रतलाम
खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच एवं आमजन को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा रतलाम शहर में बाहर से आने वाले दूध की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री गुप्ता द्वारा दूध से भरी गाड़ियों को रोककर मौके पर ही रैपिड टेस्ट किट के माध्यम से दूध की जांच की गई। जांच के दौरान दूध में यूरिया, सुक्रोज, माल्टोज, नमक एवं स्टार्च सहित विभिन्न प्रकार की मिलावट की जांच की गई। रैपिड टेस्ट किट के माध्यम से मौके पर ही जांच की गई तथा सभी जांचे गए दूध के नमूने निर्धारित मानक स्तर के पाए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जांच के दौरान लिए गए दूध के नमूनों में उक्त मिलावट नहीं पाई गई।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री गुप्ता ने बताया कि रैपिड टेस्ट किट के माध्यम से दूध में मिलावट की प्राथमिक जांच बहुत कम समय में मौके पर ही की जा सकती है। इस किट की सहायता से लगभग दो मिनट में दूध में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च, सुक्रोज, नमक एवं शक्कर जैसी मिलावट की जांच की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि आम नागरिक भी इस प्रकार की रैपिड टेस्ट किट का उपयोग कर घर पर दूध की प्राथमिक जांच कर सकते हैं। यह किट बाजार में उपलब्ध है।

रतलाम
गैस एजेंसी प्रबंधक तथा प्रोपराइटर के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत ग्राम रानीसिंग के ग्रामवासियों द्वारा लिखित शिकायत पत्र के आधार पर कलेक्टर अजय कटेसरिया के आदेशानुसार 01 सितंबर 2026 को जिला आपूर्ति अधिकारी, नापतौल निरीक्षक और सहायक आपूर्ति अधिकारी (रतलाम ग्रामीण) के संयुक्त दल द्वारा अंजना इण्डेन ग्रामीण वितरक, ग्राम पलाश की जांच की गई। जांच के दौरान गैस एजेंसी में कई अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन पाया गया।

जांच के दौरान गैस एजेंसी के ऑफिस के पास बिना विस्फोटक लाइसेंस वाले 02 कमरों व खुले परिसर में अनाधिकृत रूप से रखे 14.2 किलोग्राम के 50 भरे एवं 103 खाली गैस सिलेण्डर, 19 किलोग्राम कमर्शियल के 06 भरे व 02 खाली गैस सिलेण्डर तथा 05 किलोग्राम के 19 भरे व 12 खाली गैस सिलेण्डर पाए गए। सभी अनाधिकृत सिलेंडरों को मौके पर जप्त कर सुपुर्दगी में लिया गया एवं अधिकृत गोदाम में रखने के निर्देश दिए गए।

नापतौल (विधिक मापविज्ञान) विभाग द्वारा मौके पर रखे भरे गैस सिलेंडरों में से 10 गैस सिलेण्डरों के वजन की जांच की गई। जांच में 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले 01 सिलेंडर में तय मानक से 1 किलो 100 ग्राम गैस कम पाई गई। इस सिलेंडर को जप्त कर एजेंसी के खिलाफ विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 एवं नियमावली- 2011 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, स्टॉक-भाव सूची (रेट बोर्ड) एवं उपभोक्ता विवरण रजिस्टर प्रदर्शित/उपलब्ध नहीं पाया गया। दैनिक क्रय-विक्रय, भंडारण एवं डिलीवरी का आवश्यक लेखा-जोखा भी नहीं रखा गया था। इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण का सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं था तथा जांच के लिए आवश्यक बाट भी उपलब्ध नहीं पाए गए।

अंजना इण्डेन ग्रामीण वितरक ग्राम पलाश तहसील रतलाम ग्रामीण के प्रबंधक/कर्मचारी कृष्णपाल सिंह पंवार तथा प्रोपराइटर श्रीमती अंजना राठौर के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा नापतौल निरीक्षक द्वारा विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 एवं नियमावली- 2011 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
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