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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ रुपये से अधिक की वितरित की प्रोत्साहन राशि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम जिले की 247853 लाड़ली बहनों को 362651500 रूपये  अंतरित  किये, जावरा विधानसभा क्षेत्र में 9 चिकित्सकों की सौगात,2026 के दौरान 17 प्रकरणों में 44 आरोपी गिरफ्तार ₹2.83 करोड़ से अधिक का मशरूका जप्त,

उज्जैन,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार है। छोटे उद्योग करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। हमारा उद्देश्य वर्ष 2047 तक प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई स्थापित करने का है। सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्यम प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हर जिले में उद्योग, हर परिवार में रोजगार और हर युवा को अवसर देना राज्य सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। जिस प्रकार हर 12 वर्ष में सिंहस्थ स्नान का अवसर मिलता है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के सुशासन के 12 वर्ष से देशवासियों को अमृत स्नान का अवसर प्राप्त हुआ है। बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एमएसएमई क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से प्रोत्साहन राशि और हितलाभ वितरण के लिए आयोजित ‘समृद्ध एमएसएमई- विकसित मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्ट-अप प्रोत्साहन के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का औद्योगिक संगठनों ने किया अभिनंदन

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। साथ ही 31 मार्च 2026 तक की समस्त देयताओं का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6 ईटीपी निर्मित करने वाली इकाइयों को दो करोड़ 02 लाख की रुपये सहायता, विशेष पैकेज के तहत इकाइयों को एक करोड़ 07 लाख रुपये मण्डीशुल्क की प्रतिपूर्ति और 11 इकाईयों का विद्युत टैरिफ रुपए तीन करोड़ 69 लाख रुपये का वितरण सिंगल क्लिक से किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण राशि, भू-आवंटन पत्रक तथा स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का वितरण भी किया। विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा, अलाना ग्रुप के संस्थापक सुश्री राशि बहल मेहरा और उद्यमी श्री कुणाल ज्ञानी ने मध्यप्रदेश में उद्यम स्थापित करने के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल सरवैया तथा उद्यमी श्रीमती प्रतिभा यादव, डॉ. सुरेश दुबे, श्री दिनेश चंदवानी, श्री यशराज वर्मा से संवाद भी किया।

 

24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में सवा करोड़ से अधिक लोगों को मिला रोजगार

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता और नवाचारों में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश में 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में सवा करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसमें 4 लाख 41 हजार से अधिक इकाइयों की कमान बहनें संभाल रही हैं, यह महिला सशक्तिकरण का उदाहरण भी है। आगामी ढाई वर्षों में 4 हजार 500 करोड़ रुपये देकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूती देने का लक्ष्य है। एमएसएमई विकास, नीति उद्यमियों को मजबूती प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत निवेश पर 40 प्रतिशत, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को 60 प्रतिशत तक प्रोत्साहन तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला उद्यमियों को 8 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा रही है।

 

एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराने के लिए नियमों को सरल किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 30 नए औद्योगिक क्षेत्र और 14 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 1 हजार 63 भूखंड, उद्यमियों को आवंटित किए जा चुके है। आने वाले ढाई वर्षों में 60 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर विकसित करने और 6 हजार से अधिक भू-खंड नए उद्यमियों को देने का लक्ष्य है। सरकार द्वारा दी जा रही सहायता केवलू अनुदान नहीं, बल्कि उद्यमियों के सपनों को गति देने का माध्यम है। इससे नए उद्योग स्थापित होंगे, उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को इससे नए अवसर प्राप्त होंगे। मध्यप्रदेश के उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। सरकार तकनीक, वित्त और आवश्यक मार्गदर्शन देकर स्थानीय उद्यमों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

स्टार्ट-अप रैंकिंग में मध्यप्रदेश को “लीडर” श्रेणी का सम्मान मिला

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के स्टार्टअप आज देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 7 हजार 400 से अधिक हो चुकी है, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत 3 हजार 400 से अधिक स्टार्ट-अप्स का नेतृत्व हमारी बहनें कर रही हैं। स्टार्ट-अप्स के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ के तहत पिछले ढाई वर्षों में 23 हजार 500 से अधिक युवाओं को 1 हजार 630 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। स्टार्टअप रैंकिंग में मध्यप्रदेश को “लीडर” श्रेणी का सम्मान मिला है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक इंक्यूबेशन सेंटर हो। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में सब्सिडी युक्त ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस तैयार किए जाएंगे।

 

राज्य शासन की हैंडहोल्डिंग नीतियों से प्रदेश के युवा उद्यमी वैश्विक स्तर पर बना रहे हैं पहचान

 

सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को औद्योगिक विकास में आगे रखने के लिए अनथक परिश्रम किया है। वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में सभी वर्ग के उद्यमियों के साथ संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रदेश की जीडीपी में कृषि की 40 प्रतिशत और उद्योगों की हिस्सेदारी मात्र 19 प्रतिशत थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे बदलने का संकल्प लिया है, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश बदल रहा है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। राज्य शासन की हैंडहोल्डिंग नीतियों के परिणाम स्वरूप प्रदेश के युवा उद्यमी राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

