लॉकडाउन के दौरान अत्यावश्यक सामग्री की आपूर्ति के लिए कांकरिया और बांद्रा टर्मिनस से पश्चिम रेलवे की दो पार्सल एक्सप्रेस ट्रेनें रवाना
फोटो कैप्शन: पश्चिम रेलवे की पहली बार पार्सल एक्सप्रेस ट्रेन में आवश्यक वस्तुओं के लदान का दृश्य, जो 31 मार्च, 2020 को अहमदाबाद के कांकरिया से पश्चिम बंगाल के संकरेल गुड्स टर्मिनल के लिए रवाना हुई।
पश्चिम रेलवे द्वारा राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर काम करना जारी रखा जा रहा है कि कोरोना लॉकडाउन के इस कठिन समय में आवश्यक वस्तुएं पूरे देश में उपलब्ध रहें। इस प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा कुल तीन निर्धारित ट्रेनों में से दो टाइमटेबल्ड पार्सल एक्सप्रेस ट्रेनें क्रमशः 31 मार्च, 2020 को अहमदाबाद के कांकरिया से पश्चिम बंगल में संकरेल माल टर्मिनल के लिए और 1अप्रैल, 2020 को बांद्रा टर्मिनस से लुधियाना के लिए अपने लम्बे सफ़र पर रवाना हुईं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री रविन्द्र भाकर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम रेलवे ने अपनी माल गाड़ियों के माध्यम से देश के सभी हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की नियमित आपूर्ति बनाए रखने के लिए हरसम्भव प्रयास सुनिश्चित किये हैं। लोगों की कठिनाइयों को कुछ हद तक कम करने के लिए पश्चिम रेलवे ने आवश्यक वस्तुओं के परिवहन को बड़े पैमाने पर शुरू करने का फैसला लिया, जिसके फलस्वरूप चिकित्सा उपकरणों और भोजन आदि की आपूर्ति के लिए 3 पार्सल एक्सप्रेस ट्रेनों की समय सारणी पश्चिम रेलवे द्वारा घोषित की गई। इस अवधि के दौरान 31 मार्च से 15 अप्रैल, 2020 तक तीन पार्सल एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल 16 सेवाओं के जरिये दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, मसाले, किराने का सामान और बिस्कुट, सूखी घास आदि वस्तुओं का परिवहन किया जा रहा है। पार्सल स्पेशल ट्रेनों की 12 सेवाएं बांद्रा टर्मिनस और लुधियाना के बीच चलेंगी, वहीं 2 सेवाएं कांकरिया और संकरेल गुड्स टर्मिनल तथा 2अन्य सेवाएं करम्बेली और चांगसारी के बीच चलने वाली हैं। 22 मार्च से 1 अप्रैल, 2020 तक लॉकडाउन अवधि के दौरान कुल 538 रेक का उपयोग 1.11 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है। 1369 मालगाड़ियों को अन्य रेलवे के साथ जोड़ा गया, जिनमें 682 ट्रेनें सौंपी गईं और 687 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंट पर ले जाया गया। पार्सल वैन / रेलवे मिल्क टैंकरों (आरएमटी) के 9 मिलेनियम पार्सल रेक आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध पाउडर, तरल दूध और अन्य सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे गये हैं।
श्री भाकर ने बताया कि 31 मार्च, 2020 तक पश्चिम रेलवे पर कुल घाटा 207.11 करोड़ रुपये (उपनगरीय + गैर-उपनगरीय सहित) आंका गया है। पश्चिम रेलवे , द्वारा इस दौरान 132.25 करोड़ रुपये की रिफंड अदायगी की गई, जिसमें अकेले मुंबई मंडल में ही 62.50 करोड़ रु.के रिफंड का भुगतान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराने और आम लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के अलावा पश्चिम रेलवे मास्क और सैनिटाइटर तैयार करने में भी अग्रणी है और ये डॉक्टरों से उचित अनुमोदन के साथ बनाये जा रहे हैं। पश्चिम रेलवे पर अभी तक लगभग 215 लीटर सैनिटाइज़र तैयार किया गया है। यह भी सराहनीय है कि पश्चिम रेलवे के विभिन्न कर्मचारियों द्वारा अपनी ड्यूटी के बाद अपने खाली समय के दौरान लोगों की सुरक्षा और अत्यावश्यक सेवाओं के कर्मचारियों के लिए 26645 कॉटन मास्क तैयार कर एक अनूठी मिसाल पेश की गई है।
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