रतलाम
मध्यप्रदेश शासन के आदेशानुसार 1 मई शुक्रवार बुध पूर्णिमा पर नगर सीमा में स्थित समस्त पशु वध गृह एवं मांस विक्रय की दुकानों पर पशुवध करना, मटन, गौश्त विक्रय करना अथवा बेचना निषेध किया गया है निगम आयुक्त अनिल भाना ने संबंधित स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि उक्त दिवस को पशु वध करते या मटन गौश्त विक्रय करते पाया जाये तो संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाये।
सैलाना
अनुविभागीय दण्डाधिकारी अनुभाग सैलाना तरूण जैन के आदेशानुसार म.प्र भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जनसामान्य के स्वास्थ्य के हित एव लोक शांति को बनाये रखने हेतु अनुभाग सैलाना की संपूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में स्थित न्यायालय, अनुविभागीय कार्यालय परिक्षेत्र, समस्त शासकीय कार्यालय एवं परिसरो, शासकीय चिकित्सालय, अन्य अस्पताल एवं अन्य सार्वजनिक स्थान में कोई भी दल, संघ, संगठन अथवा समूह द्वारा धरना एवं प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। उक्त स्थानो पर बगैर पूर्व अनुमति के भीड़ जमावड़ा, ज्ञापन, प्रदर्शन, ध्वनि विस्तार यंत्रो के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक या सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रैली, जुलूस या धरना प्रदर्शन करने से 24 घंटे पूर्व वैधानिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। उक्त आदेश 25 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
रतलाम
कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशन में तथा सहायक आबकारी आयुक्त डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी के मार्गदर्शन में रतलाम आबकारी की टीमों द्वारा रतलाम शहर के साथ-साथ जिले मे अन्य नगरों मे भी संचालित कंपोजिट मदिरा दुकानों के आसपास खड़े होकर शराब पीने एवं गंदगी फैलाने वालो के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

अभियान के अंतर्गत रतलाम शहर की शराब दुकानों – महू बस स्टेण्ड, शहर शराय, सज्जन मिल, बड़बड़, साला खेड़ी, पावर हाउस, स्टेशन रोड दुकानों एवं जावरा, सैलाना, नामली, आलोट’ नगरों में भी शराब दुकानों पर सघन चेकिंग की गई तथा दुकान के आसपास रोड पर एवं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की गई ।

रतलाम शहर में 4, जावरा में 2, परगना में 3, सैलाना में 3, आलोट में 2 कुल 14 प्रकरण’ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत पंजीबद्ध किए गए।
सहायक आयुक्त डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा जिले में नियमित रूप से सार्वजनिक स्थानों पर मदिरापान करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है तथा उनके विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किए जा रहे हैं।

रतलाम
बाजीराव पेशवा परशुराम के वास्तविक उत्तराधिकारी, चाणक्य की बुद्धि के वारिस थे। द्रोणाचार्य की व्यूह रचना को सीधे तौर पर अंगीकार करने वाले योद्धा भी बाजीराव ही थे। उन्हें शिवाजी द्वितीय भी कहा जाता है। अगर यह कहें कि वे शिवजाजी से भी कई गुना आगे थे तो कदाचित गलत नहीं होगा। उन्होंने मात्र 20 वर्ष की आयु में 41 प्रमुख युद्ध लड़े और सभी में अपराजेय रहे। उनका नाम विश्व में सर्वाधिक युद्ध लड़ने वाले और अपराजेय रहे योद्धाओं में सबसे ऊपर आता है।यह बात साहित्यकार एवं वेदों के अनुवादक डॉ. मुरलीधर चांदनावाला ने कही। वे बाजीराव पेशवा की पुण्यतिथि पर मप्र परशुराम कल्याण बोर्ड द्वारा सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बाजीराव ने शिवाजी को अपना गुरु माना और महज 39 वर्ष की आयु में ही तत्कालीन 70 प्रतिशत भारत पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था फिर भी वे कभी राजगद्दी पर नहीं बैठे। वे बहुत अच्छे घुड़सवार और तलवारबाज थे। चलते-चलते रणनीति बना लेते थे, अपनी शर्तों पर मनोवैज्ञानिक युद्ध लड़ते थे। उन्होंने कभी किसी को मौका ही नहीं दिया कि वह अपने आयुद्ध भंडार का उपयोग कर सके।‘इतिहास में ऐसे योद्धा के बारे में नहीं पढ़ाना अफसोस की बात’ बाजीराव कहते थे

