रतलाम
उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन ने बी.एड. सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए समय सारणी जारी की है। यह प्रवेश ऑनलाइन के माध्यम से होंगे। बी.एड. प्रवेश के लिए कुल तीन चरण होंगे। प्रवेश हेतु इच्छुक विद्यार्थी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से एमपी ऑनलाइन पर अपना आवेदन कर सकते हैं। बी.एड में प्रवेश के लिये सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए स्नातक/स्नातकोत्तर में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों को नियमानुसार 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी जिनका स्नातक अंतिम वर्ष का परिणाम अभी शेष है, वे अपने प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के अंकों के आधार पर ऑनलाइन पंजीयन करते हुए प्रावधिक प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। यह जानकारी देते हुऐ राॅयल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, रतलाम की शिक्षा संकाय की प्राचार्य डाॅ. आर.के. अरोरा ने बताया कि, प्रवेश प्रक्रिया निम्नानुसार रहेगी- प्रथम चरण की समय सारणी – इस चरण में ऑनलाइन पंजीयन व कॉलेज चॉइस फीलिंग दिनांक 14 मई 2026 तक होगी, जिसके दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 15 मई है। इस चरण में मेरिट सूची 18 मई को प्रकाशित होगी और सीट आवंटन 20 मई 2026 को जारी किया जाएगा। आवंटित विद्यार्थियों को 20 मई से 25 मई तक हेल्प सेंटर पर दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा और 20 मई से 26 मई 2026 तक प्रवेश शुल्क जमा कर अपना प्रवेश सुनिश्चित करना होगा। द्वितीय चरण की समय सारणी – इस चरण में ऑनलाइन पंजीयन दिनांक 28 मई से 03 जून 2026 तक होंगेे, जिसके दस्तावेजों का सत्यापन 29 मई से 04 जून 2026 तक किया जाएगा। इस चरण में मेरिट सूची 07 जून को आएगी और सीट आवंटन 09 जून 2026 को जारी होगा। इस चरण के विद्यार्थियों को हेल्प सेंटर पर सत्यापन 09 जून से 12 जून तक और प्रवेश शुल्क का भुगतान 09 जून से 13 जून 2026 तक करना अनिवार्य होगा। तृतीय चरण की समय सारणी – इस चरण में ऑनलाइन पंजीयन दिनांक 15 जून 2026 से 19 जून तक होंगे, जिसके दस्तावेजों का सत्यापन 16 जून से 20 जून तक और मेरिट सूची का प्रकाशन 22 जून 2026 तक किया जाएगा। इस चरण में सीट आवंटन 25 जून 2026 को जारी किया जाएगा, जिसके पश्चात हेल्प सेंटर पर भौतिक सत्यापन 24 जून से 29 जून तक तथा प्रवेश शुल्क का भुगतान 25 जून से 30 जून 2026 तक किया जा सकेगा। रॉयल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आर.के. अरोरा ने सभी विद्यार्थियों को सलाह दी है कि, उपरोक्त प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण में प्रथम वरीयता के आधार पर आवेदकों को सीट आवंटित होने के उपरान्त आवेदक द्वारा प्रवेश नहीं लेने या प्रवेश लेकर निरस्त कराने की स्थिति में ऐसे आवेदकों को घोषित समय सारणी अनुसार आगामी चरणों की प्रवेश प्रक्रिया में ज्वाइस फिलिंग के अवसर से पृथक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि, अभ्यर्थी निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही अपनी ऑनलाइन और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण करें। महाविद्यालय आवंटन के उपरांत विद्यार्थियों को अपने मूल दस्तावेजों, जिसमें मूल टी.सी. तथा माइग्रेशन प्रमाण-पत्र शामिल हैं, के साथ हेल्प सेंटर पर उपस्थित होना अनिवार्य है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रवेश शुल्क की लिंक सक्रिय की जाएगी और निर्धारित अवधि में शुल्क जमा न करने पर प्रवेश मान्य नहीं होगा।
उज्जैन,
जिला उज्जैन में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक, अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध लगातार सघन जाँच एवं कार्यवाही की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल के निर्देशन में गठित विशेष जाँच दल द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकें। 10 एवं 11 मई 2026 को विभाग द्वारा गठित जाँच दल ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। कुल 38 स्थानों पर जाँच की गई, जिनमें केवल 8 पंजीकृत पाए गए, जबकि 30 अपंजीकृत (अवैध) संस्थान पाए गए। निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्य संस्थान बिना वैध पंजीयन, आवश्यक अनुमति एवं निर्धारित मापदंडों के विरुद्ध संचालित पाए गए। इन संस्थानों द्वारा मध्यप्रदेश उपचार्य गृह तथा रजोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम 1973 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया, जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए अवैध अस्पतालों एवं क्लिनिक संचालकों को नोटिस जारी किए गए। कई संस्थानों को सील भी किया गया। आवश्यकता अनुसार दस्तावेज जाँच, पंजीयन सत्यापन एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने आमजन से अपील की है कि उपचार हेतु केवल पंजीकृत एवं अधिकृत अस्पतालों एवं क्लिनिकों में ही जाएँ। किसी भी अवैध स्वास्थ्य संस्थान की जानकारी मिलने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

