उज्जैन,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी जिलों में जलसंरक्षण के लिए हर वर्ष जलगंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष जो यह अभियान 19 मार्च से शुरू होकर 30 जून तक चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसहयोग से पानी की एक एक बूँद बचाने का प्रयास है जिले में कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के नेतृत्व में सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कुमट द्वारा अभियान में सभी जनपद में अमृत सरोवर ,कूप रिचार्ज ,चेकडेम , स्टॉपडेम ,खेत तालाब ,नाला ट्रेन्चिंग के कार्य किए जा रहे हैं एवं पुराने कार्यों में गाद निकालने ,बावड़ी सफाई आदि कार्यों की पूर्णता की दिनरात मॉनिटरिंग की जा रही है इसी तारतम्य में खाचरौद जनपद में प्रथम चरण में सभी 130 पंचायतों में कम से कम एक शासकीय भवन में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग करवाई गई है। इसके लिए पिछले एक हफ्ते से प्लानिंग की गयी ,तत्पश्चात सभी नोडल ,सचिव ,सहायक सचिव को वर्कशॉप के माध्यम से रूफ वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण की ट्रेनिंग दी गयी। इसके बाद हर 3 पंचायत पर जनपद स्तरीय अधिकारी कर्मचारियों को नोडल बनाया गया जिनकी उपस्थिति में पंचायत के सरपंच ,सचिव ,जीआरएस के सहयोग से सभी 130 पंचायत में उपयोगी एवं गुणवत्तापूर्ण वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया गया।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग क्या है
वाटर हार्वेस्टिंग (Water Harvesting), जिसे वर्षा जल संचयन भी कहा जाता है, बारिश के पानी को व्यर्थ बहने से बचाने और उसे इकट्ठा करके सही तरीके से उपयोग करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें बारिश के पानी को छत या खुले मैदानों से पाइपों के माध्यम से टैंक में स्टोर किया जाता है या सीधे जमीन के अंदर पहुँचाया जाता है।
यह कैसे काम करता है? (प्रक्रिया)
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम मुख्य रूप से इन चरणों में काम करता है:
कैचमेंट (Catchment) :घर की छत या कोई पक्की सतह, जहाँ बारिश का पानी सबसे पहले इकट्ठा होता है।कन्वेयंस (Conveyance) :पाइप्स या नालियों के जरिए छत पर जमा हुए पानी को नीचे लाना। फिल्टरेशन (Filtration) :पानी में मौजूद धूल, मिट्टी और पत्तों को अलग करने के लिए पानी को रेत, कंक्रीट और चारकोल की परतों से गुजारना।

संग्रहण या रिचार्जिंग :शुद्ध किए गए पानी को किसी भूमिगत टैंक में इकट्ठा करना या जमीन के अंदर बने ‘रिचार्ज पिट’ (Recharge Pit) में छोड़ना, ताकि भूजल का स्तर (Groundwater Level) बढ़ सके।
वाटर हार्वेस्टिंग की आवश्यकता क्यों है? घटता भूजल स्तर :लगातार पानी निकालने और कंक्रीट के कारण बारिश का पानी जमीन में नहीं जा पाता, जिससे जलस्तर गिर रहा है। वाटर हार्वेस्टिंग इस स्तर को सुधारने में मदद करती है।
पानी की बचत: यह गर्मियों के मौसम में या पानी की कमी वाले क्षेत्रों में बागवानी और अन्य घरेलू कामों के लिए पानी का एक बेहतरीन विकल्प है।
बाढ़ और मिट्टी के कटाव से बचाव :यह बारिश के पानी को सड़कों पर भरने और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा करने से रोकता है।
वाटर हार्वेस्टिंग के मुख्य प्रकार रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग (Rooftop): इसमें घरों, स्कूलों और दफ्तरों की छतों पर गिरने वाले पानी को पाइप के जरिए स्टोरेज टैंक या जमीन के बोरवेल में भेजा जाता है।
सतही जल संचयन (Surface Runoff): इसमें खेतों, पार्कों या सड़कों पर बहने वाले पानी को छोटे तालाबों या खाइयों में इकट्ठा किया जाता है।यह प्रणाली पर्यावरण को हरा-भरा रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक आसान और प्रभावी तरीका है।