कि पहले अपने मन में युद्ध जीतना पड़ता है और उसके बाद मैदान में। मन में हारा व्यक्ति मैदान में नहीं जीत सकता। होल्कर, पंवार, सिंधिया, गायकवाड़ घरानों की स्थापना भी उन्हीं की देन है। 1700 में जन्मे बाजीराव का निधन 28 अप्रैल, 1740 को निमाड़ क्षेत्र के खरगोन के बेड़िया गांव के पास हुआ। उनके जाने के बाद मराठा साम्राज्य का विस्तार उनके चारों पुत्रों ने किया। यह अफसोस की बात है कि ऐसे ऐसे महान योद्धा के बारे में हमें इतिहास में कभी पढ़ाया नहीं गया। हमें नई पढ़ी को ऐसे योद्धाओं से परिचय कराने की आवश्यकता है।‘ब्राह्मणों का इतिहास योद्धाओं का इतिहास है’साहित्यकार चांदनीवाला ने कहा कि यदि बाजीराव पेशवा के ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि वे ब्राह्मण थे। हमारे यहां यह माना जाता है कि ब्राह्मण का काम सिर्फ ज्ञान अर्जन, कर्मकांड और पूजा-पाठ करवाने का है जो पूर्णतः सही नहीं, ब्राह्मण वास्तव में योद्धा है। ब्राह्मणों का इतिहास योद्धाओं का इतिहास है। परशुराम जी ऋषि थे जिन्होंने ब्राह्मणों से सबसे पहले कहा था कि योद्धा बनो, योद्धा में ही भगवान का निवास है। ऋषियों ने भी यही प्रार्थना की है कि हमें योद्धा बना। अगर विचारों से कोई युद्ध लड़ सकता है तो वह केवल ब्राह्मण है।

क्रांति और सृजन विचारों से ही संभव है। परशुराम कल्याण बोर्ड ने यह जो वैचारिक शुरुआत की है वह आगे भी चलते रहना चाहिए। करंदीकर व नविनयुक्त पदाधिकारियों का किया अभिनंदन इससे पूर्व सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डॉ. चांदनीवाला, मप्र परशुराम कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त उज्जैन संभाग प्रभारी अनुराग लोखंडे, रतलाम जिला प्रभारी अजय तिवारी, विधि प्रमुख एवं रतलाम अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा तथा जिला प्रचार प्रमुख नीरज कुमार शुक्ला का पुष्पमाला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। स्वागत बोर्ड के सुशील कुमार दुबे, मिथिलेश मिश्रा, प्रभाकांत उपध्याय एवं हेमंत तिवारी सहित अन्य ने किया। ब्रह्न्न महाराष्ट्र परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य बनाए जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता मिलिंद करंदीकर का अभिनंदन भी किया गया। तत्पश्चात संभाग अध्यक्ष लोखंडे ने भी संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण का आह्वान भी किया। ये उपस्थित रहे संचालन जिला प्रचार प्रमुख पत्रकार नीरज कुमार शुक्ला ने किया। आभार विधि प्रमुख राकेश शर्मा ने व्यक्त किया। व्याख्यान में प्रतिभा चांदनीवाला, डॉ. गीता दुबे, ओमप्रकाश मिश्र, नरेंद्र त्रिवेदी, अरविंद मिश्रा, कुंदनआदि उपस्थित रहे।
उज्जैन
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के निर्देशानुसार उज्जैन में एक समर्पित एवं उन्नत कैंसर अस्पताल की स्थापना प्रस्तावित है, जिससे न केवल उज्जैन जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर एवं सुलभ उपचार सुविधा उपलब्ध हो सकेगा। इसी तारतम्य संभागायुक्त आशीष सिंह एवं जिला कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की उपस्थिति में मंगलवार को जिले में अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित की गई। यह बैठक उज्जैन में सर्वसुविधायुक्त एवं उच्चस्तरीय कैंसर उपचार केंद्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संभागायुक्त सिंह ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया।बैठक में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न विषय विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए अस्पताल की स्थापना के लिए विभिन्न संभावित मॉडल्स,

