सीहोर,
22/मई/2021,
रिपोर्टर राजा राजपुत,
आष्टा मेे मेने कोरोना को हराने के एक मात्र कारण मेरे पति मनोज “मयूरी” की निःस्वार्थ निःशुक्ल सेवा भावना बाबा श्री महाँकाल जी एवम हमारी डॉ श्रीमती नेहा अरोरा जब मुझे पता चला कि में पॉजिटिव हूँ , मुझे 50 % इंफेक्शन है तब मेंने खुद को होम आइसोलेशन कर लिया मेरे दोनों बच्चे मुझसे दूर होकर काफी अकेले हो गए यहाँ तक मेरे घर मे भोजन बनना भी बन्द हो गया था ओर मेरे एक दो पड़ोसियों ने मेरे घर कपड़े धोने वाली ओर बर्तन माजने वाली को मना कर दिया कि इनके घर मत जाना इनको कोरोना है मेरे पति इन सब बातों की परवाह न करते हुए आगे अपने कार्य और मेरी सेवा में लगे रहे मेरे घर मे टिफिन आने लगा पर मेरे पति की प्रेणना मुझे काफी हिम्मत मिली वो हमेशा कहते रहे बाबा महाँकाल जी है हमारे साथ सब अच्छा होगा हमेशा मेरी फिक्र भी करते और रात दिन निःस्वार्थ भावना से आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था दूसरे परिवारों के लिए करते रहते थे मुझे अकेला छोड़कर भी कई गावो रात रात भर सेवा में लगे रहते थे जो आज भी उनकी निःस्वार्थ सेवा निरन्तर जारी है, मेने सात्विक भोजन आहर एवम योग से अपने आप को खुद ठीक किया , मेरे पति की जो निःस्वार्थ एवम निःशुल्क सेवा की वजह से एवम बाबा महाँकाल जी की कृपा से ओर धन्यवाद करती हूँ डॉ नेहा अरोरा जी का जो अपनी सच्ची सेवा के लिए जानी जाती है, जिनकी मेडिसिन से में आज में पूर्णतः स्वस्थ हूँ बस आप सबसे अंत करबद्ध निवेदन है कि आप सब निःस्वार्थ भावना से सबकी सेवा करे ,
रानी मनोज “मयूरी” दादलानी गृहणी आष्टा जिला सीहोर ,
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