उज्जैन,
मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल के रूप में क्वालिटी ऑडिट मोबाइल एप लागू किया गया है। यह पहल डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच को आगे बढ़ाती है। साथ ही विभागीय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों ने इस व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी रूप से स्थापित किया है।
प्रदेश में संचालित शासकीय एवं अशासकीय संस्थाएं जैसे दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र, वृद्धाश्रम, दिव्यांगजनों के संचालित विशेष विद्यालय और नशा मुक्ति केंद्र समाज के कमजोर वर्गों को आश्रय और सेवाएं प्रदान करते हैं। वर्तमान में 252 संस्थाओं के सुचारू संचालन और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया गया है। एमपीएसईडीसी के सहयोग से विकसित यह मोबाइल ऐप निरीक्षण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाता है।
इस ऐप की कार्यप्रणाली एक व्यवस्थित प्रक्रिया पर आधारित है, जिसकी शुरुआत जिला अधिकारी द्वारा विभागीय पोर्टल पर लॉगइन करने से होती है। इसके बाद स्थानीय निकाय में पदस्थ सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को पोर्टल पर पंजीकृत कर यूजर आईडी प्रदान की जाती है, जो उन्हें एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होती है। निरीक्षण कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए निरीक्षण दल का गठन किया जाता है और उसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाती है।
अगले चरण में संबंधित संस्था का चयन कर सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को निरीक्षण के लिए असाइन किया जाता है। अधिकारी मोबाइल ऐप डाउनलोड कर आवश्यक अनुमतियां प्रदान करते हैं तथा लोकेशन ऑन कर लॉगइन करते हैं। इसके बाद जिस संस्था का निरीक्षण किया जाना है, उसका चयन कर निरीक्षण प्रक्रिया प्रारंभ होती है।
निरीक्षण के दौरान मोबाइल ऐप के माध्यम से संस्था के न्यूनतम 5 फोटो लिए जाते हैं, जिनके साथ विस्तृत विवरण और रिमार्क दर्ज किए जाते हैं। ऐप में निर्धारित प्रश्नों के उत्तर संस्था की वास्तविक स्थिति के आधार पर भरे जाते हैं, जिससे मूल्यांकन निष्पक्ष और तथ्यात्मक बनता है। निरीक्षण के आधार पर अंत में संस्था को ग्रेडिंग प्रदान की जाती है और रिपोर्ट को सबमिट कर निरीक्षण पूर्ण किया जाता है।
पूरी प्रक्रिया के बाद निरीक्षण रिपोर्ट संचालनालय और जिला स्तर पर ऑनलाइन उपलब्ध हो जाती है। जिलाधिकारी इन रिपोर्टों और ग्रेडिंग का परीक्षण कर संस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करते हैं। इससे न केवल निगरानी व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि संस्थाओं के संचालन में निरंतर सुधार भी देखने को मिलता है।
राज्य शासन इन संस्थाओं में रहने वाले दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरतमंदों को बेहतर जीवन स्तर, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित कर रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुदान राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने में भी यह एप महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कुल मिलाकर, यह मोबाइल ऐप मध्यप्रदेश में सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए एक आधुनिक और प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उभरा है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से शासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सेवा प्रदायगी में पारदर्शिता बनी रहे और प्रत्येक हितग्राही तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं पहुंचें। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार का उदाहरण है, बल्कि संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।
उज्जैन,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सम्पन्न मध्य क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश में किए गए जनकल्याणकारी कार्यों और सुशासन के प्रयासों की जानकारी दी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक’ में सहभागिता करते हुए सहकारिता, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, शहरी विकास, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, डिजिटल अधोसंरचना विकास, दूध उत्पादन आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की प्रगति की जानकारी साझा की गई।
उज्जैन,
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने बढ़ती विद्युत मांग, सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड में एकीकरण तथा लगातार विस्तारित हो रहे ट्रांसमिशन नेटवर्क जैसी चुनौतियों के बावजूद ट्रांसमिशन लॉसेस को पिछले वर्ष के स्तर 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश का ट्रांसमिशन लॉसेस 2.60 प्रतिशत था तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इसे इसी स्तर पर बनाए रखना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता, तकनीकी क्षमता और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग के दौरान भी यह उपलब्धि हासिल होना अत्यंत गौरव का विषय है मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा ट्रांसमिशन लॉसेस का लक्ष्य 2.74 प्रतिशत निर्धारित किया गया था, जबकि एमपी ट्रांसको ने इसे 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखकर बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि एमपी ट्रांसको को देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ में शामिल करती है ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए एमपी ट्रांसको सहित प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है । उन्होंने कहा कि सभी विद्युत कंपनियों के समन्वित प्रयास, बेहतर तकनीकी प्रबंधन एवं टीम वर्क के कारण ही मध्य प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रतलाम
भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान परमार मंगलवार को रतलाम आए। प्रथम नगर आगमन पर अजा मोर्चा द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ता सम्मेलन एवं जिला बैठक हुई,

