सरवन में RSS का पथ संचलन, शताब्दी वर्ष पर अनुशासन, एकता और देशभक्ति का शानदार प्रदर्शन

पथ संचलन का विभिन्न जगहों पर किया स्वागत।
रतलाम- जिले के सरवन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रविवार को पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में संघ की एकता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। पूरे नगर में देश भक्ति और संगठन की भावना का माहौल छा गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरवन से हुआ। पथ संचलन का मार्ग पुरानी चौकी, तिरंगा चौराहा, गुर्जर मोहल्ला, आजाद चौक, माहेश्वरी गली, दिल्ली मोहल्ला, बाईपास सर्वर ब्रिज और तेजाजी मंदिर से होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचा। वहां से लाल गार्डन में ध्वज प्रणाम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में बाबूलाल भट्ट एवं संत आनंद गिरी महाराज उपस्थित रहे। साथ ही जिला सह-कार्यवाह विकास पाटीदार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।
संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में अनुशासित पंक्तियों में कदमताल करते हुए शामिल हुए। उनकी संगठित चाल, निष्ठा और अनुशासन ने नगरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उल्लेखनीय यह रहा कि नगर के वरिष्ठ नागरिक भी संचलन में शामिल हुए, जो संघ की समावेशिता और व्यापक सामाजिक सहभागिता को दर्शाता है।
नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ स्वयंसेवकों का स्वागत किया। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भी इस अवसर पर उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा नगर ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ जैसे नारों से गूंज उठा। इसी तरह पथ संचलन के दौरान नव दुर्गा महिला मंडल ने पथ संचलन में स्वयं सेवकों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। जिसमें महिला मंडल प्रमुख एडवोकेट वर्षा जोशी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं सदस्य उपस्थित रही। कार्यक्रम की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। मौके पर प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। अधिकारियों की सक्रियता और सतर्कता से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। यह पथ संचलन सिर्फ आरएसएस के शताब्दी समारोह का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज में एकता, अनुशासन और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का एक प्रेरणादायी उदाहरण भी बना।
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