सगुन आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर
हमारे यहाँ दाहोद (गुजरात) से डॉ आते है। (7024737851) हंस आयुर्वेदिक के द्वारा फुल बॉडी चेक अप गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार दोप. 2 बजे से सायं 6 बजे तक, अत्यन्त आधुनिक टेक्नोलॉजी मशीन द्वारा सभी रोगों की जाँच करके आयुर्वेदिक दवाई से ईलाज किया जाता है। बॉडी चेक अप- 38 विभिन्न प्रकार की बॉडी रिपोर्ट जांच । ब्लड, मल, मूत्र, की आवश्यकता नहीं ।
दर्द बिना जांच । सभी रोगों के लिये 100% आयुर्वेदिक दवाईयाँ मिलती है। रोग, अनिद्रा, गैस, ऐसीडिटी, पथरी, मोटापा, चिंतारोग, श्वास के रोग, दाद, खाज, खुजली, मानसिक रोग, सिर दर्द, गठिया रोग, कैंसर, जोड़ों का दर्द, पुरानी सर्दी-खांसी, बुखार, हस, मस्सा, एलर्जी, लकवा, त्वचा रोग, कब्ज, शुगर, स्त्री-पुरूषों के गुप्त रोग, आँखों के समस्या, सोरायसिस, बीपी, शरीर पर सूजन आदि। रजिस्ट्रेशन फीस 500/-रू.- स्त्रियों को होने वाली मासिक तथा सफेद पानी की समस्या, कमर दर्द, शरीरी एवं मानसिक कमजोरी इत्यादि रोग आदि।

दवाखना खुलने का समय –
प्रतिदिन 10 बजे से शाम 8 बजे तक, साक्षी पेट्रोल पम्प के पास, नयागांव, राजगढ़, रतलाम (म. प्र.) Μo. 7024737851, 8269980370
रतलाम
कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर मिशा सिंह ने आवेदको को सुना एवं आवेदकों से आवेदन प्राप्त किये। जनसुनवाई में 99 आवेदन प्राप्त हुए। निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही उपस्थित विभागीय अधिकारियों से निराकरण करवाया गया एवं शेष आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया।
आवेदक ईश्वरलाल पिता नन्दलाल निवासी धराड़ ने पूर्व मे मिल रही किसान सम्मान निधी जो अब बंद हो गई है, उसे पुनः चालु करने हेतु आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु तहसीलदार रतलाम को निर्देशित किया गया। आवेदक नरेन्द्र कुमावत निवासी सिलावटों का वास ने आवेदन मे बताया कि उनके पुत्र की समग्र आईडी में माता पिता का नाम सुधरवाने हेतु समग्र पोर्टल पर 14 जनवरी 2026 को ऑनलाइन आवेदन मे समग्र अपडेट कराया गया था। परंतु आज दिनांक तक दर्ज किये गए अनुरोध को अप्रूव नहीं किया गया। कार्यवाही हेतु नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया गया।
आवेदक मांगूदास पिता प्रहलाददास बैरागी निवासी ढोढर ने आवेदन दिया कि वह विगत कई वर्षो से शासन नियंत्रित देवस्थान कबीर मंदिर ग्राम ढोढर तहसील जावरा में पुजारी के रूप में कार्य कर रहे है। उक्त सेवा कार्य का 32 माह का मानदेय भुगतान करवाने के लिए आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु तहसीलदार जावरा को निर्देशित किया गया।
आवेदक राजेंद्र पिता शान्तिलाल सुराना निवासी बाजना ने आवेदन दिया कि वह पेंक्रिया टायपिंस बीमारी से ग्रसित है एवं आवेदक का इलाज चल रहा है। इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु सीएमएचओ को निर्देशित किया गया ।


रतलाम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ’खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ’कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ’कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश“ की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे।
वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।

