रतलाम
जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन में सायबर सेल टीम द्वारा म्यूल अकाउंट्स के विरुद्ध सतत निगरानी रखने एवं फ्रॉड में प्रयुक्त होने वाले खातों पर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण का विवरण– राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल से प्राप्त निर्देशों एवं Indian Cyber Crime Coordination Centre गृह मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से संचालित National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) से प्राप्त जानकारी के आधार पर “Operation MATRIX (Mule Account Tracking, Removal Investigation Exercise)” के अंतर्गत कार्रवाई की गई। जांच के दौरान समन्वय पोर्टल (JCCT) से प्राप्त जानकारी के अनुसार फेडरल बैंक का खाता संदिग्ध पाया गया। नोडल अधिकारी फेडरल बैंक से जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त खाता खाताधारक: प्रथम मित्तल, उम्र 23 वर्ष, निवासी माणकचौक, रतलाम के नाम पर है। उक्त खाते के ट्रांजेक्शन के बारे में जांच करते दिनांक 25.03.2026 को खाते में ₹47,75,301/- की संदिग्ध राशि जमा हुई थी। जांच में उक्त खाता म्यूल अकाउंट (Mule Account) के रूप में प्रयुक्त होना पाया गया। म्यूल अकाउंट– ऐसे बैंक अकाउंट जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा ऑनलाइन ठगी, साइबर जालसाजी एवं अन्य आर्थिक अपराधों में धन के प्रवाह को छिपाने हेतु किया जाता है।
अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड से लिंक–
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता: के.सी. श्रीधर, निवासी कोयंबटूर (तमिलनाडु) द्वारा Online Financial Fraud (Internet Banking Fraud) की शिकायत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता को फ्राडस्टर्स द्वारा “डिजिटल अरेस्ट स्कैम” कर कुल धोखाधड़ी राशि: ₹67,75,301/- ठगी गई थी। जांच में पाया गया कि उक्त धोखाधड़ी की राशि का एक हिस्सा संबंधित फेडरल बैंक खाते में जमा हुआ, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह खाता मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क में प्रयुक्त हुआ है।
पुलिस कार्यवाही– प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध सिद्ध होने पर आरोपीगण के विरुद्धभारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। खाता धारक प्रथम मित्तल से विधिवत पूछताछ करने पर उसने अपने साथियों हेमंत रायक उर्फ मोनू व शुभम रेडा के कहने पर कमीशन के लालच में म्युअल अकाउंट खुलवाना स्वीकार किया। तीनों आरोपियों के विरुद्ध थाना माणकचौक पर प्रकरण क्रमांक 172/26 धारा 318(4) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा अन्य संलिप्त आरोपियों एवं नेटवर्क की कड़ियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी–
1. प्रथम मित्तल (खाताधारक), निवासी माणकचौक, रतलाम
2. हेमंत रायक उर्फ मोनू, निवासी रुद्राक्ष कॉलोनी, रतलाम
3. शुभम रेडा उर्फ चीकू, निवासी नगरवास, रतलाम
सराहनीय भूमिका– निरीक्षक पतिराम डावरे, निरीक्षक अमित कोरी, उनि जीवन बारिया, प्र आर हिम्मत सिंह, आर मोरसिंग डामोर, आर राहुल की सराहनीय भूमिका रही
पुलिस की सतत निगरानी– रतलाम पुलिस द्वारा: संदिग्ध बैंक खातों की लगातार निगरानी की जा रही है। NCRP एवं I4C पोर्टल के माध्यम से डेटा विश्लेषण एवं बैंकिंग संस्थाओं से समन्वय कर म्युल अकाउंट के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा रही है। किसी भी अज्ञात कॉल, विशेषकर “डिजिटल अरेस्ट” या सरकारी अधिकारी बनकर मांगी गई जानकारी से सावधान रहें। किसी के कहने पर या किसी लालच में अपना बैंक अकाउंट से संबंधित दस्तावेज या जानकारी किसी को नहीं दे। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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