 

प्रदेश की सभी विधानसभाओं में कम से कम एक एमएसएमाई सेंटर किया जायेगा विकसित

 

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग श्री राघवेंद्र सिंह ने पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में निवेश सहायता के रूप में 6 हजार 136 एसएसएमई उद्यमियों को 3 हजार 723 करोड़ राशि दी गई है। उसके पहले के ढाई साल में केवल 1245 करोड़ की राशि प्रदान की गई थी। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति तीव्र, पारदर्शी और उद्योग अनुकूल है। पिछले एक वर्ष में उद्यमियों को 1000 से अधिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। प्रदेश में 44 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर प्रस्तावित हैं। अगले ढाई साल में राज्य में 30 नए क्लस्टर और 20 नई कॉमन फैसिलिटी विकसित की जाएगी। अगले ढाई से तीन वर्षों में उद्योगों को 5000 नए भूखंड आवंटित होंगे। सरकार की मंशा है कि प्रदेश की सभी विधानसभाओं में कम से कम एक एमएसएमाई सेंटर विकसित किया जायेगा। इसके लिए अब तक 76 विधानसभाओं में स्थान चिह्नित किए गए हैं।

 

राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ कर रही है उद्यमियों की सहायता

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों तथा उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पिछले ढाई साल में औद्योगिक विकास को तेज गति प्रदान की है। राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ उद्यमियों की सहायता कर रही है। सरकार की दूरदृष्टि उद्यमियों के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं। स्टार्टअप अलाना की संस्थापक सुश्री राशी बहल मेहरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश से शुरू हुए अलाना लिप केयर ब्रांड की पहचान बनाना आसान नहीं था, आज हमारा ग्रुप देश-विदेश में अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई कर रहा है। राज्य सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। मध्यप्रदेश अब वुमन लेड बिजनेस का सेंटर बन रहा है।

 

भोपाल में फोम बनाने की यूनिट से शुरूआत की, अब यूके में लगा रहे हैं औद्योगिक इकाई

 

सारवा फोम इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक श्री कुणाल ज्ञानी ने कहा कि हमने भोपाल में फोम बनाने की एक छोटी यूनिट से शुरूआत की थी। आज देश के 5 राज्यों में हमारी ईकाइयां हैं और अब यूके में भी एक इकाई खुलने जा रही है। मध्यप्रदेश में उद्योग संचालन की लागत सबसे कम है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किए हितलाभ वितरित

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत इन्दौर के रवि बोबड़े तथा श्रीमती रेखा वर्मा और भोपाल के सुधीर कुमार शर्मा व मोहम्मद शिफर को ऋण राशि के चैक प्रदाय किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी की जयश्री रैकवार, कटनी की भारती चौधरी व श्री रामप्रसाद लड़िया और अनूपपुर के श्री नागेश सिंह नरवरिया को भूमि आंवटन के लिए आशय पत्र प्रदान किए। निवाड़ी के श्री सागर जामरा को भूमि आवंटन आदेश प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति-2025 के अंतर्गत ऐरी राइड्स प्रायवेट लिमिटेड इंदौर की संस्थापक सुश्री आरती मतानी, ग्लाफिक्स इंडस्ट्रीज प्रायवेट लिमिटेड भोपाल के श्री अरिहंत आर्या, कोनार्क एग्रो. सोल्युशन्स भोपाल के श्री सौरभ गोस्वामी और सर्विस जेट प्राइवेट. लिमिटेड भोपाल के श्री दिनेश चांदवानी को सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, बैंकिंग संस्थानों के पदाधिकारी, निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक, युवा उद्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रतलाम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आज सागर जिले के ग्राम केसली में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत लाड़ली बहनों को 1500 प्रति बहन की दर से 36 वी किस्त राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया गया।लाडली बहना योजना अंतर्गत रतलाम जिले की 247853 लाड़ली बहनों को

362651500 रुपये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किये गये इस अवसर पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट प्रसारित किया गया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से जिला स्तर पर महिला एवं बाल विकास कार्यालय में एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों पर किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लाड़ली बहना हितग्राही महिलाएँ उपस्थित थी।