रतलाम
होली के दौरान अतिरिक्त यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे द्वारा रतलाम मंडल से होकर दादर से नई दिल्ली एवं वलसाड से मऊ के लिए स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस ट्रेनों का विवरण निम्नानुसार है: ट्रेन संख्या 04001/04002 दादर – नई दिल्ली सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 04001 दादर से – नई दिल्ली स्पेशल शुक्रवार, 27 फरवरी, 2026 एवं 06 मार्च 2026 को 00.05 बजे दादर से प्रस्थान कर रतलाम मण्डल के रतलाम (09.30/09.35) बजे होते हुये उसी दिन 21.05 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 04002 नई दिल्ली – दादर स्पेशल बुधवार, 25 फरवरी, 2026 एवं 04 मार्च 2026 को 22.40 बजे नई दिल्ली से प्रस्थान कर रतलाम मण्डल के रतलाम (10.35/10.40 गुरुवार) बजे होते हुये अगले दिन 22.40 बजे दादर पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, गंगापुर सिटी, मथुरा एवं कोसी कलॉं स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में एसी-2 टियर एवं एसी-3 टियर कोच होंगे। ट्रेन संख्या 05018/05017 वलसाड – मऊ स्पेशल ट्रेन संख्या 05018 वलसाड – मऊ स्पेशल, वलसाड से 01 मार्च 2026 एवं 08 मार्च 2026 प्रति रविवार को 15.10 बजे प्रस्थान कर रतलाम मण्डल के रतलाम (22.25/22.45) एवं नागदा (23.48/23.50) बजे होते हुये मंगलवार को 00.45 बजे मऊ रेलवे स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 05017 मऊ – वलसाड स्पेशल, मऊ से 28 फरवरी 2026 एवं 07 मार्च 2026 प्रति शनिवार को 03.45 बजे प्रस्थान कर रतलाम मण्डल के नागदा (04.28/04.30 रविवार) एवं रतलाम (05.15/05.25) बजे होते हुये रविवार को 12.35 बजे वलसाड पहुँचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सुरत, वडोदरा, रतलाम, नागदा, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा, गंगापुर सिटी, बयाना, ईदगाह आगरा, टूंडला, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, बादशाह नगर, बाराबंकी जं., गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया भटनी, सलेमपुर और बेल्थरा रोड स्टेशनों पर रुकेगी। यह ट्रेल सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर एवं सामान्य श्रेणी कोच के साथ चलेगी। ट्रेनों के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

रतलाम
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए 30 आवेदको की शिकायतो को जनसुनवाई के माध्यम से सुना। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम विवेक कुमार लाल द्वारा जनसुनवाई में प्राप्त विभिन्न शिकायतो को सुनकर थाना प्रभारीयो से प्रकरणों के बारे में एवं की गई कार्यवाही की जानकारी ली, साथ ही नई शिकायतो पर शीघ्र कार्यवाही कर निराकरण करने एवं की गई कार्यवाही से अवगत कराने के संबंध में निर्देश दिए गए। पिछली जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा भी की और उनकी प्रगति की जांच की। एसपी ने आमजन की शिकायतें सुनने पर बल दिया और कहा कि यह प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहेगी। पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित थाना प्रभारियों को शिकायतकर्ता की शिकायत से अवगत करवाया तथा त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला, थाना प्रभारी महिला थाना निरीक्षक रेखा चौधरी, निरीक्षक पार्वती गौड़, निरीक्षक जितेंद्र सिंह जादौन थाना प्रभारी स्टेशन रोड, निरीक्षक पतिराम डावरे थाना प्रभारी माणकचौक आदि उपस्थित रहे।
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बजट की कमी से अटकी रतलाम विकास प्राधिकरण की योजनाओं को अब गति मिलने वाली है। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रयासों से हाऊसिंग एण्ड अर्बन डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (हुड़को) ने आरडीए को 25 करोड़ का ऋण स्वीकृत किया है। इससे बहुप्रतिक्षित ट्रांसपोर्ट नगर सहित आरडीए की अन्य योजनाएं क्रियान्वित होगी। कैबिनेट मंत्री श्री काश्यप ऋण की इस स्वीकृति के लिए लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने शासन के साथ हुड़को को भी पत्र लिखा था। ट्रांसपोर्ट नगर की योजना रतलाम की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिससे शहर के विकास को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे। ट्रांसपोर्ट नगर के साथ-साथ आरडीए की अन्य योजनाएं भी इस ऋण से आगे बढ़ेगी। हुड़को ने आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखे गए 20 फरवरी के पत्र में 25 करोड़ के ऋण की स्वीकृति दी है। हुड़को के अनुसार ऋण का उपयोग केवल संचालन आवश्यकताओं में होगा।