इनमे परमार ने भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया अ.जा.मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री परमार ने अपने दौरे की शुरुआत छत्रीपुल स्थित अम्बेडकर सर्कल पर बाबा साहेब की प्रतिमा को माल्यार्पण कर की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का सम्मान भी किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष व संभाग प्रभारी सत्यनारायण खोरीवाल,

सह प्रभारी शैलेश गिरजे, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी हिमांशु मालवीय रतलाम जिला अ.जा.मोर्चा जिलाध्यक्ष रमेश मालवीय, ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर, वरिष्ठ नेता मधु पटेल, रामजी कल्याणें , नंदकिशोर तोशावडा, प्रभु नेका, राहुल निन्धानें, ओमप्रकाश बोरीया आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सुदीप पटेल ने किया। आभार प्रभु सोलंकी ने माना।
रतलाम
शिविर में कमान अधिकारी कर्नल राघवेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्नल संदीप अहलावत के निर्देशन में प्रतिदिन प्रातः सैन्य विषय के प्रशिक्षण अन्तर्गत शस्त्र प्रशिक्षण, फायरिंग, नेवीगेशन, टेन्ट पिंचिंग, कवायद, मेप रीडिंग इत्यादि विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसी के साथ-साथ ही प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के मोटिवेशनल एवं सुरक्षात्मक विषयो पर व्याख्यान कैडेटस को दिए जा रहे है 19 मई को आर्मी भर्ती कार्यालय के निदेशक कर्नल मोहित कुमार जैन द्वारा शिविर में उपस्थित 550 कैडेटस को अग्निवीर भर्ती के लिए किस प्रकार तैयारी की जावे ताकि अधिक से अधिक एनसीसी कैडेटस को इसका लाभ मिल सकें। कर्नल जैन द्वारा बताया गया कि एनसीसी ’’ए’’ ’’बी’’ तथा ’’सी’’ प्रमाण-पत्र धारी को विशेष अंको का लाभ प्रदान किया जाता है। उनके द्वारा बताया गया कि भारत सरकार द्वारा प्रांरभ की गई अग्निवीर भर्ती योजना युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा एवं उज्जवल भविष्य के लिए एक सुनहरा अवसर है।

इस योजना के माध्यम से युवाओं को भारतीय सेना में चार वर्ष तक सेवा करने का अवसर प्राप्त होता है जिससे उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं देश भक्ति की भावना का विकास होता है कर्नल जैन द्वारा बताया गया कि अग्निवीरों की सेवा अवधि के दौरान आकर्षक वेतन एवं आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है और चार वर्ष की सेवा पूर्ण होने उन्हें सेवानिधि पैकेज भी प्रदान किया जाता है जिससे वे आगे की पढाई, व्यवसाय अथवा रोजगार में लाभ प्राप्त कर सकें। उक्त अग्निवीरों मे से अपनी सेवा के दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सेना द्वारा नियमित भी किया जाता है इसके अलावा केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न भर्तीयों जैसे पुलिस, पैरामिलिट्री सेना, शिक्षा, राजस्व तथा रेल्वे आदि में भूतपूर्व अग्निवीरों हेतु विशेष कोटा एवं सीटे प्रदान की जाती है। वर्तमान में कई बहुराष्ट्रीय कंपनीयो द्वारा भी भूतपूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहै है। अग्निवीर योजना देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर और सक्षम नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है इस दौरान मेजर डॉ गोपाल भूरिया, लेफ्टिनेंट विजेन्द्र सोंलंकी, सुबेदार मेजर कालीचरण, सी/ओ डॉ. विजयसिंह पुरावत, एफ/ओ जाकिर खान, एफ/ओ रेमसिंह डामोर, एस/ओ रीता माहेश्वरी, एस/ओ हरीश कुमार परिहार, एस/ओ कंवलजीत सिंह गंभीर, एस/ओ गौरव चौहान, हवलदार पी. रघु सहित पी.आई. स्टॉफ तथा कार्यालयीन स्टॉफ उपस्थित थे ।

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