रतलाम

जावरा विधानसभा क्षेत्र में विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय के प्रयासों से स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरन्तर सफलता मिलती जा रही है। इन्ही प्रयासों के चलते जावरा विधानसभा क्षेत्र में 9 चिकित्सकों की नियुक्ति हुई है। इस सौगात से क्षेत्र में हर्ष है।  सिविल हॉस्पिटल जावरा प्रभारी डॉ दीपक पालड़ीया, सीबीएमओ जावरा डाॅ शंकरलाल खराड़ी, डाॅ पवन पाटीदार सीबीएमओ पिपलौदा, प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने जानकारी देते हुए बताया कि जावरा विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में स्वास्थ्य विभाग भोपाल द्वारा जारी डाक्टरों की नियुक्ति आदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री  राजेंद्र शुक्ला ने जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय की अनुशंसा पर 9 चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश जारी किये । जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय लंबे समय से चिकित्सको की पद स्थापना के लिए प्रयत्नशील होकर मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के निरंतर सम्पर्क में थे। उसी के परिणाम स्वरूप 9 चिकित्सको की नियुक्ति आदेश जावरा विधानसभा में हुए।विधायक डॉ पांडेय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संवेदनशील रहकर निरंतर स्वास्थ्य सेवाओ के विस्तार के लिए प्राथमिकता से प्रयास कर रहे है। इन्ही प्रयासों के फलस्वरूप पिपलौदा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सिविल हॉस्पिटल उन्नयन, रिंगनोद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जावरा में ब्लाक मेडिकल यूनिट के अलावा डेढ़ दर्जन  उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति मिल पाई। विधायक डॉ पांडेय ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सदैव प्राथमिकता दी है। विधानसभा क्षेत्र के चिकित्सालयो में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए लंबे समय समय से प्रयास किये जा रहे है। बीते दिनों उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने विधायक डॉ पांडेय को चिकित्सको की पदपूर्ति के लिए आश्वस्त किया था।उसी अनुसार लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पदस्थापना सूची में विधानसभा क्षेत्र को 9 चिकित्सक की नियुक्ति की गई। जिसमें  पिपलौदा सिविल हॉस्पिटल में डाॅ राज खराड़ी, डाॅ सोनिया डामोर, डाॅ मनीष परमार, डाॅ मयंक सिसोदिया, जावरा सिविल हॉस्पिटल में डाॅ भूमिका शर्मा, ढोढर में डाॅ शीतल चौहान, सुखेडा में डाॅ वर्षा जाट, कालूखेड़ा में डाॅ वीरेंद्र डोडियार एवं पंचेवा में डाॅ आर्या नीमा की नियुक्ति हुई है। विधायक डाॅ पांडेय के प्रयासों से चिकित्सको की नियुक्तियों से आमजन में हर्ष व्याप्त है।

रतलाम

पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मादक पदार्थों के क्रय-विक्रय, निर्माण एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसडीओपी जावरा (ग्रामीण) संदीप मालवीय के नेतृत्व में जावरा ग्रामीण अनुभाग की पुलिस ने वर्ष 2026 में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। दिनांक 01 जनवरी 2026 से अब तक अनुभाग अंतर्गत विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के कुल 17 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में लाया गया है। इस अवधि में पुलिस ने न केवल बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए, बल्कि संगठित तस्करी नेटवर्क पर भी प्रभावी प्रहार किया। अवैध एमडी फैक्ट्री का हुआ भंडाफोड़– अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में थाना पिपलोदा अंतर्गत ग्राम बोरखेड़ा स्थित अवैध एमडी (MD) ड्रग निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ शामिल है। इस कार्रवाई से सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध निर्माण एवं सप्लाई नेटवर्क पर करारा प्रहार हुआ तथा अभी तक 07 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।अभियान के दौरान प्रमुख जब्ती– रतलाम पुलिस द्वारा जावरा ग्रामीण अनुभाग में की गई कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित अवैध मादक पदार्थ एवं सामग्री जप्त की गई— ▪️562 किलोग्राम डोडाचूरा ▪️03 किलोग्राम 150 ग्राम अफीम ▪️01 किलोग्राम 850 ग्राम एमडी (MD) ▪️100 ग्राम ब्राउन शुगर
▪️एमडी निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न रासायनिक केमिकल एवं उपकरण इन मादक पदार्थों एवं संबंधित सामग्री की अनुमानित कुल कीमत ₹2 करोड़ 19 लाख 67 हजार आंकी गई है। तस्करी में प्रयुक्त 14 वाहन भी जब्त– कार्रवाइयों के दौरान अवैध मादक पदार्थों के परिवहन एवं तस्करी में प्रयुक्त 14 वाहनों को भी पुलिस द्वारा जप्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹63 लाख 80 हजार है। इस प्रकार अभियान के दौरान कुल ₹2 करोड़ 83 लाख 47 हजार मूल्य का मशरूका जप्त किया गया है।SAFEMA एवं PIT-NDPS के तहत भी प्रभावी कार्रवाई– रतलाम पुलिस ने केवल गिरफ्तारी और जब्ती तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अभियान के दौरान 02 आरोपियों के विरुद्ध SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग ₹15.50 करोड़ मूल्य की संपत्ति सक्षम न्यायालय द्वारा अटैच कराई गई। इसके अतिरिक्त, समाज के लिए गंभीर खतरा बने 03 आरोपियों के विरुद्ध PIT-NDPS Act के तहत निरोधात्मक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया, जिससे संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। अभियान रहेगा निरंतर जारी– पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के निर्देशन में पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य कर रही है। संगठित तस्करी नेटवर्क, सप्लाई चेन एवं इससे जुड़े अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। आमजन से भी अपील की गई है कि मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समाज को नशामुक्त एवं सुरक्षित बनाया जा सके।

 

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