रतलाम
निजी शिक्षण संस्थाओं की मनमानी रोकने के लिए अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की रतलाम इकाई ने प्रांतीय उपाध्यक्ष अनुराग लोखंडे के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। ग्राहक पंचायत शिक्षण संस्थाओं द्वारा पुस्तकों, यूनिफार्म और फीस आदि के माध्यम से अभिभावकों पर हर साल अनावश्यक रूप से डाले जाने वाले आर्थिक भार पर प्रभारी रोक लगाने की मांग की गई। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने प्रशासन को बताया कि सभी बच्चों को अच्छी और गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुलभ हो इसके लिए भारत सरकार और मप्र सरकार प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद हर साल अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत को अभिभावकों के माध्यम से निजी स्कूलों द्वारा अनावश्यक आर्थिक भार डालने की शिकायतें मिलती रहती हैं। चूंकि वर्तमान में भी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है अतः तत्काल प्रभाव से ऐसी ठोस व्यवस्था और निगरानी हो ताकि निजी स्कूल प्रबंधन एन-केन-प्रकारेण अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं डाल सकें।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत चाहती है कि जिला प्रशासन द्वारा ऐसी व्यवस्था और मॉनिटरिंग की जाए जिससे अभिभावक अनावश्यक आर्थिक भार वहन किए बिना अपने बच्चों को अच्छी और गुणवत्तायुक्त शिक्षा दिलवा सकें। इसके लिए प्रशासन और अभिभावकों की एक ऐसी संयुक्त टीम गठित करने का सुझाव भी दिया जो स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चलने के दौरान आकस्मिक जांच कर सके। इस टीम में ग्राहकों / उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं / संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए ताकि कार्रवाई निष्पक्ष रूप से हो सके। इस टीम की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई हो इसकी, इसकी व्यवस्था करने की मांग भी की गई। प्रतिनिधमंडल में प्रांतीय उपाध्यक्ष अनुराग लोखंडे के अलावा महेंद्र भंडारी, सत्येन्द्र जोशी, श्याम ललवानी, नरेश सकलेचा, संजीव राव, जिला प्रचार प्रमुख नीरज कुमार शुक्ला आदि शामिल रहे। इन बिंदुओं पर आकर्षित किया ध्यान, स्कूलों द्वारा एनसीईआरटी द्वारा नियत पाठ्यक्रम और पुस्तकों के अलावा भी निजी पब्लिशर्स की पुस्तकें अनिवार्य कर दी जाती हैं जो काफी महंगी होती हैं। प्रायः इन पुस्तकों में पाठ्यवस्तु में रिक्त स्थानों की बहुलता होती है जिन्हें विद्यार्थियों को पुस्तक में ही पूर्ण करना होता है। ऐसी पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने एक बड़ी वजह यह है कि इनका अगले वर्ष उपयोग नहीं हो सके जिससे विद्यार्थियों को हर साल नई पुस्तक क्रय करना पड़े। ज्यादा रिक्त स्थान होने से पुस्तकों का आकार-प्रकार भी बढ़ता जाता है जिससे उनकी लागत भी बढ़ती हैं। निजी प्रकाशकों की होने से इनके दाम भी बहुत ज्यादा होते हैं। अतः ऐसी पुस्तकों को चलन में लाने से रोका जाना चाहिए। स्कूल प्रबंधन प्रतिवर्ष लगभग हर कक्षा के पाठ्यक्रम में एक-दो पुस्तकें बदल दी जाती हैं जो निजी प्रकाशकों की ही होती हैं। ऐसा करने के पीछे संस्था संचालकों का उद्देश्य सिर्फ अभिभावकों को नई पुस्तकें क्रय करने के लिए बाध्य करना है। अतः जब तक पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं हो तब तक अनावश्यक नई पुस्तकों को न तो शामिल किया जाए और न ही बदला जाए, ताकि- विद्यार्थी पुरानी पुस्तकों का पुनः उपयोग कर सकें और अभिभावकों पर आर्थिक भार नहीं पड़े। स्कूल प्रबंधन द्वारा हर वर्ष किसी न किसी कक्षा की यूनिफार्म भी बदल दी जाती है जिसका कोई उचित आधार नहीं होता है। इस पर भी ठोस और उचित रोक लगाए जाने की आवश्यकता है। लगभग हर निजी संस्था का किसी न किसी दुकान संचालक से आर्थिक अनुबंध होता है जिससे उनके द्वारा हर साल अभिभावकों को उन्हीं दुकानों से ही पुस्तकें, यूनिफार्म और अन्य शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। कई विद्यालयों द्वारा तो ये सामग्री अपने यहां से ही प्रदाय की जाती हैं और अभिभावकों से उसकी मनमानी कीमत वसूली जाती है। पूर्व में प्रशासन द्वारा शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में की गई छापामार कार्रवाई के दौरान ऐसा होते पाया भी गया था। ऐसी कार्रवाई लगातार होते रहनी चाहिए। शासन द्वारा स्कूल फीस निर्धारण को लेकर भी स्पष्ट गाइड लाइन दी गई है। इसके बावजूद भी स्कूल प्रबंधन द्वारा भिन्न-भिन्न आदि के नाम पर अभिभावकों से मनमानी राशि वसूली जाती है। प्रत्येक शिक्षण संस्था में पालक शिक्षक संघ का गठन किया जाना अनिवार्य हैं परंतु संस्थाएं इससे बचती हैं। यदि गठन किया भी जाता है तो औपचारिकता निभाने के लिए। अतः इसके गठन की आनिवार्यता का पालन भी कराया जाना चाहिए।

