उज्जैन,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है।
कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे।
भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।
आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ‘ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार” के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी।
एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आर.बी.आई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है।
इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आर.बी.आई. द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी।
कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय
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अब जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
मंत्रि-परिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा।
रतलाम
राज्य सरकार के दिशा निर्देशों तथा कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार जिले में 01 अप्रेल से ई विकास (ई-टोकन) उर्वरक प्रणाली के तहत उर्वरक वितरण करने के निर्देश दिये गये है। रतलाम विकासखंड के मेसर्स राठौर केमिकल एण्ड फर्टिलाइजर महू नीमच रोड नामली ने बिना ई टोकन के उर्वरकों का वितरण सीधे कृषकों को किया गया। जिसकी जांच दल द्वारा जांच की जाकर तत्काल प्रभाव से संबंधित फर्म का लायसेंस निलंबित किया गया है।

जिले में गठित उर्वरक निरीक्षण दल द्वारा कडी कार्रवाई कर निजी उर्वरक फर्मों का निरीक्षण किया गया। 4 निजी उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के अनुसार मेसर्स अरिहंत ट्रेडर्स आलोट, मैसर्स बालाजी इंटरप्राइजेज आलोट, मेसर्स नवपद टेडर्स आलोट, मेसर्स कुतुबी फर्टिलाइजर्स आलोट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किये गये है। उप संचालक कृषि आर.के.सिंह ने बताया कि म.प्र. शासन के ई विकास प्रणाली (ई टोकन) से ही उर्वरक विक्रय किया जायेगा। यदि कोई भी फर्म आगामी समय में बिना ई टोकन के उर्वरक विक्रय करते हुए पाई जाती है तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जावेगी।

उज्जैन,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 9 जून का दिन विशेष महत्व का है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्ष के निरंतर कार्यकाल का आज के बाद रिकॉर्ड बनने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि के लिए 5 से 21 जून तक प्रदेश में कल्याणकारी गतिविधियों से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों की 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जनकल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा को जन्म दिवस की मंगलकामनाएं दीं।
प्रत्येक विकासखंड और नगरीय निकायों पर लगेंगे जनकल्याण शिविर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकायों में “एक पेड मां के नाम” अभियान संचालित किया गया। अभियान में प्लास्टिक अपशिष्ट की सफाई एवं शासकीय कार्यालयों, स्कूल एवं छात्रावास में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। अभियान के अंतर्गत 12 से 18 जून 2026 की अवधि में जिले के प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकाय मुख्यालयों पर जनकल्याण शिविर आयोजित होंगे। इनमें केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण किए जायेंगे। शिविर 03 दिवसीय होगा। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 19 एवं 20 जून 2026 को प्रत्येक जिले में 2 स्थानों पर कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और अन्य अनुभवी व्यक्तियों द्वारा प्रदर्शन तथा व्याख्यान सहित प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 प्रत्येक विकासखण्ड और नगरीय निकायों में स्थानीय योग समूह के सहयोग से मनाया जाऐगा।
स्थानांतरण की समय-सीमा 15 जून तक ही रहेगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने स्थानांतरण के लिए 15 जून की समय-सीमा निर्धारित की है। सभी विभाग 15 जून तक स्थानांतरण नीति का पालन करते हुये स्थानांतरण की कार्यवाही पूरी कर लें। समय-सीमा नहीं बढ़ेगी।
सोलर रूफटॉप को करें प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक उपभोक्ता नामांकित हो चुके है। अगले 6 माह में 6 लाख से अधिक नामांकन करना है। मार्च 2027 तक घरों की छत पर पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेकर सोलर सिस्टम लगवाने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने प्रभार के जिलों में अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।
लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों को प्रदेश से 3 हजार 835 करोड़ रूपए का हुआ निर्यात
मुख्यमंत्री डॉ. यदव ने बताया कि 6 जून 2026 को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 में लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश, उत्पदान और नवाचार के लिये आमंत्रित किया। वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष से 19 प्रतिशत अधिक है। इसमें फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बतायाकि इंदौर में आयोजित फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि के साथ भारत में उरुग्वे, पेरू, पनामा रिपब्लिक, अल-सल्वाडोर, क्यूबा और ग्वाटेमाला के राजदूत और गुयाना के हाई कमिश्नर शामिल हुये।
उर्वरक के लिए हर जिले में नियुक्त करें नोडल अधिकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष कमजोर मानसून के पूर्वानुमान और खाड़ी में युद्ध की स्थिति के कारण उर्वरक की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। खाड़ी की वर्तमान स्थिति को देखते हुये उर्वरक की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक की उपलब्धता की स्थिति के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी और एक मोबाइल नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए।
नीति आयोग की बैठक 11 जून को नई दिल्ली में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 11 जून को नीति आयोग की बैठक “इन्क्लूसिव हृयूमन डेव्हलपमेंट फॉर विकसित भारत @ 2047” थीम पर रखी गई है। मिशन GYAN – गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी इन सभी के समग्र विकास के लिये कार्य किया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बतायाकि आगामी वर्ष युवा वर्ष होगा, सभी विभाग युवाओं पर केंद्रित योजनाएं बनाए।
रतलाम
पुलिस अधीक्षक महोदय अमित कुमार (भा.पु.से.) द्वारा अवैध शराब की धरपकड सम्बन्धित अभियान चलाया जा रहा है जो अभियान के अन्तर्गत श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय, विवेक कुमार एवं एसडीओपी महोदय किशोर कुमार पाटनवाला के निर्देशन मे टीम गठित की गई जो टीम द्वारा मुखबीर तंत्र सक्रिय कर आरोपी 01.यशवन्त सिंह पिता सज्जन सिंह सोलंकी उम्र 53 साल निवासी पैलेस रोड नामली जिला रतलाम के घर से 19 पैटी अवैध शराब जो कुल 211.3 बल्क लीटर अवैध शराब होकर कुल कीमती 61770 रुपये की जप्त कर आरोपी यशवन्त सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया गया व थाना नामली पर अपराध क्र 236/26 घारा 34(2) आब. अधि. का पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया।

