रतलाम
रतलाम जिले मे अवैध मादक पदार्थ तस्करो के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार (भा.पु.से.) के द्वारा सभी थाना प्रभारियो एवं चौकी प्रभारियो को निर्देशित किया गया । उक्त निर्देशो के पालन में रतलाम पुलिस द्वारा लगातार कार्य़वाही की जा रही है । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री विवेक कुमार लाल व अनुविभागीय पुलिस अधिकारी जावरा संदीप मालवीय के मागर्दशन मे थाना प्रभारी रिंगनोद के नेतृत्व में चौकी प्रभारी माननखेडा उनि राजेश मालवीय द्वारा एक सफलता प्राप्त की गई शाम के समय पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की वोक्स वेगन कार क्रमांक MP09CM4775 से दो व्यक्ति मन्दसौर तरफ से माननखेडा होते हुये जावरा तरफ कार के अन्दर डोडाचुरा के बोरे लेकर जाने वाले है । सूचना पर माननखेड़ा पुलिस चौकी के सामने फोरलेन रोड़ पर घेराबन्दी कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानो का पालन करते हुए प्रभावी कार्यवाही करते हुए कार क्रमांक MP09CM4775 में सवार दो आरोपी- सुनिल पिता

मोहनलाल मालवीय व इलियास खान उर्फ गुड्डु पिता इसरार खान पठान के कब्जे से 100 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा जप्त कर दोनो आरोपियो को गिरफ्तार किया । गिरफ्तार आरोपियो से जप्तशुदा डोडाचुरा के संबंध मे पुछताछ की जा रही है । गिरफ्तार आरोपी- 1 – सुनिल पिता मोहनलाल मालवीय उम्र 36 साल निवासी आर्य समाज मन्दिर के पास गोपालगंज प्रतापगढ जिला प्रतापगढ राजस्थान, 2 – इलियास खान उर्फ गुड्डु पिता इसरार खान पठान उम्र 40 साल निवासी नौगावा थाना अरनोद जिला प्रतापगढ राजस्थान जप्त मश्रुकाः- 100 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा कीमती करीब 02 लाख रूपये व एक वोक्स वेगन कार क्रमांक MP09CM4775 कीमती करीब 05 लाख रुपये कुल मश्रुका करीब 07 लाख रुपये का जप्त हुआ है। सराहनीय भूमिका- निरीक्षक आनन्द सिंह आजाद थाना प्रभारी थाना रिंगनोद, उप निरीक्षक राजेश मालवीय चौकी प्रभारी माननखेडा, प्रआर 658 हर्षवर्धनसिंह जगावत, आर.801 घनश्याम कुमावत, आर.895 संतोष कुमार , 1156 अनिल डांगी, सै.1058 जालमसिंह व सै. 82 शांतिलाल बामनिया की सराहनीय भूमिका रही ।
उज्जैन,
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने छात्रों से अपील की है कि संभागीय आईटीआई उज्जैन में 30 जून तक आवेदन कर प्रवेश प्राप्त करें। संभागीय आईटीआई उज्जैन में आधुनिक तकनीकी के कोर्स एआई, आईटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के कोर्सेस के साथ अन्य पारंपरिक कोर्स की पढ़ाई कर उद्योगों में रोजगार और स्वरोजगार के नवीन अवसर प्राप्त करें।संभागीय आईटीआई उज्जैन में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 8वीं है। छात्र अपनी रूचि के विषयों में प्रवेश लेकर कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त करें और देश का स्वर्णिम भविष्य बनाने मे अपना योगदान दें।
उज्जैन,
शासकीय संभागीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र, उज्जैन में म.प्र. कर्मचारी चयन मंडल द्वारा अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित म.प्र. पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने वाले म.प्र. के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के पात्र उम्मीदवारों के लिए परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण हेतु विशेष कक्षाएं (कोचिंग) आयोजित की जा रही हैं।
प्रशिक्षण 06 जुलाई से प्रारंभ होना प्रस्तावित है। निःशुल्क प्रशिक्षण में सम्मिलित होने हेतु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यालयीन समय में 02 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं।
आवेदन शासकीय संभागीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र, उज्जैन संभाग, सांवेर रोड, दीनदयाल कॉम्प्लेक्स के पीछे, गांधी नगर, उज्जैन (म.प्र.) में जमा किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 9424085363 पर संपर्क किया जा सकता है।
रतलाम
