रतलाम
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार “नशे से दूर है खेल 2.0” जनजागरूकता अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (भा.पु.से.) एवं जिला खेल अधिकारी श्रीमती रुचि शर्मा के नेतृत्व में मियामी पुलिस एवं खेल विभाग के संयुक्त उद्यम में युवाओं एवं बच्चों को खेल के माध्यम से नशे की लत के उद्देश्य से फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को नशा से दूर रखा गया उन्हें खेल, निर्देश एवं स्वस्थ विचारधारा की ओर प्रेरित करना तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
खेल के माध्यम से दिया गया नशामुक्ति का संदेश-
फुटबॉल मैच में युवाओं और बच्चों ने दिया हौसला बढ़ाने का संदेश। खेल जगत के माध्यम से वर्चुअल को यह संदेश दिया गया कि खेल को न तो केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया गया है, बल्कि बच्चों को नशे की लत से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है।
इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक रामगढ़ श्री संत घनघोरिया द्वारा प्रतिभागी एवं बच्चों को नशे के आदी के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि नशा करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसका परिवार एवं समाज भी प्रभावित होता है। युवाओं को नशे से दूर समुद्र तट पर खेल एवं नशे की लत को सक्रिय करने की सलाह दी जाती है।

किशोर एवं बच्चों को स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं आस-पास के लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक करने की शपथ-
कार्यक्रम के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री साकीत घनघोरिया द्वारा किशोर एवं बच्चों को स्वयं नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
उन्होंने युवाओं से पूछा कि वे खेलों को अपने जीवन का हिस्सा और स्वस्थ, अनुशासित एवं नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लें।
कार्यक्रम में नगर पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, खेल प्रशिक्षक, युवा खिलाड़ी, खिलाड़ी एवं बच्चे उपस्थित रहे।

रिआल्ट पुलिस की अपील-
रिआल्ट पुलिस युवाओं एवं नागरिकों से अपील है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी नशामुक्ति के प्रति आकर्षित करें। जीवन का हिस्सा स्वस्थ सकारात्मक समाज निर्माण में अपना योगदान दें।
“नशे से दूर है खेल – खेल से जुड़ें, स्वस्थ रहें।”
“नशा छोड़ो – जीवन जोड़ो।”
स्वस्थ युवा • सुरक्षित समाज • नशामुक्त मध्य प्रदेश

रतलाम
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ध्रुवेंद्र पांडे ने बताया कि जिले में 1 अगस्त को डॉक्टर लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज में लाइफ स्ट्रीम कैंप का आयोजन करेंगे। कार्यक्रम के तहत डीन डॉ. एनिटनी मुथा के मार्गदर्शन में दंता फाउंडेशन, रेड क्रॉस सोसाइटी और काकानी फाउंडेशन, क्लिंटन फाउंडेशन के सहयोग से जिला जिलों में थैलेसीमिया से पीड़ित सभी बच्चों की जांच कर आवश्यक जांच कर उपचार दिया जाएगा। शिविर के दौरान तकनीशियनों के विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं। शिविर के दौरान थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को उनके बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन उपकरण के अस्पताल में ले जाया जाएगा। शिविर में शिशु रोग विशेषज्ञ की सेवा, आहाआदे मेक की व्यवस्था, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था, पैथ रेजीमेंट की व्यवस्था, थैलेसीमिया के संबंध में उच्च स्तरीय जांच की व्यवस्था रहेगी। मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. एनिटनी मुथा ने थैलेसीमिया से पीड़ित सभी बच्चों और उनके परिवारजनों को अस्पताल में भर्ती होने के लिए अप्लाई करने की आवश्यकता बताई है।
रतलाम
रतलाम- सालाखेड़ी स्थित 65 बीघा क्षेत्रफल में फैले रॉयल कॉलेज में आज पौधारोपण पखवाड़े का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पखवाड़े के अंतर्गत महाविद्यालय में लगभग 1000 फलदार और छायादार पौधों को रोपित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. महेश पालीवाल जी ने लाल चंदन का पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया जी और परशुराम कल्याण बोर्ड के उज्जैन संभाग प्रभारी श्री अनुराग लोखंडे जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।रॉयल कॉलेज के कैंपस प्रशासक श्री दिनेश राजपुरोहित ने पखवाड़े की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जिन पौधों का रोपण किया जा रहा है, उनमें 6 प्रजाति के आम, लीची, फालसे, लाल शहतूत, नाशपाती, अमेरिकन रेड जामफल व ताइवान पिंक जामफल, आंवला, हाइब्रिड जामुन, मैंगोस्टीन, आड़ू, बेल पत्र, बॉटल पाम, वाटर एप्पल, गोल्डन सीताफल, एप्पल बेर, भगवा अनार, फाइकस और हाइब्रिड चीकू आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। श्री राजपुरोहित ने यह भी बताया कि पिछले 30 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा को समेटे हुए इस संस्थान में वर्तमान में लगभग 2000 से अधिक छायादार और फलों के वृक्ष लहलहा रहे हैं। ये न केवल यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं बल्कि भीषण गर्मी के दौरान भी वातावरण को शीतल रखते हुए शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए संस्थान ने इसे पूरी तरह से वायु और ध्वनि प्रदूषण मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया है, जहाँ धूल से बचाव के लिए आवागमन के मार्गों पर आधुनिक पेवर ब्लॉक बिछाए गए हैं।

महाविद्यालय की जीवंतता और सौंदर्य में चार चाँद लगाने के लिए यहाँ गुलाब, कमल और जरवेरा जैसे आकर्षक फूलों के कई भव्य उद्यान और सुंदर फव्वारे स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कई फ्रूट गार्डन्स में आम, चीकू, जामुन, जामफल, आवला, एप्पल बोर, नींबू, मौसंबी, संतरा, बादाम, सीताफल, पपीता, केला, कटहल, अंजीर और शहतूत के सैकड़ो पेड़ों को लगाया गया है। सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि यहाँ की सम्पूर्ण जमीन पथरीली व चट्टान वाली है, इसके बावजूद जमीन में गड्ढे खोद कर और उनमें मिट्टी भरकर इन पेड़-पौधों को सफलतापूर्वक लगाया गया है।पौधारोपण पखवाड़े के इस शुभ अवसर पर मैनेजमेंट प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, टीचर एजुकेशन प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, फार्मेसी प्राचार्य डॉ. कल्पना पाटीदार, लाइफ साइंस प्राचार्य श्री कपिल केरोल एवं नर्सिंग प्राचार्य श्री जगदीश डुके के साथ-साथ महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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