जनपद खाचरौद में किस प्रकार बनाई रूफ वाटर हार्वेस्टिंग समस्त130 पंचायतों के सचिव सहायक सचिव और नोडल को विशेषज्ञ इंजीनियर के द्वारा ट्रेनिंग दी गयी सामान्यतः पंचायत भवन की छत साइज के आधार पर 1.5 मीटर चौड़ा ,1.5 मीटर लम्बा ,1.5 मीटर गहरा गड्डा बनाने के निर्देश दिए गए एवं छत के पानी को पाइप से कनेक्ट इस गड्डे से जोड़ा गया जिसे रिचार्ज पिट बोलते है ,इस गड्डे में पानी को छानने के लिए सवसे नीचे बड़े बोल्डर ,फिर गिट्टी ,और सबसे ऊपर रेत की परते बिछाई गई।
इस प्रथम चरन में ब्लॉक खाचरौद की सभी 130 पंचायतों में कम से कम एक शासकीय भवन में वाटर हार्वेस्टिंग कार्य पूर्ण करवाया गया जो कि 15वे वित्त ,5वे वित्त की राशि एवं जनसहयोग से किया गया। द्वितीय चरण में सभी पीएम आवास और नवीन निर्माणाधीन समस्त शासकीय भवन में वाटर हार्वेस्टिंग कार्य अनिवार्यतः किया जाएगा। तृतीय चरण में निजी घरो में भी बड़े स्तर पर वाटर हार्वेस्टिंग करवाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त खाचरौद जनपद में जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत 101 खेत तालाब ,2 अमृत सरोवर ,510 कूप रिचार्ज ,17 चेकडेम स्टॉपडेम ,10 नाला ट्रेन्चिंग आदि कार्य पूर्ण किए है। जनसहयोग से 3 प्राचीन बावड़ी सफाई ,16 तालाब में गाद निकालना ,8 समुदाई कूप गहरीकरण एवं सफाई ,18 चेकडेम स्टॉपडेम में गाद निकालना ,एवं सभी 130 पंचायतों में सार्वजनिक प्याऊ निर्माण किया गया है।

रतलाम
कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशन में तथा सहायक आबकारी आयुक्त डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी के मार्गदर्शन एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री पी.सी. केरवार के नेतृत्व में अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय एवं संग्रहण के विरुद्ध जिले में सघन अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है इसी क्रम में शुक्रवार रात्रि लगभग 7:30 बजे वृत परगना रतलाम प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक वंदना अग्रवाल को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि चार पहिया वाहन क्रमांक एमपी 44 बीसी 0889 से ग्राम झर से संदला रोड पर अवैध मदिरा का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही आबकारी दल तत्काल मौके पर पहुंचा तथा घेराबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया गया कार्रवाई के दौरान वाहन चालक इनोवा वाहन को खेतों की ओर मोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। समक्ष पंचान वाहन इनोवा की विधिवत तलाशी ली गई,

जिसमें 38 पेटी प्लेन मदिरा, 17 पेटी मसाला मदिरा एवं 11 पेटी ट्यूबोर्ग बीयर सहित कुल 66 पेटी मदिरा बरामद की गई। जप्त मदिरा की कुल मात्रा 627 बल्क लीटर तथा अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 60 हजार रुपए है। वहीं जप्त इनोवा वाहन की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपए है। वाहन से अवैध मदिरा परिवहन पाए जाने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। सम्पूर्ण कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सचिन भास्करे, चेतन वेद, पुष्पराज सिंह चौहान, अर्पित पांडे, संतोष मंडलोई तथा आबकारी आरक्षक संतोष नेका, प्रहलाद सिंह राठौर, बनसिंह अहरे, वरुण चौहान, मनोज वर्षी, दिनेश खारोल एवं नगर सैनिक चेतराम मालवीय का सराहनीय योगदान रहा। आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

रतलाम
जिले में विभिन्न प्रकरणों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के त्वरित निराकरण हेतु पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) द्वारा विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन” संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत सभी थाना प्रभारियों को फरार एवं वांछित आरोपियों की पतारसी कर शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी रतलाम ग्रामीण श्री किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नामली निरीक्षक अमित कुमार कोरी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए नाबालिग अपहरण एवं पॉक्सो एक्ट प्रकरण में फरार चल रहे सजायाफ्ता आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है। घटना का संक्षिप्त विवरण को थाना नामली क्षेत्रांतर्गत फरियादी द्वारा नाबालिग बालिका के अपहरण संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उक्त रिपोर्ट पर थाना नामली पर अपराध क्रमांक 211/2018 धारा 363 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका को आरोपी सुखविंदरसिंह उर्फ मनदीपसिंह पिता बुटासिंह उर्फ मलखनसिंह सिख, उम्र 30 वर्ष निवासी चकर थाना हकुर जिला लुधियाना (पंजाब) के कब्जे से दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) जिला रतलाम में विचारण के दौरान आरोपी को धारा 363, 366, 376(2)(N) भादवि एवं धारा 5(L)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। विचारण के दौरान आरोपी माननीय उच्च न्यायालय इंदौर से जमानत प्राप्त कर पंजाब चला गया था, जिसके पश्चात वह फरार चल रहा था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी गिरफ्तार महिला संबंधी गंभीर अपराध को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार द्वारा आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। उक्त निर्देशों के पालन में थाना नामली पुलिस द्वारा विशेष टीम गठित कर तकनीकी विश्लेषण एवं सतत पतारसी के आधार पर फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई। गिरफ्तार आरोपी को वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया गिरफ्तार आरोपी सुखविंदरसिंह उर्फ मनदीपसिंह पिता बुटासिंह उर्फ मलखनसिंह सिख, उम्र 30 वर्ष निवासी चकर थाना हकुर जिला लुधियाना, पंजाब सराहनीय भूमिका– उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी नामली निरीक्षक अमित कुमार कोरी, उप निरीक्षक मुकेश, प्रधान आरक्षक दिलीप रावत एवं आरक्षक विपुल भावसार, आर तुषार सिसोदिया, आर राहुल पाटीदार की सराहनीय भूमिका रही।
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