गिरफ्तार शुदा आरोपी यशवन्त सिंह सोलंकी को माननीय न्यायालय पेश कर पीआर प्राप्त कर अवैध शराब लाने ले जाने के सम्बन्ध मे पुछताछ की जायेगी।गिरफ्तार आरोपी का नाम– 01. यशवन्त सिंह पिता सज्जन सिंह सोलंकी उम्र 53 साल निवासी पैलेस रोड नामली जिला रतलाम फरार आरोपी – 01. आजाद सिंह पिता यशवन्त सिंह सोलंकी निवासी पैलेस रोड नामली थाना नामली जिला रतलाम बरामद/जप्त मश्रुका – देशी/ विदेशी मदिरा 04 पेटी, बीयर 15 पेटी ,जो कुल 19 पेटी अवैध शराब , कुल 211.3 बल्क लीटर अवैध शराब कुल कीमती 61,770 रुपये विशेष योगदान – निरी. अमित कुमार कोरी थाना प्रभारी, सउनि हीरालाल चंदन , प्र आर कातिलाल, शैलेष ठकराल , गोपाल खराडी ,आर. हरिओम, भगवान सिहं, राघवेन्द्र जाट , माखन सिहं ,धर्मेन्द्र मईडा ,बुआर सिहं का विशेष योगदान रहा
रतलाम
रतलाम जिले के थाना सैलाना क्षेत्र अंतर्गत सैलाना बायपास पर दो मोटर साईकिल की आपस में भिड़ंत हो जाने से दो बुजुर्ग व्यक्ति घायल हो गए है, पुलिस सहायता की आवश्यकता है उक्त सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में दिनाँक 09-06-2026 को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही सैलाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तुरंत मदद के लिए मौके पर रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक दिनेश पाटीदार एवं पायलट यूसुफ शाह ने पहुँचकर बताया कि दो मोटरसाइकिलों की आपस में टक्कर हो गई थी। जिसमें दो बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 के जवानों ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों गंभीर घायलों को एफआरव्ही वाहन की मदद से शासकीय अस्पताल सैलाना में भर्ती कराया, जहाँ से प्राथमिक उपचार उपरांत मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर किया गया है।
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