रतलाम
रतलाम के थाना जावर क्षेत्र में नाना साहब का मोहल्ला में एक महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया हैं, पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में दिनाँक 16/04/2026 को सुबह 10:25 बजे प्राप्त हुई। सूचना प्राप्ति पर तत्काल जावर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मदद के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक नारायण सिंह पवार एवं पायलेट मंगलेश्वर सूर्यवंशी ने घटनास्थल पर पहुँचकर बताया कि अज्ञात कारणों से आत्महत्या के उदेश्य से अवसादग्रस्त 35 वर्षीय महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए पीड़ित महिला को परिजन के साथ एफ़ आर व्ही वाहन से ले जाकर सिविल अस्पताल जावर में भर्ती कराया।

रतलाम
थाना नामली 15–16 अप्रैल की दरम्यानी रात्रि में हवालात में बंद अभियुक्त की मृत्यु की घटना को पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार द्वारा गंभीरता से लेकर प्रकरण की जांच के निर्देश प्रदान किए गए है। थाना नामली पर नाबालिग पीड़िता की रिपोर्ट पर अभियुक्त के विरुद्ध दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के पश्चात अभियुक्त को रात्रि में थाना हवालात में बंद किया गया। दिनांक 16.04.2026 को प्रातः लगभग 04:30 बजे हवालात चेकिंग के दौरान अभियुक्त की संदिग्ध अवस्था में मृत्यु होना पाया गया। उक्त प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच के आदेश दिए गए है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश– घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार द्वारा सभी थाना प्रभारियों एवं स्टाफ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर— हवालात सुरक्षा, अभियुक्त तलाशी प्रक्रिया, रात्रि निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। रतलाम पुलिस द्वारा प्रकरण की जांच पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ की जा रही है।
रतलाम
16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वयं जानकारी दर्ज कर सकेंगे, भारत सरकार और मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार, जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत जिले के नागरिक अब स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे।

प्रमुख तिथियाँ और पोर्टल
स्व-गणना की अवधि: मध्यप्रदेश में नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्वयं जानकारी दर्ज कर सकते हैं। प्रगणक द्वारा कार्य: प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 के बीच किया जाएगा। आधिकारिक पोर्टल: नागरिक https://se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना की प्रक्रिया
पंजीकरण: पोर्टल पर राज्य का चयन कर परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। विशेष ध्यान रहे कि मुखिया का नाम और चयनित भाषा को बाद में बदला नहीं जा सकेगा। मानचित्र पर चिन्हांकन: नागरिकों को मानचित्र पर अपने आवासीय भवन के सटीक स्थान को चिन्हित करना होगा। प्रश्नावली: मकान सूचीकरण से संबंधित आवश्यक प्रश्नों के उत्तर पोर्टल पर देने होंगे। SE ID प्राप्त करना: डेटा सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद 11 अंकों की एक विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) उत्पन्न होगी, जो मोबाइल और ईमेल पर भी प्राप्त होगी।

क्षेत्रीय सत्यापन अनिवार्य
स्व-गणना करने के बाद भी क्षेत्रीय सत्यापन आवश्यक है। जब जनगणना प्रगणक घर-घर भ्रमण के लिए आएंगे, तब नागरिकों को अपनी SE ID उनके साथ साझा करनी होगी। यदि ID का मिलान हो जाता है, तो डेटा को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया जाएगा। मिलान न होने की स्थिति में प्रगणक पुनः जानकारी एकत्रित करेंगे। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने सभी नागरिकों और शासकीय कर्मचारियों से इस तकनीकी सुगम प्रक्रिया का लाभ उठाने और राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में सहयोग करने की अपील की है। कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन केन्द्रो का आकस्मिक निरीक्षण किया

रतलाम
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार जिले में उपार्जन केन्द्रो पर समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन किया जा रहा है ।उपार्जन कार्य का आज कलेक्टर मिशा सिंह ने आकस्मिक निरीक्षण किया।कलेक्टर ने मां उमिया वेयरहाउस एवं हाकिमी वेयरहाउस बान्गरोद पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तौल कांटों का सत्यापन किया तथा कंप्यूटर के माध्यम से संचालित ऑनलाइन प्रक्रिया को देखा। मॉइश्चर मशीन से गेहूं की नमी की जांच समक्ष मे करवाई। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने किसानो से संवाद कर उपार्जन प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं केंद्रों पर की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की एवं उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए । तौल का सत्यापन करने के लिए गेहूं की बोरियों का वजन समक्ष मे करवा कर सत्यापन करवाया। निरीक्षण के दौरान आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रतलाम
भारत सरकार द्वारा 16DaysofActivism के दौरान बाल विवाह मुक्त अभियान आरंभ किया गया है। अक्षय तृतीया एवं अन्य विवाह मुहूर्तों के दौरान बाल विवाह की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्टर मिशा सिंह द्वारा बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभागों को समन्वय बनाकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि शासकीय स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए तथा हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों से बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई जाएगी। स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता रैलियां आयोजित की जाऐ तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गांवों में चर्चा के माध्यम से बाल विवाह रोकने हेतु प्रेरित किया जाए। प्रशासन द्वारा 18 वर्ष से कम आयु की अविवाहित बालिकाओं की जानकारी संकलित कर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में विशेष सतर्कता हेतु पंच, सरपंच एवं सचिवों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बाल विवाह की सूचना महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं बाल विवाह मुक्त पोर्टल http://stopchildmarriage.wcd.gov.in पर दर्ज करावा सकते है। साथ ही सामाजिक एवं धार्मिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक गांव एवं वार्ड स्तर पर सूचना दल का गठन किया जाएगा, जो विवाह कार्यक्रमों पर नजर रखकर किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देंगी। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम (24*7) भी स्थापित किया जाएगा, जहां प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिला एवं परियोजना स्तर पर उडन दस्ते गठित किए जाएंगे, जो अपने क्षेत्र में हो रहे विवाह स्थलों का भ्रमण कर निगरानी रखेंगे। बाल विवाह की सुचना अथवा बाल विवाह होता पाया जाने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
रतलाम
वर्ष में कुछ दिन ऐसे सर्वश्रेष्ठ होते हैं। इस दिन दान करने से कई गुना फल मिलता हैं। दान तो सभी श्रेष्ठ हैं। जीवन दान सर्वश्रेष्ठ माना जाता हैं। अक्षय तृतीया पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा हैं। इस दिन रक्तदान करने से किसी गंभीर, असहाय, असक्त जरुरतमंद मरीज को जीवनदान प्रदान कर रहें हैं। ऐसे पुनीत अवसर पर दान करने का अवसर छोड़े ना। दिनांक -19 अप्रैल 26, रविवार समय – प्रातः 10.30 से 01.30 बजें तक *स्थान – श्री सज्जन क्षत्रिय समाज परिषद राजपूत बोर्डिंग, शास्त्री नगर, रतलाम आयोजन -श्री सज्जन क्षत्रिय समाज परिषद राजपूत बोर्डिंग शास्त्री नगर, रतलाम जय कैला माता शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण समिति रतलाम द्वारा संचालित रक्त सेवा प्रकोष्ठ


उज्जैन
जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शासन द्वारा स्व गणना की शुरुआत 16 अप्रैल से की गई है । स्व गणना 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की जाएगी। स्व गणना को जिले में सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट ने स्व गणना पोर्टल पर स्व गणना प्रक्रिया में भागीदारी कर नागरिकों को जनगणना में भाग लेने का संदेश दिया।

Bharat24x7News Online: Latest News