रतलाम
जिले में अपराधों की रोकथाम एवं अवैध हथियारों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार एवं नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। नियमित वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने 06 आरोपियों को दो अवैध पिस्टल, 06 जिंदा कारतूस एवं दो वाहनों सहित गिरफ्तार किया है पुलिस टीम ने दोनों वाहनों को रोककर पूछताछ एवं तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पल्सर मोटरसाइकिल चला रहे आरोपी रोहित उर्फ कृष्णा माली की कमर से एक अवैध पिस्टल मय मैगजीन तथा 04 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसी प्रकार एक्टिवा स्कूटी चला रहे आरोपी जितेन्द्र उर्फ बड़ा गोलू की कमर से एक अवैध पिस्टल मय मैगजीन एवं 02 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपियों से हथियारों के संबंध में वैध दस्तावेज एवं लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया, किन्तु वे कोई वैध अनुमति नहीं दिखा सके
तथा पूछताछ में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। वाहन चालकों के पास वाहन संबंधी आवश्यक दस्तावेज एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं पाए गए।पुलिस ने मौके पर दोनों अवैध पिस्टल, 06 जिंदा कारतूस, पल्सर मोटरसाइकिल एवं एक्टिवा स्कूटी विधिवत जप्त कर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 3/181, 39/192 एवं 146/196 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है।

रतलाम
जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं जिला बदर आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जावरा शहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।पुलिस की टीम कस्बा गश्त के दौरान गुन्नाचौक क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि वसीम जो जिला बदर घोषित है, आदेश का उल्लंघन करते हुए मामू साहब की दरगाह के पास एक मकान में रह रहा है।

सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम वसीम उर्फ चौकड़ी पिता सईद पठान, निवासी अकब बिजली घर के पीछे, जावरा होना बताया।आरोपी को माननीय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, रतलाम द्वारा पारित जिला बदर आदेश के तहत रतलाम जिले सहित सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष की अवधि के लिए बाहर रहने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेश की विधिवत तामील भी कराई जा चुकी थी, इसके बावजूद आरोपी बिना किसी वैध कारण के जावरा शहर क्षेत्र में पाया गया।
उज्जैन,
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह संतोष की बात है कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ करते समय जो अनेक बड़े लक्ष्य देश के सामने रखे गए थे, उनमें से स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा हो गया। मुझे बताया गया है कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष की आयु तक के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा हो चुका है। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। यह पूरे विश्व में आनुवंशिक रोगों की जाँच-परख की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में अब तक सवा करोड़ से भी अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इनमें से अधिकांश लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी दिये जा चुके हैं।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि सिकल सेल से जुड़ी चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया और पिछले कुछ वर्षों में एक समग्र दृष्टि से सरकार ने जो प्रयास किये हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। लगभग तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन को लॉन्च किया था। इस पहल के पीछे न केवल सरकार का गंभीर प्रयास का दृढ़ संकल्प था बल्कि इस चुनौती से जुड़े हर आयाम का समुचित response देने की दूरदर्शी सोच भी थी।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि मुझे बताया गया है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रूप में देश में पहली बार ऐसा मिशन प्रारंभ किया। इसे केवल स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के रूप में नहीं देखा गया, इसे जनजातीय स्वास्थ्य का मुद्दा, आनुवंशिकता से जुड़ी जागरूकता और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर की चुनौती के साथ ही सामाजिक आचरण में बदलाव के मिशन के रूप में देखा गया। इस मिशन की पृष्ठभूमि में अनेक स्तरों पर किये गये वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन रहे हैं। ICMR, Tribal Health Research Institutes, AIIMS, NHM, WHO और विभिन्न राज्य सरकारों ने इस विषय के विभिन्न आयामों पर अध्ययन किया हैं। इनसे मुख्य रूप से यह आंकलन सामने आया कि:-
- भारत में लगभग 2 से 2.5 करोड़ लोग सिकल सेल जीन के वाहक हो सकते हैं।
- लाखों लोग सक्रिय रोग से पीड़ित हैं।
- सबसे अधिक प्रभाव मध्य भारत की जनजातीय क्षेत्र में है।
- अनेक परिवार पीढ़ियों से इस रोग से प्रभावित थे लेकिन उन्हें बीमारी का नाम तक मालूम नहीं था।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि अध्ययनों से यह भी पता चला कि भारत के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग का प्रसार सामान्य आबादी की तुलना में कई गुना अधिक है। फलस्वरूप, देश में पहली बार सार्वजनिक स्वास्थ्य, जनजातीय कल्याण, Genetic Science और डिजिटल मॉनिटरिंग को एकसाथ जोड़कर यह राष्ट्र व्यापी अभियान प्रारंभ किया गया। देश के 17 राज्यों में चलाये जा रहे इस अभियान के प्रति राज्यों ने भी पूरी तत्परता से भागीदारी की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे इस मिशन की परिकल्पना ने प्रभावित किया है। इसलिए मैं इस मिशन के तीन प्रमुख आयामों का उल्लेख करना चाहूंगी:
- पहलाः बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाना और विवाह पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग करना।
- दूसराः व्यापक स्क्रीनिंग करके समय रहते रोग की पहचान करना।
- तीसराः प्रबंधन की समग्रता को सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य देखभाल की निरंतरता बनाये रखना।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की पहल के लिहाज से देखें तो देश में पहली बार इतनी बड़ी जनसंख्या की आनुवंशिक स्क्रीनिंग, डिजिटल ट्रैकिंग के साथ की जा रही है। मिशन मोड में हुई स्क्रीनिंग का ही परिणाम है कि अभी तक लगभग ढाई लाख लोगों में सिकल सेल संबंधी रोग चिन्हित किये जा चुके हैं और इस रोग के 20 लाख से भी अधिक वाहक यानी carrier भी पहचाने जा चुके हैं। वाहकों की इतनी बड़ी संख्या से जुड़ी चुनौती को समझने की आवश्यकता है। सिकल सेल के वाहक लोगों में इस रोग के लक्षण नहीं होते इसलिए उन्हें इसकी भविष्य की गंभीरता का कोई अंदाज नहीं लग पाता। अधिकांशतः वाहकों को यह नहीं पता होता कि वे अनजाने ही अपनी संतान को ये रोग दे सकते हैं। संतोष की बात है कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों ने मिशन मोड में पिछले कुछ वर्षों में सिकल सेल से जुड़े रोगियों और वाहकों की पहचान के साथ-साथ उनकी समुचित स्वास्थ्य देखभाल पर सराहनीय कार्य किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरे संज्ञान में लाया गया है कि बहुस्तरीय प्रयासों के क्रम में मध्यप्रदेश में सभी प्रभावित लोगों, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए पॉइंट ऑफ केयर टेस्ट आधारित जाँच सुविधा को आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर तक विस्तारित किया गया है। गत वर्ष 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चले “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” अंतर्गत मध्यप्रदेश ने 4 लाख से अधिक महिलाओं की सिकल सेल स्क्रीनिंग का कीर्तिमान स्थापित करके इस समस्या के समाधान हेतु अमूल्य योगदान दिया है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को भी परामर्श, उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। दूरस्थ एवं दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) के माध्यम से निरंतर स्क्रीनिंग की जा रही है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पिछले वर्ष विश्व सिकल सेल दिवस पर प्रदेश में “सिकल मित्र” पहल का शुभारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने, रोगियों को सहायता प्रदान करने तथा उन्हें शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षित किया गया है। इन सार्थक पहलों के लिए मैं प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों को बधाई देती हूं। मुझे विश्वास है कि सभी प्रदेशों की समेकित शक्ति और सक्रियता से हम वर्ष 2047 से बहुत पहले ही देश से सिकल सेल संबंधी रोगों के उन्मूलन के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य में अवश्य सफल होंगे। देश में जनजातीय समुदाय की सबसे बड़ी संख्या मध्यप्रदेश में है। मैं आशा करती हूं कि मध्यप्रदेश द्वारा जनजातीय विकास के अनेक क्रीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे।
रतलाम
राज्य शासन के निर्देश के क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ किरण वाडीवा ने पदभार ग्रहण किया। वे वरिष्ठ संयुक्त संचालक संचालनालय मध्य प्रदेश भोपाल के पद पर पदस्थ थी। सीएमएचओ ने सबसे पहले कालिका माता मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की उसके बाद कार्यालय में आकर पदभार ग्रहण किया। उनके कार्यालय आगमन पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसरे, सिविल सर्जन डॉ ए पी सिंह , शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मनीष सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी 2 , डॉक्टर राजेश मंडलोई , जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील, डीपीएम अर्चना राठौर , डीसीएम कमलेश मुवेल एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर गौरव बोरीवाल, जिला मलेरिया सलाहकार

डॉक्टर प्रमोद प्रजापति , जिला क्षय अधिकारी डॉक्टर अभिषेक अरोड़ा , डॉ जितेंद्र जायसवाल, सरला वर्मा, शैलेंद्र भिड़े, शरद शुक्ला, लवनेश शर्मा , नवीन नागर, डॉ अभय ओहरी, सचिन वर्मा, आनंदीलाल जैन, मधुबाला राठौर, शीला चौहान , सरिता वर्मा, प्रवीना राठौर , सुश्री श्वेता बागड़ी , दीपक उपाध्याय , जमुनालाल पाटीदार , संदीप तलोदिया , निलेश चौहान अनिल परिहार , जितेंद्र मांझी, हितेंद्र सिंह राठौर , सोनम मंडलोई , सुश्री नेहा शर्मा , कामिनी मालवीय , तथा विभिन्न अधिकारी कर्मचारियों ने स्वागत कर अपना परिचय दिया।

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