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का शुभारंभ वर्ष 2016 में किया गया था। कार्यक्रम की सफलता के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 9 जून 2026 को जिले में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध प्रसव पूर्व जांच उपलब्ध कराना है। अभियान का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने बताया कि रतलाम जिले में मेडिकल कॉलेज रतलाम में डॉ. सोनू बाथम, जिला चिकित्सालय रतलाम में डॉ. सुनीता गामड़ एवं डॉ. सुधा राजावत, दिलीप नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. डाली मेहरा, टीआईटी रोड शहरी स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. सुनीता वाधवानी, सीएचसी सैलाना में डॉ. जितेंद्र रायकवार, सीएचसी बाजना में डॉ. साहिर शेख, सीएचसी पिपलोदा में डॉ. आर्या नीमा एवं डॉ. वर्षा जाट, सिविल हॉस्पिटल जावरा में डॉ. अतुल मंडवारिया, सीएचसी नामली में डॉ. वैष्णवी शर्मा, सीएचसी ताल में डॉ. जयेश भाटी, शहरी स्वास्थ्य केंद्र हकीमवाड़ा में डॉ. चांदनी सिंगाड़, सीएचसी बिरमावल में डॉ. आयशा, सीएचसी खारवाकला में डॉ. निधि यादव, पीएचसी रावटी में डॉ. पीयूष मांगरिया तथा पीएचसी सरवन में डॉ. नितेश जोशी द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच एवं आवश्यक उपचार किया जाएगा।
स्वास्थ्य शिविर का समय प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। समुदाय स्तर पर जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थ एएनएम एवं सीएचओ द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच, उपचार एवं उचित प्रबंधन किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।
उज्जैन,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। आज दुनिया भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद उत्पादन केंद्र, वैश्विक सप्लाई चेन पार्टनर और आर्थिक महाशक्ति के रूप में भी देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत को ‘ग्लोबल फार्मा हब’ बनाने में मध्यप्रदेश की भूमिका लगातार तेजी से बढ़ रही है। मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में निवेश के नये युग में प्रवेश कर आर्थिक एवं औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है। हेलियन कंपनी ने भारत में पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए मध्यप्रदेश को चुना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की उर्वर भूमि सफलता की धरती भी है। मध्यप्रदेश सरकार और हेलियन कंपनी के बीच आज परस्पर विश्वास की और असीम संभावनाओं की नई शुरूआत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी औद्योगिक नीतियों के कारण देश-दुनिया सभी मध्यप्रदेश पर भरोसा कर रहे है। सबका यही विश्वास ही हमारी पूंजी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पीथमपुर में स्थापित होने जा रही हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के भूमिपूजन समारोह (वर्चुअल ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का सांकेतिक भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नए दौर का मध्यप्रदेश है। हमारा प्रदेश अब आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की इच्छा रखने वाले सभी निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन प्रारंभ होने तक हर स्तर पर राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। बताया गया कि हेलियन ग्रुप की इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के माध्यम से करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कंपनी द्वारा इस प्लांट में 30 प्रतिशत तक महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखने की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारी सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और भी मजबूती देगा। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक भूमिपूजन अवसर पर हेलियन ग्रुप को बधाई देते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर आपके सहयोग के लिए साथ खड़ी है। कंपनी ने मध्यप्रदेश में फिलहाल 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। हम आपका यह भरोसा हर हाल में कायम रखेंगे। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी की मध्यप्रदेश में निवेश राशि दो हजार करोड़ रुपये से दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलियन कंपनी सहित अन्य निवेशकों का मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए उन्हें बिना किसी संकोच के खुले हृदय से मप्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड चंद्रमोली शुक्ला, हेलियन ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ब्रायन मैकनामारा, हेलियन इंडिया के अध्यक्ष (भारतीय उपमहाद्वीप) श्री केदार लेले, पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटिश उप उच्चायुक्त हरजिंदर कांग, हेलियन इंडिया की चीफ सप्लाई चेन ऑफिसर नम्रता पटेल, हेलियन इंडिया के कार्यपालिक उपाध्यक्ष श्री नितिन माथुर, हेलियन इंडिया की संचालक (कॉर्पोरेट अफेयर्स एण्ड सीएसआर) सुश्री वेदिका कपूर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कंपनी के सीईओ श्री ब्रायन का अंगवस्त्र पहनाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया। ब्रायन ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश सरकार से कंपनी को मिल रहे सहयोग के लिए आभार जताकर स्मृति चिन्ह दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत मात्रा के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक देश है। यहां 3 हजार से अधिक कम्पनियां और 10 हजार 500 से अधिक विनिर्माण इकाइयां दवाओं का उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कम्पनियां तथा 30 से अधिक एपीआई और बल्क ड्रग्स निर्माता सक्रिय हैं। इनके द्वारा निर्मित दवाएं अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों में निर्यात हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस यूनिट्स सक्रिय हैं। राज्य के कुल निर्यात में फार्मा सेक्टर का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है। मध्यप्रदेश अब केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि एक स्थापित ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका है। प्रदेश में इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र फार्मा मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर्स के रूप में विकसित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (यूके) में हुए ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो’ के दौरान बोया गया निवेश का बीज आज पीथमपुर में अपना वास्तविक स्वरूप ले रहा है। हेलियन ने भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग इकाई की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश (पीथमपुर) का चयन किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने यकीनन अपनी नई यूनिट के लिए देश के सबसे सूटेबल और प्रोफ़िटेबल डेस्टिनेशन को चुना है।
कार्यक्रम में कंपनी के सीईओ ब्रायन ने कहा कि यह हमारी भारत में पहली यूनिट है। हम मध्यप्रदेश आकर बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से उभरता हुआ राज्य है। यह यूनिट हमारे इंडिया विजन का धरातल पर क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनी ने मध्यप्रदेश में 175 मिलियन पाउंड्स का निवेश किया है। हम सेन्ट्रल इंडिया के लॉजिस्टिक हब मध्यप्रदेश (पीथमपुर) में अपनी यूनिट का और विस्तार करेंगे।
कंपनी के भारतीय उपमहाद्वीप के अध्यक्ष लेले ने कहा कि हमारी कंपनी ने दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में लगाया है। पीथमपुर में हमारी नई यूनिट की स्थापना सिर्फ एक संयोग नही, बल्कि यह पिछले 18 महीनों में मध्यप्रदेश सरकार के साथ लगातार बातचीत और उच्च कोटि समन्वय का परिणाम है। हम यहां पूरी तैयारी के साथ आये हैं। करीब 40 एकड़ में बन रही हमारी यह नई यूनिट कंपनी के ग्लोबल सप्लाई चेन की सबसे बड़ी यूनिट है।
हेलियन कंपनी और नई मैन्युफैक्चरिंग इकाई के बारे में
हेलियन विश्व की अग्रणी कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनियों में से एक है। यह 170 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति रखती है। कंपनी ओरल हेल्थ, डाइजेस्टिव हेल्थ, पेन रिलीफ एंड रेस्पिरेटरी (पीआरएस) और विटामिन्स, मिनरल्स एंड सप्लीमेंट्स जैसे प्रोडक्ट्स का निर्माण करती है। पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित होने वाली इस कंपनी की अत्याधुनिक उत्पादन इकाई मुख्य रूप से ओरल हेल्थ उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित होगी। यहां निर्मित उत्पाद भारत की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका के अनेक देशों तक निर्यात किए जाएंगे। इस परियोजना से स्थानीय एमएसएमई इकाइयों, सप्लायर नेटवर्क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।
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