व्यवस्थाओं एवं संचालन ढांचे पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने अपने अनुभवों के आधार पर आधुनिक तकनीकों, उपचार पद्धतियों,आवश्यक संसाधनों एवं मानव संसाधन की उपलब्धता से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा निर्माणाधीन मेडिसिटी हॉस्पिटल का स्थल निरीक्षण (भ्रमण) भी किया गया, ताकि प्रस्तावित कैंसर अस्पताल के लिए उपलब्ध अधोसंरचना, संसाधनों एवं संभावनाओं का व्यावहारिक आकलन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विकल्पों एवं संभावनाओं का परीक्षण करते हुए भविष्य की कार्ययोजना को लेकर सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक में कैंसर रोग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. पेंढरेकर सहित अन्य विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। बैठक में महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रेयांश कुमट भी सम्मिलित हुए।
उज्जैन
उप पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन रेंज उज्जैन, नवनीत भसीन की अध्यक्षता में एनडीपीएस एक्ट विषय पर रेंज स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस कंट्रोल रूम उज्जैन में किया गया। कार्यक्रम में जिला उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर मालवा के निरीक्षक, उपनिरीक्षक तथा सहायक उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रदेश में दिनांक 01 अप्रैल 2026 से नशे के विरूद्ध ड्रग उन्मूलन लक्ष्य की पूर्ति के लिए रेंज स्तरीय “नशे पर प्रहार अभियान” आयोजित किया गया जिसके अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में अनुसंधान की गुणवत्ता, PIT NDPS Act/SAFEMA की कार्यवाही,

NAFIS का उपयोग, नशे के सौदागरों को जड से मिटाने के लिए नवीन विधि के अंतर्गत कठोरतम कार्यवाही, अभियोजन की प्रक्रिया, संगठित गिरोह के विरूद्ध कार्यवाही, ड्रग का विधि अनुरूप डिस्पोजल, अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण की कार्यवाही एवं प्रक्रिया, एनडीपीएस एक्ट संबंधी अन्य विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अरूण वर्मा, रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जिला इंदौर द्वारा अभियोजन कार्यवाही में अनुसंधानकर्ता द्वारा की जाने वाली त्रुटियां, जब्त मादक पदार्थ की ‘चेन ऑफ कस्टडी’ का संधारण, तलाशी की प्रक्रिया के संबंध में विधिक कार्यवाही आदि विषयों पर उदबोधन दिया गया । सहायक जिला अभियोजन अधिकारी उज्जैन नितेश कृष्णन द्वारा एनडीपीएस एक्ट की समुचित धाराओं अंतर्गत कार्यवाही की प्रक्रिया व अनुसंधान की तकनीक के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदाय की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अति. पुलिस अधीक्षक उज्जैन आलोक शर्मा, परिवीक्षाधीन भा.पु.से. अधिकारी सुश्री काजल सिंह जिला उज्जैन, परिवीक्षाधीन भा.पु.से. अधिकारी आलोक कुमार वर्मा जिला देवास व उज्जैन रेंज के निरीक्षक से सउनि स्तर के कुल 58 पुलिस अधिकारी उपस्थित रहें। उप महानिरीक्षक उज्जैन रेंज नवनीत भसीन ने कहा कि “रेंज स्तर पर लगातार नशे के व्यापार करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही की जा रही है जिसके तहत उक्त प्रशिक्षण के माध्यम से अनुसंधान की गुणवत्ता में निश्चित रूप से वृद्धि होगी

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