रतलाम
रतलाम जिले मे अवैध मादक पदार्थ तस्करो के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार (भा.पु.से.) के द्वारा सभी थाना प्रभारियो एवं चौकी प्रभारियो को निर्देशित किया गया । उक्त निर्देशो के पालन में रतलाम पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल व अनुविभागीय पुलिस अधिकारी जावरा संदीप मालवीय के मागर्दशन मे थाना प्रभारी रिंगनोद के नेतृत्व में चौकी प्रभारी माननखेडा उनि राजेश मालवीय द्वारा एक सफलता प्राप्त की गईपुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक मोटर सायकल रजिस्ट्रेशन नम्बर MP14 NG1255 से एक व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ अफीम लेकर जडवास के कच्चे रास्ते से आ रहा है। सूचना पर माननखेड़ा पुलिस चौकी के सामने फोरलेन रोड़ पर घेराबन्दी कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानो का पालन करते हुए
प्रभावी कार्यवाही कर मोटर सायकल पर सवार एक आरोपी से 3 किलो 150 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम जप्त कर आरोपी जितेन्द्र पिता विष्णु प्रसाद राठौर उम्र 32 साल नि. सरसोद थाना दलौदा जिला मन्दसौर, को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी से जप्तशुदा अफीम के संबंध मे पुछताछ की जा रही है गिरफ्तार आरोपी विष्णु प्रसाद राठौर साल नि. सरसोद थाना दलौदा जिला मन्दसौर जप्त मश्रुकाः – 3.15 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम कीमती करीब 06 लाख 30 हजार रूपये व एक मोटर सायकल रजिस्ट्रेशन नम्बर MP14 NG1255 कीमती 50 हजार रुपये की जप्त हुई है सराहनीय भूमिका – निरीक्षक आनन्द सिंह आजाद थाना प्रभारी थाना रिंगनोद, उप निरीक्षक राजेश मालवीय चौकी प्रभारी माननखेडा, प्रआर 658 हर्षवर्धनसिंह जगावत, आर. 801 घनश्याम कुमावत, आर.895 संतोष कुमार, 1156 अनिल डांगी, सै. 1149 सुरेश उपाध्याय, सै. 1058 जालमसिंह व सै.82 शांतिलाल बामनिया की सराहनीय भूमिका रही।
उज्जैन,
मध्यप्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट पारेषण प्रदर्शन किया है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन सिस्टम अवेलेबिलिटी (पारेषण प्रणाली उपलब्धता) हासिल की है, जो मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 99.47 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी के प्रदर्शन में भी सुधार करते हुए 2.52 प्रतिशत के साथ यह उपलब्धि हासिल की है।

इसी प्रकार कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.60 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस दर्ज किया, जबकि नियामक आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2.74 प्रतिशत था उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रांसमिशन यूटिलिटी के प्रदर्शन के मूल्यांकन में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी और ट्रांसमिशन लॉस दो सबसे महत्वपूर्ण मानक माने जाते हैं। इन दोनों प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।
रतलाम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को पूरी तरह माफ करने का फैसला किया है, जिसका संपूर्ण 3800 करोड़ रूपये का वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 17 हजार 59 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई, जिससे नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण और एमबीबीएस तथा पीजी सीटों में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त होगा।
बैठक में ग्रामीण विकास और वित्तीय सुधारों को गति देने के लिए ‘मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम’ तथा ‘मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम’ में संशोधन संबंधी अध्यादेशों के प्रारूपों को मंजूरी दी गई। वहां, स्कूली शिक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए सत्र 2026-27 में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त इंदौर जिला न्यायालय भवन के पुनरीक्षित लागत, बरगी जलाशय हादसे की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठन के निर्णय का अनुसमर्थन तथा 2 प्रमुख फिल्मों को एस.जी.एस.टी. से छूट देने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर मंत्रि-परिषद द्वारा मुहर लगाई गई। ये सभी निर्णय राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में स्वामित्व योजना में जिन भू-खण्डधारियों के अधिकार अभिलेख निर्मित किए गए हैं उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए इन निर्मित अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराया जाए। इसके लिए डीड ऑफ कन्वेयेंस का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा ताकि नागरिक आवश्यकतानुसार गृह निर्माण, व्यवसाय एवं कृषि संक्रियाओं आदि के लिए ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान के तहत कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इसमें 48.32 लाख निजी संम्पत्तियां शामिल है। अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टॉम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा, संपूर्ण व्यय राशि 3800 करोड़ रूपये का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।
मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उनकी आर्थिक उन्नति के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है। स्वामिव योजना में मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी में निवासरत नागरिकों को उनका वैधानिक अधिकार प्रदान करने के लिए अधिकार अभिलेखों का निर्माण ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए किया गया है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने, प्रक्रिया निर्धारण, समय-समय पर समीक्षा के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, आयुक्त/संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी, सदस्य होंगे एवं आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को संयोजित किया जा सकेगा।
योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना का विस्तृत परिपत्र एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण आदि जारी करने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।
मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध चिकित्सालय योजना की 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 14,363.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश के जन सामान्य को निशुल्क गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराये जाने एवं प्रदेश में चिकित्सा के लिए मानव संसाधन विकसित किये जाने के लिए 12 जिला मुख्यालयों पर चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों का संचालन राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है।
चिकित्सा महाविद्यालय में पी.जी. पाठ्यक्रम के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजना के लिए 657 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सीटों में वृद्धि होगी। इससे राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ जन सामान्य को सुदूर ग्रामीण अंचल से जिला स्तर तक चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए 1200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन ,सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय का भवन निर्माण किया जाएगा।
एमबीबीएस सीट्स में वृद्धि की योजना के लिए 838 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना में प्रदेश के संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में अधोसंरचना निर्माण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, पठन-पाठन एवं महाविद्यालयीन गतिविधियों के लिए आवश्यक उपकरण प्रदाय किये जा सकेंगे। इससे राष्ट्रीय मेडिकल काउंसिल से एमबीबीएस सीटों की वृद्धि की स्वीकृति मिल सकेगी
जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के पुनरीक्षित निर्माण कार्य की लागत राशि 411 करोड़ 1 लाख रूपये को पुनरीक्षित कर 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।
पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश प्रदाय करने का निर्णय
मंत्रि-परिषद ने शासकीय शालाओं में कक्षा पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 से निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया है। निविदा प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को अधिकृत किया गया है। शासकीय शालाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व 2 जोडी गणवेश प्रदाय किया जाना लक्षित है। इससे समय सीमा में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त गणवेश प्रदाय सुनिश्चित हो सकेगा।
“मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप को स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) के अधीन अध्यादेश प्रख्यापित किया जाएगा।
“मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम, 1981 की धारा 9(1) में संशोधन के लिए “मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप का अनुमोदन किया है। अध्यादेश को भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) अंतर्गत प्रख्यापन कराये जाने की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वर्तमान में राजस्व विभाग द्वारा संचालित स्वामित्व योजना के अंतर्गत, अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराये जाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति स्वामित्व अभिलेखों का व्यापक स्तर पर पंजीयन किये जाने के दृष्टिगत वित्तीय एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिनियम को अद्यतन किये जाने एवं शासकीय राजस्व के हितों का संरक्षण किया जा सकेगा।
“तन्वी द ग्रेट” और “शतकः संघ के 100 वर्ष” को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद ने राज्य शासन द्वारा अनुपम खेर द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, “तन्वी द ग्रेट” और आशीष मल्ल द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, “शतकः संघ के 100 वर्ष” के मध्यप्रदेश में प्रदर्शन पर एस.जी.एस.टी. से छूट देने के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। निर्णय अनुसार दोनों फिल्मों का मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए सिने-दर्शकों को उक्त राशि की छूट प्रदान की गई है। इसके लिए विभाग के 24 जुलाई 2025 और 3 मार्च 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया है।
बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक जाँच आयोग के गठन का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद द्वारा बरगी बांध, जबलपुर में 30 अप्रैल 2026 को क्रूज दुर्घटना के कारण हुई जनहानि की न्यायिक जाँच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने के संबंध में 10 मई 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।
रतलाम
जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्य 65 उपार्जन केंद्रो पर किया गया। 28 मई 2026 तक जिले के 25052 किसानों से कुल 1,71,641 टन गेहूं का उपार्जन किया गया। किसानों को लगभग 439.24 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
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