रतलाम,
19/Apr/2025
केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को माधव स्मृति मंच द्वारा आयोजित समारोह मे शहर के प्रबुद्ध, समाजसेवी, उद्योगपति एवं खेल जगत मे 16 हस्तियों को ‘‘ माधव रत्न‘‘ से सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि रतलाम से उनका पीढ़ियों का नाता है। रतलाम के विकास मे सिंधिया परिवार पहले भी हमेशा साथ रहा और आगे भी हमेशा साथ रहेगा।
समारोह मे केंद्रीय मंत्री सिंधिया के साथ प्रदेश जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर, महापौर प्रहलाद पटेल, निगम अध्यक्ष मनीशा शर्मा, के.के.सिंह कालूखेडा, उज्जैन के राजेंद्र भारतीय एवं मंच अध्यक्ष निमिष व्यास मंचासीन रहे।
अतिथियों ने माधव रत्न समारोह का दीप प्रजलित कर शुभारंभ किया।
तत्पश्चात् मंच अध्यक्ष निमिष व्यास ने स्वागत भाषण दिया। अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति की और से निमिश व्यास प्रवीण सोनी, कीर्ति शरण सिंह, विक्रम लोहिया, हितेश सुराणा, दिनेश शर्मा, गौरव अजमेरा, सौरभ छाजेड, प्रितेश गादिया, विप्लव जैन, विषाल शर्मा, मदन सोनी, सुमित कटारिया, कीर्ति जायसवाल एवं कीर्ति बडजातिया ने किया।
मुख्य अतिथि सिंधिया को आचंल व्यास ने तिलक लगाकर स्वागत किया। समारोह मे उद्योगपति एवं समाजसेवी राजकुमार अजमेरा, रक्तदान के क्षेत्र मे दिलीप भंसाली, कृषि क्षेत्र मे राजेश पटेल, समाज सेवा के लिए मांगीलाल ग्वालियरी, महिला सशक्तिकरण हेतु सुनीता पाठक, मलखंब एवं व्यायाम शाला के लिए गौरव जाट, शव वाहन व गौ-सेवा के लिए दिनेश वाघेला, नेत्रदान के लिए हेमंत मूणत, साहित्य के लिए आशीष दशोत्तर, उन्नत कृषि के लिए जितेन्द्र पाटीदार, जीव दया के लिए शैलेन्द्र गोठवाल, समाज सेवी कमलेश मेहता, चिकित्सा क्षेत्र मे डॉ. डॉली मेहरा, मानव सेवा के लिए गोविंद काकानी एवं सामाजिक कार्य हेतु सुभाष जैन को माधव रत्न से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आशीष शुक्ला ने किया आभार प्रदर्शन कीर्ति बडजातिया द्वारा किया गया।समारोह मे नगर विभिन्न क्षेत्रों गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सिंधिया ने कहा-मैं यहां एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपके परिवार के सदस्य के रूप में उपस्थित हूं
समारोह में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने भावुक शब्दों में कहा, मैं यहां एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपके परिवार के सदस्य के रूप में उपस्थित हूं। मेरे पूज्य पिताजी जी ने रतलाम, नीमच, इंदौर और उज्जैन को भी उतनी ही प्राथमिकता दी, जितनी ग्वालियर को दी और इस क्षेत्र का विकास किया।
कोरोना काल में ऑक्सीजन संकट के दौरान की गई मदद मेरा कर्तव्य ही नहीं, रतलाम परिवार के प्रति मेरा धर्म भी था। उन्होंने कहा कि उनके पूज्य पिताजी एक राजनेता नहीं, सच्चे जनसेवक थे।

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