उज्जैन,
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में विभिन्न धार्मिक स्थलों और आश्रमों का भ्रमण कर संत-महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने परंपरा के अनुरूप माल्यार्पण कर संतों का सम्मान किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार रात्रि में शिप्रा तट स्थित श्री गुरु दत्तात्रेय अखाड़ा पहुंच कर यहां उन्होंने पीर गादी एवं धूनी पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात अखाड़े के गादीपति श्री महंत सुंदरपुरी महाराज पीर जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री महंत सुंदरपुरी महाराज ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री के दत्तात्रेय अखाड़ा पहुंचने पर संत समाज एवं श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगरोला फांटा, चिंतामन रोड स्थित श्याम धाम आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने महंत श्री श्याम गिरी महाराज (राधे-राधे बाबा) से भेंट कर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर माल्यार्पण किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव चिंतामन मार्ग स्थित राजराजेश्वरी आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने आवाहन अखाड़ा के महामंडलेश्वर श्री अतुलेशानंद आचार्य शेखर महाराज से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराज श्री को माल्यार्पण कर सम्मानित

रतलाम।
गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर सृजन महाविद्यालय में ‘एक वृक्ष गुरु के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण एवं मानवीय दायित्वों के प्रति समाज को जागरूक करना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण किया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम संस्था के चेयरमैन एवं सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी के मार्गदर्शन एवं संदेश के अनुरूप आयोजित किया गया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाना ही समर्पण नहीं है, बल्कि उसका पालन-पोषण और संरक्षण करना भी प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। जब तक लगाए गए पौधे वृक्ष का स्वरूप नहीं ले लेते, तब तक उनकी निरंतर देखभाल करना ही प्रकृति के प्रति हमारी सच्ची सेवा है। संस्था के समन्वयक निसर्ग दुबे ने कहा कि गुरुपूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस दिव्य ऊर्जा, ज्ञान और प्रेरणा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिसके मार्गदर्शन से हमारे जीवन को दिशा, ओज और संस्कार प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर किया गया वृक्षारोपण उन सभी गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने ज्ञान से समाज और जीवन को समृद्ध बनाया है।

कार्यक्रम के अंत में संस्था के प्राचार्य डॉ जिंदल यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों से ‘एक वृक्ष गुरु के नाम’ अभियान को जन-जन तक पहुँचाने तथा प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक वृक्ष लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया।
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