दवाखना खुलने का समय –
प्रतिदिन 10 बजे से शाम 8 बजे तक, साक्षी पेट्रोल पम्प के पास, नयागांव, राजगढ़, रतलाम (म. प्र.) Μo. 7024737851, 8269980370
उज्जैन,
इस अवसर पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्यातिरादित्य सिंधिया ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी ग्रामीण डाक सेवक मेरे परिवार के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग देश के विकास में अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है। डाक विभाग को तकनीकी रूप से सुदृढ बनाने के लिए कई कदम उठाए गए है। हमारा संकल्प है कि देश के डाक विभाग को विश्व की सबसे बड़ी लाजिस्टिक शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।
श्री सिंधिया ने कहा कि देश में ग्रामीण डाक सेवक एक सैनिक की भांती कार्य कर रहे हैं। रेगिस्तान हो या पहाड़ों की चोटियां या मैदानी क्षेत्र हर एक स्थान पर ग्रामीण डाक सेवक निर्भीक रूप से पहुंचकर आम जन की सेवा कर रहे है। दुर्गम स्थलों जहां कोई अन्य व्यक्ति जाने की हिम्मत नहीं करता है वहां भी हमारा डाक सेवक अपनी सेवाएं दे रहा है। सर्दी, गर्मी , बरसात की परवाह किए बगैर डाक सेवक अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहा है। ग्रामीण डाक सेवक का मान सम्मान शासन का संकल्प है। डाक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में 30 करोड़ पोस्ट ऑफिस बचत खातों को खुलवाने तथा उनमें लगभग 22 लाख करोड़ की रुपए की राशि जमा कराने में ग्रामीण डाक सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज पूरे देश में 3 करोड़ 80 लाख सुकन्या समृद्धि खाते हैं, जो हमारे ग्रामीण डाक सेवकों ने खुलवाएं हैं। देश में 2 करोड़ पासपोर्ट बनवाने में तथा 15 करोड़ से अधिक आधार कार्ड वितरण में भी हमारे डाक सेवकों ने महत्वूर्ण भूमिका निभाई है। अब केंद्रीय विद्यालयों में ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों को भी प्रवेश मिलेगा। डाकघरों को मुनाफे का केंद्र बनाया जाएगा। पार्सल वितरण क्षेत्र में अब महत्वपूर्ण भूमिका डाक घरों द्वारा निभाई जाएगी। डाक विभाग में डिजिटल सिस्टम, ट्रैकिंग सिस्टम अपनाए जाएंगे। सामग्री वितरण शत-प्रतिशत रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। दुर्गम क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की भी सेवाएं ली जाएगी। विभाग अब ड्रोन का भी उपयोग करेंगा।
श्री सिंधिया ने कहा कि विभाग द्वारा तकनीकी दक्षता में वृद्धि, उपभोक्ता का विश्वास, अच्छा व्यवहार तथा ऑन टाइम डिलीवरी पर ध्येय केंद्रीत किया गया है। समय सीमा पर फोकस किया जा रहा है। 24 घंटे 48 घंटे जैसी समय सीमा में पार्सल अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचाने पर कार्य विभाग करेंगा। कार्यक्रम में पूरे मध्यप्रदेश से आए हुए 7 हजार से अधिक ग्रामीण डाक सेवक उपस्थित थे।


दवाखना खुलने का समय –
प्रतिदिन 10 बजे से शाम 8 बजे तक, साक्षी पेट्रोल पम्प के पास, नयागांव, राजगढ़, रतलाम (म. प्र.) Μo. 7024737851, 8269980370
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