रतलाम
कलेक्टर कार्यालय में आज मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर मिशा सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन ने आवेदकों को सुना एवं आवेदको से आवेदन प्राप्त किए। आज जनसुनवाई में 151 आवेदन प्राप्त हुए। निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही उपस्थित विभागीय अधिकारियों से निराकरण करवाया गया एवं शेष आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया।

जनसुनवाई में रमेश पिता रामकिशन निवासी मोतीनगर रतलाम ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास बनवाने हेतु आवास योजना की दूसरी किस्त देने के संबंध में आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु आयुक्त नगर निगम को निर्देशित किया गया। आवेदिका मंजु निवासी दीनदयाल नगर रतलाम ने बताया कि वह किराए के मकान में रहती है। उनके पति का स्वर्गवास हो गया है तथा पुत्र भी शारीरिक रूप से अपंग है। आवास के लिए भूमि का पट्टा एवं देेने के संबंध में आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु आयुक्त नगर निगम को निर्देशित किया गया।

आवेदक बंटी पिता गोपाल मकवाना निवासी ग्राम ईसरथुनी ने कृषि भूमि की भू-पुस्तिका में पिता का नाम चढवाने के लिए आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु तहसीलदार रतलाम को निर्देशित किया गया। आवेदिका नसरिन पति मुजफ्फर निवासी नयापुरा हाट की चौकी ने आवेदन दिया कि उनके परिवार के समस्त सदस्य राशन मित्र पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे है, आवेदक ने परिवार के सभी सदस्यों के नाम प्रदर्शित करवाने की कार्यवाही हेतु आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया। आवेदिका कौशल्या पति किशोर निवासी वार्ड न. 21 रतलाम ने बताया कि दुर्घटना में उनका हाथ कट गया, परिवार का पालन पोषण करने वाला कोई नही है। परिवार के पालन पोषण के लिए आर्थिक सहायता हेतु आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया।

रतलाम
जनगणना कार्य निदेशालय भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना 2027 अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक जिले में किया जा रहा है। राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को निर्धारित अवधि में अनिवार्य रूप से संपादित किए जाने हेतु अधिकारियों द्वारा जिले में निरीक्षण किया जा रहा है। चार्ज अधिकारियों द्वारा अपने अपने क्षेत्र में निरीक्षण कर काम को देखा जा रहा है । निरीक्षण के दौरान चार्ज अधिकारियों ने प्रगणकों, सुपरवाइजर एवं फील्ड ट्रेनर्स द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली एवं नागरिकों को जनगणना के लिए प्रगणकों को सही-सही जानकारी देने के लिए जागरूक किया। चार्ज अधिकारियों ने प्रगणकों को त्रुटि रहित कार्य करने के लिए लिए निर्देशित किया।

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