रतलाम
सायबर अपराधियों द्वारा आमजन को ठगी का शिकार बनाने हेतु लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन में साइबर सेल रतलाम द्वारा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने हेतु लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है।
इसी क्रम में आमजन को सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जा रही साइबर ठगी के प्रति सतर्क किया जा रहा है। साइबर अपराधी पहले सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या डेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उनसे दोस्ती करते हैं और धीरे-धीरे भावनात्मक संबंध बनाकर उनका विश्वास जीत लेते हैं।
कैसे होती है यह साइबर ठगी सायबर ठग व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में सामान्य बातचीत कर दोस्ती की जाती है और लंबे समय तक संपर्क में रहकर विश्वास बनाया जाता है। कई मामलों में आरोपी स्वयं को विदेशी नागरिक, बिजनेस मैन, निवेश सलाहकार या सफल ट्रेडर बताकर भरोसा जीतते हैं विश्वास बनने के बाद आरोपी पीड़ित को ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी, शेयर मार्केट या अन्य निवेश योजनाओं में कम समय में अधिक लाभ का लालच देते हैं। इसके लिए नकली मोबाइल ऐप, फर्जी वेबसाइट या फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है। शुरुआत में छोटी राशि निवेश करवाई जाती है और नकली मुनाफा दिखाकर पीड़ित का विश्वास बढ़ाया जाता है जब पीड़ित को अधिक लाभ दिखाई देने लगता है तो वह बड़ी रकम निवेश कर देता है। इसके बाद साइबर अपराधी अचानक संपर्क समाप्त कर देते हैं, वेबसाइट बंद कर देते हैं या पैसा निकालने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांगते हैं। इस प्रकार पीड़ित अपनी जमा पूंजी गंवा बैठता है साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले सामान्य तरीके सोशल मीडिया पर आकर्षक एवं फर्जी प्रोफाइल बनाना दोस्ती या प्रेम संबंध का दिखावा कर विश्वास जीतना कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देना फर्जी निवेश ऐप एवं वेबसाइट लिंक भेजना शुरुआत में नकली लाभ दिखाकर भरोसा बढ़ाना बड़ी राशि निवेश करवाने के बाद संपर्क समाप्त कर देना सायबर ठगी से बचने हेतु सावधानियां सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से अत्यधिक व्यक्तिगत बातचीत करने से बचें किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश न करें कम समय में ज्यादा मुनाफा” देने वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता एवं सेबी (SEBI) रजिस्ट्रेशन अवश्य जांचें व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर भेजे गए निवेश लिंक पर क्लिक न करें केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें अनजान लोगों को अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश से पूर्व परिवारजनों या विशेषज्ञों से सलाह अवश्य लें यदि आप साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत करें तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें नजदीकी साइबर सेल अथवा पुलिस थाना में संपर्क करें संबंधित बैंक को तुरंत सूचित कर खाते को सुरक्षित करवाएं।
रतलाम
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रामनिवास बुधौलिया के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पुलिस विभाग बाजना द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम गाड़ीकटरा कला में बाल विवाह रुकवाया गया। 112 पर बाल विवाह की सूचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी बाजना मनीष डावर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया गठित टीम में परियोजना अधिकारी एहतेशाम अंसारी, पर्यवेक्षक रजनी मइड़ा, ब्लॉक समन्वयक सुल्तान गरवाल, महिला आरक्षक सपना पाल, मोहित भूरिया एवं प्रधान आरक्षक शामिल थे टीम विवाह स्थल ग्राम गाड़ीकटरा कला पहुंची, जहां प्राप्त शिकायत के अनुसार कुमारी अंजू पिता लालू मइड़ा निवासी गाड़ीकटरा कला का विवाह हीरालाल पिता कालू देवड़ा निवासी मनासा के साथ होना प्रस्तावित था।उस समय विवाह की तैयारियां चल रही थीं तथा बारात भी पहुंच चुकी थी टीम के पहुंचने पर दोनों पक्षों से जन्म संबंधी दस्तावेज मांगे गए,

लेकिन दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए काफी प्रयासों के बाद भी संबंधित पक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद परियोजना अधिकारी के निर्देश पर ग्राम की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सावित्री मईड़ा को सर्वे पंजी के साथ विवाह स्थल पर बुलाया गया। सर्वे पंजी में दर्ज परिवार विवरण के आधार पर जांच में बालिका का जन्म वर्ष 2009 पाया गया, जिससे उसकी आयु लगभग 16 वर्ष 6 माह होना पाया गया टीम द्वारा दोनों परिवारों को बाल विवाह से संबंधित कानून, सजा एवं जुर्माने की जानकारी दी गई। समझाइश के बाद परिवार ने बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह कराने की सहमति देते हुए कथन दिए। इसके बाद टीम की मौजूदगी में बारात को वापस रवाना किया गया।

रतलाम
रतलाम में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार 12 मार्च को रतलाम नाका जावरा स्थित सांवरिया जूस सेंटर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योति बघेल ने निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान संचालक दिनेश सैनी द्वारा आम रस, गन्ने का रस एवं पाइनएप्पल रस बनाकर विक्रय करते पाया गया। मौके पर आम रस और गन्ने के रस के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत जांच हेतु लिए गए अधिकारी द्वारा दुकान पर साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य रजिस्ट्रेशन प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए। लिए गए नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रतलाम
वर्तमान में तापमान में बढ़ोतरी परिलक्षित होने पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीष सिंह ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। डॉ सिंह ने बताया कि अत्यधिक गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिए, भले ही आपको प्यास न लगी हो। यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ रखें। ओआरएस का उपयोग करें और अपने घर के बने पेय जैसे नींबू पानी, छाछ, लस्सी, फलों के रस में थोड़ा नमक मिलाकर पिए। उच्च जल सामग्री वाले मौसमी फल और सब्जियां खाएं जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर अनानास , ककड़ी, खीरा और सलाद पत्ते का उपयोग करें। ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहने। सीधे धूप के संपर्क में आने पर अपने सर को ढकने के लिए छाता, टोपी, तोलिया या अन्य पारंपरिक कपड़ों का उपयोग करें। धूप में बाहर निकलते समय जूते या चप्पल पहने। हवादार और ठंडी जगह पर रहे, दिन के दौरान खिड़कियां और पर्दे बंद रखें रात के समय में ठंडी हवा आने देने के लिए उन्हें खोल दें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो अपनी बाहरी गतिविधियों को सुबह और शाम सीमित रखें। दोपहर 12ः00 से 3ः00 तक धूप में बाहर निकलने से बचे। दोपहर में बाहर होने पर भारी मेहनत वाले काम ना करें। खाना पकाने के क्षेत्र को हवादार रखने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खोलें। शराब ,चाय ,कॉफी और अत्यधिक चीनी वाले कोल्ड ड्रिंक से बचे, यह शरीर से तरल पदार्थ कम करते हैं और पेट में मरोड़ पैदा कर सकते हैं। अधिक प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी खाना ना खाएं। बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में ना छोड़े वाहन के अंदर का तापमान खतरनाक हो सकता है। उच्च बाहरी या इनडोर तापमान के संपर्क में आने से हीट स्ट्रेस उत्पन्न हो सकता है, जो सीधे और परोक्ष रूप से हीट संबंधित बीमारियों का कारण बनता है। गर्मी के कारण चक्कर या बेहोशी अत्यधिक प्यास, मतली उलटी, सर दर्द, पेशाब कम होना और असामान्य रूप से गहरा पीला पेशाब होना लक्षण हो सकते हैं, इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर किसी ठंडी जगह पर विश्राम करें और ओआरएस पिए, आवश्यक होने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराए।
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