रतलाम,
30 जनवरी 2023,
अगर किसी पात्र हितग्राही को पट्टा नहीं दिया तो संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार सस्पेंड किए जाएंगे। एसडीएम के विरुद्ध भी कार्यवाही हेतु शासन को लिखा जाएगा। यह निर्देश कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में दिए गए। कलेक्टर मुख्यमंत्री भू अधिकार आवासीय योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को दिए जाने वाले पट्टों की जानकारी ले रहे थे। बताया गया कि अभी 1988 पट्टे ऑनलाइन वितरण हेतु तैयार है। समीक्षा में पाया कि पिपलौदा, जावरा, रावटी, आलोट तथा रतलाम ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम संख्या में पट्टे दिए गए हैं जिस पर कलेक्टर द्वारा सख्त नाराजगी जताई गई। राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान संचालित करके जो भी पात्र हितग्राही हैं, उनको पट्टे देना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि वे स्वयं फील्ड में जाकर सत्यापन करेंगे, पात्र हितग्राही को पट्टा मिलना चाहिए। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जमुना भिड़े को रावटी क्षेत्र में, एसडीएम रतलाम संजीव पांडे को रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में तथा डिप्टी कलेक्टर त्रिलोचन गौड को पिपलोदा, जावरा, आलोट जाकर मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना क्रियान्वयन के रेंडम निरीक्षण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि किसी परिवार को आवास के लिए पट्टे की आवश्यकता है तो आबादी भूमि से पट्टा दिया जाए, आबादी भूमि नहीं है तो आबादी भूमि घोषित करके पट्टा देना है।
रतलाम,
30 जनवरी 2023,
रतलाम जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की बदौलत कई गरीब परिवार अपनी गरीबी को दूर कर रहे हैं। जिले के पिपलोदा विकासखंड के ग्राम बाराखेड़ा की दीपमाला राजपूत की भी यही कहानी है। दीपमाला के पति प्राइवेट फेक्ट्री में छोटी सी सैलरी पर कार्य करते हैं, खेती योग्य भूमि भी नहीं है। बेहतर जीवन जीने के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत की आवश्यकता को देखकर वर्ष 2019 में दीपमाला गांव में गठित ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह में सम्मिलित हो गई। समूह में शामिल होने के बाद दीपमाला ने आजीविका मिशन के सहयोग से आरसेटी संस्था द्वारा आयोजित सिलाई और ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण में भाग लिया, यहां से आत्मविश्वास मिला। समूह से 30 हजार रूपए का सीआईएफ ऋण लेकर बाजार में अपने ब्यूटी पार्लर की स्थापना की। प्रतिदिन ब्यूटी पार्लर से 200 से 400 रूपए की कमाई होने लगी। ऋण चुकाने के बाद सिलाई मशीन के लिए 10 हजार रूपए का ऋण लिया। सिलाई का काम भी शुरू कर दिया, साड़ियों में फाल लगाने, ब्लाऊज, कुर्तियां सिलाई करके प्रतिमाह अच्छी आमदनी अर्जित करने लगी। अभी इसी वर्ष में दीपमाला ने आजीविका मिशन द्वारा बैंक सखी प्रशिक्षण में शामिल होकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पिपलोदा के लिए बैंक सखी के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया। इस काम से भी उन्हें हर महीने 3 हजार रूपए राशि मिलती है। कुल मिलाकर सिलाई, ब्यूटी पार्लर, बैंक सखी के कार्यों से दीपमाला अपने दम पर 15 से 20 हजार रूपए की आमदनी अर्जित कर रही है। दीपमाला ने दिखा दिया है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास हो तो व्यक्ति सब कुछ कर सकता है। उसने आजीविका मिशन की मदद से ना केवल खुद को सशक्त बनाया है बल्कि अपने घर को भी आर्थिक मजबूती दी है। सामान्य वर्ग से आने वाली बी.कॉम. शिक्षित दीपमाला अब आगे स्टेशनरी की दुकान स्थापित करने की योजना बना रही है। दीपमाला का मोबाइल नंबर 84619 45545 है।
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