या के साथ जिला चिकित्सालय रतलाम में लाया गया। दोनों ही मरीजों को पूरी तरह अचेत अवस्था में लाया गया था, ड्यूटी पर उपस्थित दोनों चिकित्सकों द्डॉ सौरभ बाफना एवं सृष्टि दूबे द्वारा उनको बचाने के सभी प्रयास किए गए , किंतु दुर्भाग्यवश दोनों की ही जान नहीं बचाई जा सकी।
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