रतलाम,
01/May/2025,
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसर ने बताया कि गर्मी के मौसम में भारत सरकार द्वारा हीट रिलेटेड इलनेस से बचाव के लिए दिशा-निर्देश अनुसार जनसामान्य को जागरूक करने और सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में रोगियों को एचआरआई से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन एचआरआई मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है ।
रतलाम,
01/May/2025,
मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम से उमरबन जिला धार से माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा संबल हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता राशि का हितलाभ वितरण किया गया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण प्रदेश की समस्त जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों सहित जिला स्तर पर भी एनआईसी कार्यालय में हितग्राहियों को दिखाया गया योजना के तहत रतलाम जिले के कुल 675 हितग्राहियों को 14 करोड़ 62 लाख रूपए की हितलाभ राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से भुगतान किया गया। इस दौरान रतलाम एनआईसी कक्ष में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, नगर निगम अध्यक्षा मनीषा शर्मा, कलेक्टर श्री राजेश बाथम, सीईओ जिला पंचायत श्रृंगार श्रीवास्तव, हितग्राहीगण एवं श्रम विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

रतलाम,
01/May/2025,
बाल विवाह सिर्फ एक गंभीर सामाजिक समस्या नहीं बल्कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के अंतर्गत एक अपराध भी है। बाल विवाह अपराध घोषित होने के बाद भी एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार विश्व की एक तिहाई बाल दुल्हन भारत में हैं। यह आंकड़े बाल विवाह की गंभीर सामाजिक समस्या प्रकट करते हैं।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 NALSA Child Friendly Legal Services for Children Scheme 2024 के अंतर्गत सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम सुश्री नीना आशापुरे के मार्गदर्शन तथा न्यायाधीश/सचिव श्री नीरज पवैया के निर्देशन में जिला विधिक सहायता अधिकारी/नोडल अधिकारी सुश्री पूनम तिवारी, रतलाम द्वारा एक दिवसीय विशेष अभियान हेतु पैरालीगल वालेंटियर्स/न्याय मित्रों की एक टीम गठित की गई। उस टीम एवं प्रशासन द्वारा गठित टीम द्वारा रतलाम जिले के संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया जाकर बाल विवाह न करने के संबंध में जागरूक किया गया तथा एक बाल विवाह भी रूकवाया गया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी वर्ष 2024 में पारित अपने एक निर्णय में विवाहों को रोकने, पीड़ितों के पुर्नवास और उन्हें समाज में पुनः स्थापित करने के लिये व्यापक दिशा-निर्देश जारी किये हैं। इन निर्देशों के पालन में समाज को बाल विवाह के बालक-बालिकाओं के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के संबंध में जागरूक किया जाना है। इसके लिए सभी स्टेक होल्डर्स के बीच समन्वय स्थापित कर बाल विवाह रोकथाम कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जाना है।
प्रशासन एवं जिला प्राधिकरण, रतलाम की टीम में पैरालीगल वालेंटियर्स एवं पैनल अधिवक्ताओं द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से विद्याथियों में जागरूकता फैलाई गई। इस अभियान में ग्राम पंचायतों में बाल विवाह न होने देने की शपथ ली गई और उस शपथ को गांवों में चस्पा किया गया। जिससे आमजन भी बाल विवाह रोकने हेतु प्रेरित हों। गांवो के स्वसहायता समूह की दीदीयों द्वारा ग्रामीणजन से चर्चा कर उन्हें समझाईश दी गई।
पुलिस एवं पंचायत विभाग द्वारा 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं की जानकारी एकत्र कर उन परिवारों पर विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणामों का आमजन के बीच सघन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बाल विवाह की रोकथाम के लिये सूचना दल एवं कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में स्थापित कंट्रोल रूम में 24×7 हेल्पलाईन नंबर अथवा बेबसाईट https://stopchildmarrige.wc.
रतलाम,
01/May/2025,
शासन निर्देशानुसार रतलाम जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत समस्त पात्र परिवारों के सभी सदस्यों की ईकेवायसी करवाना अनिवार्य है। इस हेतु 30 अप्रैल 2025 तक विशेष अभियान चलाया गया था। एनएफएसए 2013 अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की ईकेवायसी राज्य शासन की प्राथमिकता का कार्य है। अतः उक्त कार्य की प्राथमिकता को दृष्टिगत रखते हुये ईकेवायसी अभियान की अवधि 15 मई 2025 तक बढ़ाई गई है।
अतः उपभोक्ताओं से अपील की जाती है कि वे अपनी शासकीय उचित मूल्य दुकान पर जाकर पीओएस मशीन से अथवा ग्राम/वार्ड/मोहल्लो में विक्रेता द्वारा किये जा रहे कैम्प के माध्यम से शेष रहे पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी का कार्य अतिशीघ्र करवाएं अथवा पात्र हितग्राही अपने एंड्रोइड मोबाईल फोन के माध्यम से “मेरा ईकेवायसी ऐप“ को डाउनलोड कर स्वयं अपने परिवार के सदस्यों का तथा अन्य पात्र हितग्राहियों का भी ईकेवायसी (Face Authentication) के माध्यम से कर सकते है, जिससे परिवार के सभी सदस्यों का राशन प्रदाय निर्बाध रूप से हो सकें।
शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन लेने वाले सभी पात्रता पर्चीधारी परिवारों के सदस्यों को आधार प्रमाणीकरण कर लाभार्थी सत्यापन ईकेवायसी पीओएस मशीन / “मेरा ईकेवायसी ऐप“ से किया जा रहा है। ईकेवायसी नहीं होने की स्थिति में भविष्य में उन्हें राशन मिलना बंद हो जाएगा तथा वन नेशन वन राशन कार्ड एवं राशन पोर्टेबिलिटी सुविधा का लाभ हितग्राही नहीं ले सकेंगे। अतः सभी पात्र हितग्राही परिवार के सभी सदस्यों की ईकेवायसी पीओएस मशीन / “मेरा ईकेवायसी ऐप“ के माध्यम से करवाना सुनिश्चित करें।
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