रतलाम
पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम विवेक कुमार के मार्गदर्शन में सायबर क्राइम सेल रतलाम द्वारा आमजन को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों के प्रति जागरूक करने हेतु लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है। वर्तमान में देखा जा रहा है कि साइबर अपराधी धार्मिक आस्था का दुरुपयोग करते हुए चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बना रहे हैं साइबर ठग फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया प्रोफाइल एवं व्हाट्सऐप नंबरों के माध्यम से हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल/गेस्ट हाउस, टैक्सी सेवा, टूर पैकेज एवं यात्रा पंजीयन जैसी सुविधाओं के नाम पर आकर्षक ऑफर देते हैं। ये वेबसाइट्स एवं लिंक देखने में बिल्कुल असली जैसे प्रतीत होते हैं, जिससे लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं। भुगतान करने के बाद ठग नकली टिकट या बुकिंग रसीद भेज देते हैं अथवा मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आर्थिक नुकसान के साथ यात्रा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है रतलाम पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग करते समय अत्यंत सावधानी बरतें एवं केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय माध्यमों का ही उपयोग करें।साइबर ठगी से बचने हेतु महत्वपूर्ण सावधानियां —
किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी प्रामाणिकता अवश्य जांचें।
गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राप्त किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सत्यापन करें।
हेलीकॉप्टर, होटल, टैक्सी या टूर पैकेज की बुकिंग केवल सरकारी अथवा अधिकृत वेबसाइट या विश्वसनीय ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से ही करें।
अत्यधिक सस्ते ऑफर या तत्काल बुकिंग के दबाव वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें।
किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी या बैंकिंग विवरण साझा न करें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है तो वह तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, सायबर सेल रतलाम से संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।
रतलाम पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की जाती है कि सतर्क रहें, जागरूक रहें एवं दूसरों को भी इस प्रकार के साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक करें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
उज्जैन
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने गुरुवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति व पोषण समिति की विशेष बैठक में पोषण अभियान की समीक्षा में अनुपस्थित पर्यवेक्षक प्रीति श्रीवास्तव का निलंबन करते हुए जिला समन्वयक रोहित हिरवे की सेवा समाप्ति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही 13 बाल विकास परियोजना अधिकारियों की दो दो वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही के लिए नोटिस जारी किया गया है। इनमें अर्चना दलाल, प्रीति कटारा, रीना सोलंकी, नीलम सेठिया, अनुपमा मंडावी, मनोज जाट , मुकेश वर्मा, सुश्री प्रियंका जायसवाल, ज्योत्सना दीक्षित, सुलोचना सेनी पर्यवेक्षक, प्रीति श्रीवास्तव,प्रेमलता ठाकुर पर्यवेक्षक, हितेश कुंवर पर्यवेक्षक के नाम शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग दो बीएमओ डॉ शिवराज कौशल और डॉ वर्मा के विरुद्ध सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने के लिए भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आदेशित किया गया है।कलेक्टर द्वारा आगामी समीक्षा बैठक के पूर्व लक्षित प्रगति सुनिश्चित करने हेतु समस्त अधिकारियों को मैदानी क्षेत्र में सुबह से पहुंचकर लगातार सुधार हेतु आदेशित किया है तथा सुधार न आने पर कठोर कार्यवाहीं की चेतावनी दी है।
रतलाम
कलेक्टर मिशा सिंह ने तहसील कार्यालय जावरा का निरीक्षण किया। तहसील न्यायालय के निरीक्षण के दौरान लंबित राजस्व प्रकरणों, नामांकन, बंटवारा,सीमांकन के प्रकरण देखे एवं समय सीमा में प्रकरणों के निराकरण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम रचना शर्मा,नायब तहसीलदार वैभव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने जावरा के नगर परिषद हाल का निरीक्षण कर वहाँ लाइब्रेरी खोलने के लिए फर्नीचर, किताबें,विद्युत इत्यादि आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए

रतलाम
भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अनोखा अंदाज दिखाई दिया। उन्होंने शाजापुर-खरगोन के उपार्जन केंद्रों का दौरा किया उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। वे शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयर हाउस पहुंचे। उन्होंने यहां बाकायदा ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गेहूं का वजन भी तुलवाकर देखा। उनके इस अंदाज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है शाजापुर से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है।

उचित व्यवस्था के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने खरगोन में कलेक्टर और मंडी सचिव को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पूरे 6 तौल कांटे लगाए जाएं। गेहूं खरीदी के आज से नए मापदंड जारी हुए है वह लागू हो जाएं। किसानों के लिए उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त छाया और शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर अन्नदाता को सम्मान और सुविधा के साथ उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित निराकरण किया जाए। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए पर्याप्त संख्या में बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, स्लॉट बुकिंग हेतु कंप्यूटर, नेट कनेक्शन, कंप्यूटर ऑपरेटर, आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर हमेशा उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र के सभी 6 तौल कांटों पर निरंतर तुलाई कार्य चलता रहे। उन्होंने केंद्र पर कृषकों की सुविधा के लिए पेयजल, टेंट, बैठक, इत्यादि व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए।
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