रतलाम
जिला वास्तुशिल्प हस्तपुस्तिका 2027 के निर्माण के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को अपर कलेक्टर एवं जिला इलेक्ट्रोनिक अधिकारी ब्रिजेन्दर रावत कुमार ने निरीक्षण किया। कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, नागालैंड द्वारा तहसील रावटी, बाजना एवं नगर परिषद नामली एवं धामनोद में शिल्प क्षेत्र के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला मुख्यालय अधिकारी एवं जिला योजना अधिकारी बालकृष्ण पतिदार भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का संचालन जिला एवं प्रभारी इंजीनियर, स्टूडियो एवं स्टूडियो ओजस्वी द्वारा किया गया।

अपर रेचल रावत ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि यह कठिन राष्ट्रीय स्तर का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इसे पूर्णतः अंकित, जिम्मेदारी एवं गुणवत्ता के साथ प्रमाणित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण को चयन से ग्रहण करें तथा घरेलू कार्य के दौरान किसी भी स्तर पर स्वीकृति नहीं मिलेगी। अतिरिक्त जिला के अधिकारी बालकृष्ण पाटीदार ने बताया कि 1 से 30 अगस्त 2026 के दौरान जिला घाटी घाटी का निर्माण किया जाएगा। इसके अंतर्गत जिले के प्रत्येक ग्राम एवं प्रत्येक अधिलेखित क्षेत्र की जानकारी लैंग्वेज की आवश्यकता होगी। इस कार्य के लिए पटवारी एवं ग्राम सचिवों को क्षेत्रवार नियुक्त किया गया है, जिसमें सापेक्ष एवं जावरा में छह दिव्य चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आदर्श हस्त पुस्तिका का मैदानी कार्य 1 अगस्त से प्रारंभ होगा।
रतलाम
श्रम अधिकारी प्रकाश डोडवे ने बताया कि मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मचारी कल्याण मंडल की ओर से सैंडविच के पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न उद्यमियों की व्यवस्था की जाए। मृत्यु की दशा एवं अनुग्रह अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत 131 हितग्राहियों को कुल 1 करोड़ 67 लाख 24 हजार रुपये का हितलाभ प्रदान किया गया। वहीं भवन एवं अन्य संनिर्माण ई-स्कूटर विकास अनुदान योजना के तहत 1 हितग्राही को 40 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक ग्रामीण आवास विकास अनुदान योजना के तहत 13 हितग्राहियों को कुल 6 लाख 50 हजार रुपये का हितलाभ प्रदान किया गया है।
मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की पात्रता का लाभ 18 से 60 वर्ष के बीच होना चाहिए और वह मंडल में पंजीकृत भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार हो। पंजीकृत छात्रावास प्रसूति सहायता, विवाह सहायता, शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना एवं सामान्य मृत्यु पर आर्थिक सहायता, अंत्येष्टि सहायता, ई-स्कूटर अनुदान, आवास सहायता सहित विभिन्न अनुदान अनुदान का लाभ प्रदान किया जाता है।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र पंजीकृत निर्माण समग्र श्रमिकता, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण और अन्य आवश्यक पात्रता के साथ जिला श्रम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन, कॉमनवेल्थ सर्विस सेंटर से भी आवेदन किया जा सकता है।
उज्जैन
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में ‘नेक्स्ट-जेन मटेरियल्स फॉर फ्यूचर टेक्नोलॉजी (एनएनजी स्टूडियोटी-2026)’ का आयोजन किया गया, जो कि इंटरनेशनल एसोसिएट फैकल्टी इंजीनियर्स प्रोग्राम (एफ डीपी) दूसरे दिन के रिसर्च का प्रत्यक्ष अनुभव है। कार्यक्रम के अंतर्गत 60वीं कक्षा के शोधार्थियों के एक दल ने भारतीय अध्येता संस्थान (आईआईटी) का अध्ययन एवं शोध भ्रमण किया। इस दौरान समुच्चय और शोधार्थियों ने प्रयोगशालाओं, उन्नत अनुसंधान सुविधाओं और आधुनिक उद्योगों को करीब से देखा।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय मसाबा के कुल सचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि, इस शैक्षणिक संस्थान का नेतृत्व सक्षम (सक्षम) एएनआरएफ-पेयर परियोजना के संस्थापक अधिकारी डॉ. व्युत्पत्ति सिंह एवं संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश दशोरा ने किया।
सिद्धांत यह है कि यह परियोजना मुख्य हब आधिपत्य सलाहकार है, जबकि सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय इसका स्पोक संस्थान है। एडोरेट में एडवांस्ड मैटरियल्स थाइम्स के प्रमुख डॉ. शैलेश कुंडलवाल ने विभिन्न शोधों की विस्तृत जानकारी दी।
3-डी तकनीक का प्रदर्शन
फ्रेंचाइज़ ने सबसे पहले ‘प्रज्ञान इनोव ट्रांजिट लेबो थिएटर’ का दौरा किया, जहां एक एनएन प्रोफेशनल नेशनल सुविधा के तहत एडवांस्ड मटेरियल्स और हेल्थ मेडिकल एंड टेक्नोलॉजी लैबोरेटरी का अभ्यास किया गया।
यहां एडवांस्ड मटेरियल्स लैब में प्रोब सोनिकेटर, स्पिन कटर, सेंट्रीफ्यूज, सीवीडी सिस्टम, इलेक्ट्रोस्पिनिंग और मेटल 3-डी प्रिंटर्स जैसे प्लांट का प्रदर्शन किया गया।
इसी तरह की लैब में एसटीएम (एसटीएम), पीएफएम (पीएफएम), स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, कॉन्टेक्ट एंगल मीटर और डी-33 मीटर उपकरण जैसे उपकरणों का विवरण दिया गया है। यहां द बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स (जे. ए. फिक्र्स) रिसर्चर्स के प्रॉजेक्ट्स को भी देखा।
ऐसे ही हेल्थ एंड मेडिकल लैब में बायो-चिकित्सीय रिसर्च से जुड़े उपकरणों जैसे कि रिकॉर्ड्स (सूची), एचपीएलसी (एचपीएलसी), असिस्टेंट वेवलेंथ ट्रांसिल्यूएटर और इनक्यूबेटर के आंकड़ों की जानकारी दी गई है। वहीं मेकाट्रॉनिक्स एंड एसआईसीटी सेंटर में मेकाट्रॉनिक्स लैब में ट्राइबो इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट्स जेन ऑर्गेनाइजर और न्यू आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन का प्रदर्शन हुआ। वहीं सोफ़ैस्टिक कोचिंग सेंटर (आर्कसी) में उच्च वैज्ञानिक सहयोगियों से परिचित कराया गया।
भविष्य के शोध के लिए प्रेरणादायक अनुभव
समापन परिचर्चा में डी फ़्रांसीसी ने इस यात्रा के बारे में अत्यंत ज्ञान और प्रेरणा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्टोर्स इन्फ्रा स्केटबोर्ड को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने से भविष्य में उनके शोध कार्य को नई दिशा मिलेगी।
सम्मेलन के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अजयन वीनू, मुंबई के प्रोफेसर रामास्वामी मुरुगावेल और मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विश्वरूप पाठक का विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसके साथ ही रोबोट द्वारा निर्मित एवं पोस्ट प्रस्तुतियां भी दी गई हैं।
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