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पीएम सूर्य घर योजना में 1.33 लाख से ज्यादा सौर संयंत्र स्थापित ऊर्जा मंत्री श्री तोमर, जैविक हाट बाजार में 37950 रुपए से अधिक के जैविक उत्पादों का विक्रय, जहां-जहां कृष्ण लीलाएं हुईं, वहां-वहां भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बना रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव,

रतलाम 

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर नागरिकों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 33 हजार 121 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश में कुल 498.03 मेगावॉट सौर क्षमता विकसित की जा चुकी है। साथ ही हितग्राहियों को अब तक 942.19 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि इस योजना से परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भर बन रहे हैं। पीएम सूर्य घर योजना मध्यप्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और आमजन को आर्थिक राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अभियान के रूप में स्थापित हो रही है।

तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में उल्लेखनीय प्रगति

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी है। यहां 54 हजार 773 संयंत्र स्थापित किए गए। इससे 56 हजार 247 परिवारों को लाभ मिला है। क्षेत्र में 202.07 मेगावॉट क्षमता विकसित हुई है और 389.31 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी की गई है।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में अब तक 47 हजार 734 सौर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 50 हजार 323 परिवार लाभान्वित हुए हैं। कंपनी क्षेत्र में 185.09 मेगावॉट क्षमता के संयंत्र स्थापित हुए हैं तथा 339.28 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी जारी की गई है।

पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में 30 हजार 614 सौर संयंत्र स्थापित किए गए, जिनसे 30 हजार 899 परिवार लाभान्वित हुए हैं। कंपनी क्षेत्र में 110.87 मेगावॉट क्षमता के संयंत्र स्थापित हुए हैं तथा 213.60 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की गई है।

उपभोक्ताओं को मिल रहा सीधा लाभ

योजना के तहत 1 किलोवॉट सौर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवॉट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आ रही है और वे स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

प्रदेश सरकार और विद्युत वितरण कंपनियां योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयासरत हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिकृत वेंडरों के माध्यम से ही सौर संयंत्र स्थापित कराएं तथा सब्सिडी प्राप्ति के लिए बैंक खाते, आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम एक समान रखें।

रतलाम 

परियोजना संचालक आत्मा निर्भय सिंह नर्गेश ने बताया कि रविवार को जिले में आयोजित जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार में विभिन्न विकासखंडों से आए किसानों ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का विक्रय किया। हाट बाजार में कुल 7 जैविक कृषक अपने उत्पाद लेकर पहुंचे और उपभोक्ताओं ने उत्साहपूर्वक जैविक उत्पादों की खरीदारी की धामनोद से आए किसान चंद्रभानु द्वारा अनाज, दालें, सब्जियां,

फल, केसर आम एवं मूंगफली का 18000 रुपये का विक्रय किया गया। उमेश धाकड़ (बांगरोद) द्वारा घी एवं दूध 1000 रुपये का,  दिलीप धाकड़ सादा खेड़ी द्वारा शहद 5050 रुपए का, दिलीप पाटीदार (करिया) द्वारा देसी घी 10000 रुपये का, नर्सिंग कालजी पीपलघाटी  द्वारा जैविक सब्जियां 2000 रुपए का, तेजराम सांखला द्वारा जैविक सब्जियां एवं प्रवीण पाटिल रतलाम द्वारा जैविक सब्जियां का विक्रय किया गया जैविक हाट बाजार में कुल 37950 रुपये से अधिक के जैविक उत्पादों का विक्रय हुआ।

उज्जैन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा का पुण्य-प्रताप ऐसा है कि इसे सुनने मात्र से ही मनुष्य के दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं। भागवत कथा श्रवण से कष्टों का शमन होता है और पूरे संसार का कल्याण होता है। इस कथा का श्रवण मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ये समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं और सबके जीवन में सद्भाव एवं आत्मिक शांति का संचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म के मर्म एवं नैतिकता का भान कराती है। यह मनुष्य को उसके कर्तव्यों और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञानामृत है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में भागवत गीता कथा एक पवित्र माध्यम है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन जिले के ग्राम टंकारिया पंथ में एक से सात जून तक हुई श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कथा समापन समारोह में सहभागिता की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में नाना प्रकार के कष्ट थे, परंतु उन्होंने अपने कष्टों से इतर कुशासन (कंस) का अंत किया। वे सदैव धर्म मार्ग पर बने रहे। उन्होंने समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं से कहा कि वे गीता के संदेश को अपने जीवन में भी अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण ने लीलाएं कीं, वहां-वहां हमारी सरकार भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाने जा रही है।

उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के नारायणा गांव और धार जिले के अंका-झंका माताजी परिसर में भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाया जायेगा। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम टंकारिया पंथ से लेपड़ तक एवं इसी गांव से रानापुर फाटक तक पक्की सड़क बनाई जायेगी। यहां धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए भी राशि और गौशाला निर्माण के लिए अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली राखी में भी हमारी सरकार लाड़ली बहनों को शगुन के रूप में राशि भेजेगी, बुजुर्गों से कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों को हमारी सरकार तीर्थ यात्रा करायेगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागृति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सात दिवसीय भागवत् कथा के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संतजनों एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार हुआ है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करने में मददगार होते हैं। इस अवसर पर प्रसिद्ध श्रीमद्भागवत कथावाचक राकेश शर्मा ‘शास्त्री’,  मनोहर चौधरी, लीलाधर पटेल, जगदीश पटेल, सुदामा पटेल, सोहन पटेल,  कान्हा पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कथा समापन पर आयोजन समिति द्वारा भण्डारा भी कराया गया।

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